अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मामूली सुधार के बाद डॉलर इंडेक्स 99 के स्तर के आसपास कंसोलिडेट हो रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा लॉन्ग-एंड बॉन्ड बायबैक कार्यक्रम का दायरा बढ़ाने की घोषणा के बाद बाजार में यह स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि, डीबीएस के अर्थशास्त्री चांग वेई लियांग का विश्लेषण है कि वित्तीय नीतियों में व्यापक बदलाव के बिना बॉन्ड बायबैक में समायोजन का बाजार पर असर केवल अल्पकालिक और सीमित रहेगा। इसके साथ ही, आने वाले दिनों में ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध सख्त होने की आशंका से मुद्रास्फीति की उम्मीदें बढ़ सकती हैं, जिससे डॉलर और बॉन्ड यील्ड दोनों को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
ट्रेजरी की लिक्विडिटी योजनाएं और वित्तीय सीमाएं
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपनी नियमित समय-सारणी से अलग हटकर बुधवार को 12:32 GMT पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की थी। इसके तहत 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की परिपक्वता वाले बॉन्ड सेक्टर में लिक्विडिटी सहायता बायबैक परिचालन को दोगुना करने का निर्णय लिया गया। पहले प्रति परिचालन अधिकतम सीमा $2 बिलियन थी, जिसे बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक जारी रहेगी।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से बॉन्ड बाजार में तरलता तो बढ़ेगी लेकिन इसका व्यापक अर्थव्यवस्था पर टिकाऊ असर सीमित ही रहेगा। डीबीएस के अर्थशास्त्री चांग वेई लियांग ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी बजट का निर्धारण कांग्रेस द्वारा किया जाता है न कि ट्रेजरी विभाग द्वारा। ऐसे में जब तक अमेरिका के समग्र वित्तीय प्रक्षेपवक्र (fiscal trajectory) में बुनियादी बदलाव नहीं आता, तब तक बायबैक में किए गए बदलावों का वित्तीय परिसंपत्तियों पर असर बहुत छोटा और क्षणिक ही होगा।
भू-राजनीतिक जोखिम और मुद्रास्फीति की नई आशंकाएं
मुद्रा बाजार के लिए दूसरा सबसे महत्वपूर्ण कारक भू-राजनीतिक तनाव है। सोमवार को अमेरिका द्वारा ईरान पर नए और सख्त प्रतिबंधों की घोषणा किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। इस निर्णय के कुछ अप्रत्यक्ष परिणाम देखने को मिल सकते हैं। कच्चे तेल और आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट की आशंका से वैश्विक मुद्रास्फीति दर बढ़ने का जोखिम पैदा हो सकता है।
यदि मुद्रास्फीति की उम्मीदें दोबारा बढ़ती हैं, तो इससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी होगी। यील्ड में इजाफा सीधे तौर पर USD की मांग को बढ़ा सकता है। इसलिए निवेशक आगामी सप्ताह में वॉशिंगटन की तरफ से आने वाले आधिकारिक बयानों पर नजर बनाए हुए हैं।
फॉरेक्स और कमोडिटी बाजारों पर असर
डॉलर में नरमी और यील्ड के उतार-चढ़ाव का असर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा और कमोडिटी बाजारों पर साफ दिख रहा है। यूरोपीय कारोबारी सत्र में GBP/USD की जोड़ी कमजोर यूके रिटेल सेल्स आंकड़ों के बावजूद 1.3650 के आसपास मजबूती के साथ टिकी हुई है। ट्रेजरी की ओर से लॉन्ग-टर्म बॉन्ड खरीदारी की घोषणा के बाद डॉलर में आई सुस्ती ने पाउंड को सहारा दिया है।
इसी तरह EUR/USD की जोड़ी जर्मनी के मिले-जुले PMI आंकड़ों के बावजूद 1.1700 के स्तर पर अपनी साप्ताहिक बढ़त को बनाए हुए है। निवेशक अब यूरोजोन और अमेरिका के शुरुआती अगस्त PMI सर्वेक्षणों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। दूसरी ओर, कमोडिटी बाजार में सोना जून की शुरुआत के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। सोने की कीमत $4,550 प्रति औंस से ऊपर बनी हुई है। पिछले सप्ताह जारी अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों में नरमी के संकेत मिलने के बाद व्यापारियों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में तत्काल बढ़ोतरी की संभावनाओं को कम कर दिया है, जिससे सोने को 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के ऊपर ब्रेकआउट मिला है।
वैश्विक सरकारी बॉन्ड बाजार में भी बड़ा उलटफेर देखा जा रहा है। अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और जापान में दीर्घकालिक सरकारी बॉन्ड यील्ड में भारी उछाल आया है, जिससे कई प्रमुख बेंचमार्क एक दशक से भी अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं।
तकनीकी संकेतक और लाइव मार्केट पोजीशनिंग
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 98.84 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो अपने पिछले बंद स्तर 98.90 से 0.06% नीचे है। 52 हफ्तों के दौरान इंडेक्स 95.55 से 101.80 के दायरे में रहा है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय RSI 30 पर आ गया है, जो यह दर्शाता है कि इंडेक्स फिलहाल ओवरसोल्ड जोन में प्रवेश कर चुका है।
MACD इंडिकेटर -0.42 पर है, जो सिग्नल लाइन -0.30 से नीचे बना हुआ है। 20-दिवसीय EMA 99.78, 50-दिवसीय EMA 100.04 और 200-दिवसीय EMA 99.34 पर स्थित हैं। यद्यपि 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA के ऊपर होना गोल्डन क्रॉस दर्शाता है, लेकिन समग्र मूल्य रुझान दीर्घकालिक दबाव में दिखता है। दैनिक उतार-चढ़ाव के लिए ATR 0.44 मापा गया है। बाजार के लिए तत्काल पिवट प्वाइंट 98.77 है, जबकि प्रतिरोध स्तर R1 98.98 और R2 99.12 पर हैं। नीचे की तरफ समर्थन स्तर S1 98.63 और S2 98.42 पर मौजूद हैं।



















