अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के प्रमुख विश्लेषक क्वेक सेर लेंग के ताजा तकनीकी आकलन के मुताबिक, डॉलर और येन की जोड़ी (USD/JPY) 158.00 के निचले स्तर से उबरने के बाद अब 158.50 से 159.35 के इंट्राडे दायरे में टिकी रहने की संभावना है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय सबसे बड़ा फेरबदल सरकारी बॉन्ड बाजार में देखा जा रहा है, जहां अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और जापान में दीर्घकालिक बॉन्ड यील्ड एक दशक से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। इसके साथ ही कमोडिटी और अन्य प्रमुख विदेशी मुद्राओं में भी महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है।
जापानी येन और डॉलर की विनिमय दर का विस्तृत तकनीकी विश्लेषण
यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के विश्लेषक क्वेक सेर लेंग ने करेंसी बाजार की हालिया चाल पर प्रकाश डालते हुए बताया है कि हाल ही में सोमवार को अमेरिकी डॉलर टूटकर 158.03 के स्तर तक चला गया था। इसके बाद मंगलवार को मजबूत रिकवरी देखने को मिली और डॉलर 0.56 प्रतिशत चढ़कर 159.05 पर बंद हुआ। हालांकि यह तेजी टिकाऊ रहने के बजाय एक सीमित सीमा में सिमटती दिख रही है। 19 अगस्त को जब डॉलर 158.30 के आसपास था, तब नीचे की ओर दबाव बनता दिख रहा था, लेकिन वह गिरावट को बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं था। 159.18 के उच्च स्तर तक उछाल के बाद अब नकारात्मक गति कुछ धीमी पड़ी है।
अगले 1 से 3 हफ्तों के परिदृश्य पर नजर डालें तो बाजार का नजरिया हल्का नकारात्मक बना हुआ है। USD/JPY के 156.60 से 159.60 के व्यापक दायरे में थोड़ा नीचे जाने की उम्मीद है, जबकि 21-दिवसीय EMA से ऊपर दीर्घकालिक सुधार की गुंजाइश भी बनी हुई है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार USD/JPY का मौजूदा स्तर 158.94 के आसपास है, जो पिछले बंद स्तर 158.88 की तुलना में 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 146.22 से 163.98 का रहा है। तकनीकी संकेतकों में RSI(14) 43 के स्तर पर neutral क्षेत्र में है, जबकि MACD हिस्टोग्राम 0.04 के साथ हल्का तेजी का संकेत दे रहा है। 20-दिवसीय EMA 159.57, 50-दिवसीय EMA 160.19 और 200-दिवसीय EMA 157.64 पर स्थित है। वहीं धुरी बिंदु (Pivot Point) 158.81 पर है, जिसके लिए पहला प्रतिरोध R1 159.27 और दूसरा प्रतिरोध R2 159.59 है, जबकि पहला समर्थन S1 158.48 और दूसरा समर्थन S2 158.02 पर बना हुआ है। 1.14 के ATR के साथ ADX 43 पर बना हुआ है, जो बाजार में स्पष्ट रुझान की उपस्थिति को दर्शाता है।
बॉन्ड मार्केट में बड़ा उछाल और अमेरिकी ट्रेजरी की तरलता योजना
शेयर और विदेशी मुद्रा बाजार से अलग, वित्तीय जगत का सबसे बड़ा घटनाक्रम सरकारी बॉन्ड बाजार में घटित हो रहा है। अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और जापान में दीर्घकालिक यील्ड में भारी उछाल दर्ज किया गया है। कई प्रमुख बॉन्ड बेंचमार्क ऐसे स्तरों पर पहुंच गए हैं जो 10 से भी अधिक वर्षों में नहीं देखे गए थे। इस स्थिति से निपटने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है।
बुधवार को 12:32 GMT पर अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपनी निर्धारित समय सारणी से हटकर एक घोषणा की। इसके तहत 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष वाले क्षेत्रों में तरलता सहायता पुनर्खरीद (बायबैक) अभियानों के आकार को दोगुना करने का निर्णय लिया गया। पहले जहां प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा 2 अरब डॉलर थी, उसे बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक लागू रहेगी। इस कदम का उद्देश्य दीर्घकालिक बॉन्ड बाजार में तरलता को बनाए रखना और यील्ड की तेज बढ़ोतरी को नियंत्रित करना है।
ब्रिटिश पाउंड और यूरो की विनिमय दरों की स्थिति
यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान शुक्रवार को ब्रिटिश पाउंड मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। GBP/USD की जोड़ी 1.3650 के आसपास सकारात्मक क्षेत्र में बनी हुई थी। ब्रिटेन के खुदरा बिक्री आंकड़ों में निराशा के बावजूद बेहतर PMI आंकड़ों ने पाउंड स्टर्लिंग को सहारा दिया। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा दीर्घकालिक बॉन्ड बायबैक बढ़ाने के फैसले के बाद अमेरिकी डॉलर की मजबूती में सुस्ती आई, जिससे पाउंड को अपनी बढ़त बनाए रखने में मदद मिली।
इसी तरह यूरो भी डॉलर के मुकाबले अपनी साप्ताहिक बढ़त को स्थिर करता हुआ नजर आया। EUR/USD की विनिमय दर शुक्रवार को यूरोपीय सत्र में लगभग 1.1700 के करीब समेकित होती दिखी। जर्मनी और यूरोज़ोन के मिले-जुले PMI आंकड़ों के जारी होने के बाद निवेशक अमेरिका के शुरुआती अगस्त PMI सर्वेक्षणों का इंतजार कर रहे हैं। डॉलर में लगातार बनी कमजोरी ने यूरो को अपने निचले स्तरों से संभलने का मौका दिया है।
सोने की कीमतों में तेजी और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति का असर
सोने के बाजार में भी सकारात्मक रुझान बना हुआ है। शुक्रवार को यूरोपीय सत्र की शुरुआत से ठीक पहले सोना जून की शुरुआत के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब टिका रहा और 4,550 डॉलर प्रति औंस के पार कारोबार करता देखा गया। सोने ने तकनीकी रूप से 200-दिवसीय साधारण मूविंग एवरेज (SMA) के ऊपर ब्रेकआउट को बनाए रखा है।
कमजोर अमेरिकी डॉलर ने सोने की तेजी को बल दिया है। पिछले हफ्ते जारी हुए अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों से मूल्य दबावों में नरमी के संकेत मिले थे। इसके बाद व्यापारियों ने फेडरल रिजर्व द्वारा तत्काल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं पर अपने दांव कम कर दिए हैं। ब्याज दरों में स्थिरता और बॉन्ड बाजार की अनिश्चितता के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग को समर्थन मिल रहा है।
बाजार का समग्र दृष्टिकोण और निवेशकों के लिए मुख्य स्तर
समग्र रूप से देखें तो मुद्रा और कमोडिटी बाजार एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। जहां डॉलर के मुकाबले येन 158.48 के समर्थन स्तर और 159.27 के प्रतिरोध स्तर के बीच झूल रहा है, वहीं अमेरिकी ट्रेजरी के तरलता कदम और वैश्विक PMI आंकड़े आगे की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों पर बारीक नजर रखनी होगी।



















