वैश्विक विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में कारोबारी गतिविधियों की रफ्तार फिलहाल एक सीमित दायरे में सिमटी हुई नजर आ रही है। दुनिया भर के निवेशक और व्यापारी अमेरिका से आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंक के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। प्रमुख मुद्रा जोड़ों में उतार-चढ़ाव एक तय सीमा के भीतर बना हुआ है, जबकि सोने की कीमतों और डिजिटल संपत्तियों के बाजार में भी सतर्कता का माहौल देखने को मिल रहा है।
जापानी येन और अमेरिकी डॉलर का तकनीकी परिदृश्य
युनाइटेड ओवरसीज बैंक (UOB) के बाजार विश्लेषकों क्वैक सेर लेंग और ली सू एन के अनुसार, USD/JPY की जोड़ी में फिलहाल सीमित दायरे के भीतर कारोबार का दौर जारी है। अगले 24 घंटों के परिदृश्य को देखते हुए विश्लेषकों का अनुमान है कि अमेरिकी डॉलर 158.95 से 159.50 के बीच कारोबार कर सकता है। हाल के कारोबारी सत्रों में बाजार बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ है, जिससे निकट भविष्य में स्थिरता का संकेत मिलता है।
हालिया कारोबारी सत्रों का विश्लेषण करें तो सोमवार को अमेरिकी डॉलर 158.59 से 159.28 के दायरे में कारोबार करने के बाद 159.08 पर बंद हुआ था, जो +0.09% की मामूली बढ़त दर्शाता है। इसके बाद मंगलवार के सत्र में बाजार विश्लेषकों ने संकेत दिया था कि डॉलर 158.80 से 159.45 के उच्च दायरे में कारोबार कर सकता है। वास्तविक कारोबार के दौरान USD/JPY 158.99 से 159.48 के बीच रहा और दिन के अंत में +0.05% की मामूली तेजी के साथ 159.16 पर बंद हुआ। इस मूल्य चाल से कोई नया स्पष्ट रुझान नहीं निकलता है, इसलिए अगले 24 घंटों के लिए 158.95 से 159.50 का दायरा ही प्रभावी रहने की उम्मीद है।
लंबी अवधि के दृष्टिकोण पर बात करें तो आगामी 1 से 3 हफ्तों के दौरान USD/JPY के 157.90 और 159.80 के बीच ही कारोबार करने की संभावना है। यह परिदृश्य 25 Aug को 159.15 के स्पॉट स्तर पर दिए गए आकलन के समान ही बना हुआ है। वहीं 1 से 3 महीने के नजरिए से देखें तो यदि महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर कायम रहते हैं, तो अमेरिकी डॉलर में आगे और बढ़त देखने को मिल सकती है।
यूरोपीय मुद्राओं की चाल: GBP/USD और EUR/USD पर दबाव
बुधवार को यूरोपीय सत्र के दौरान प्रमुख यूरोपीय मुद्राओं पर मामूली दबाव देखा गया है, क्योंकि अमेरिकी डॉलर में हल्का सुधार दर्ज किया गया है। GBP/USD की जोड़ी बुधवार को यूरोपीय सत्र में 1.3650 के स्तर से नीचे नकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर रही है। इस गिरावट के कारण पिछले कारोबारी दिन हासिल की गई मजबूत बढ़त का कुछ हिस्सा घट गया है। इसके बावजूद, यह मुद्रा जोड़ी पिछले शुक्रवार को दर्ज किए गए अपने छह महीने के उच्चतम स्तर के करीब ही बनी हुई है।
दूसरी ओर EUR/USD भी दबाव में है और बुधवार के यूरोपीय सत्र में 1.1650 के स्तर की ओर नीचे की तरफ कारोबार कर रहा है। डॉलर में यह सुधार निवेशकों द्वारा की जा रही मुनाफावसूली और मिडिल ईस्ट में बनी अनिश्चितता के कारण आया है। यूरोपीय मुद्रा बाजारों के लिए बुधवार का दिन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि निवेशक अमेरिका के महंगाई आंकड़ों और दूसरी तिमाही के संशोधित GDP आंकड़ों की राह देख रहे हैं।
सोने की कीमतें और फेडरल रिजर्व के नीतिगत संकेत
कमोडिटी बाजार में सोने की चाल सुस्त नजर आ रही है। यूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले सोना 4,650 डॉलर से नीचे मामूली नुकसान के साथ कारोबार कर रहा है। हालांकि, सोने में बिकवाली का कोई बहुत मजबूत दबाव नहीं है और यह पिछले दिन के व्यापक दायरे के भीतर ही सीमित है।
अमेरिकी डॉलर में आई सकारात्मक मजबूती सोने की कीमतों पर दबाव बना रही है। इसके अलावा, निवेशकों की निगाहें फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉश के भाषण पर टिकी हुई हैं। शुक्रवार को जैक्सन होल सिंपोजियम में फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉश का वक्तव्य होना है, जिससे भविष्य में ब्याज दरों के मार्ग को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिलने की संभावना है।
क्रिप्टो बाजार का हाल: मीम कॉइन्स पर मुनाफावसूली का असर
डिजिटल एसेट बाजार में पिछले सप्ताह की दोहरे अंकों की बढ़त के बाद अब तेजी की रफ्तार धीमी पड़ती दिख रही है। डॉगकॉइन (DOGE), शिबा इनु (SHIB) और पेपे (PEPE) जैसे प्रमुख मीम कॉइन्स अपनी पिछली मजबूती खोते नजर आ रहे हैं।
मुनाफावसूली के कारण बने बिकवाली के दबाव से DOGE और PEPE में आगे और गिरावट का जोखिम बना हुआ है। इसके विपरीत, SHIB अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर को बचाए रखने में सफल रहा है, जबकि निवेशक यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि क्या क्रिप्टो बाजार फिर से अपनी तेजी हासिल कर पाता है।
अमेरिका के PCE महंगाई आंकड़ों और GDP रिपोर्ट पर नजरें
वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए सबसे बड़ा प्रेरक कारक अमेरिका का आर्थिक आंकड़ा रहने वाला है। यूएस ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस द्वारा जुलाई महीने का पर्सनल कंजप्शन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स डेटा बुधवार को 12:30 GMT पर प्रकाशित किया जाना तय है।
जुलाई के लिए PCE महंगाई आंकड़ों से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि मूल्य दबाव अभी भी काफी ऊंचा बना हुआ है, जो फेडरल रिजर्व के 2% के लक्ष्य से काफी ऊपर है। इस महत्वपूर्ण आंकड़े और Q2 GDP के नए अनुमानों के आधार पर ही आने वाले समय में वैश्विक बाजारों की दिशा तय होगी।



















