मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेतों और कूटनीतिक प्रयासों में तेजी के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। अंतर्राष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमतें 90 USD प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गई हैं। निवेशकों द्वारा नौवहन सुरक्षा में सुधार की संभावनाओं को सकारात्मक रूप से देखे जाने के कारण आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं काफी हद तक शांत हुई हैं। वाशिंगटन द्वारा ईरान पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बनाने की योजनाओं के बावजूद, वित्तीय बाजारों ने कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों को प्राथमिकता दी है।
ईरान और ओमान के बीच ऐतिहासिक ढांचागत समझौता
तेल बाजार में गिरावट का मुख्य कारण तेहरान में आयोजित हालिया वार्ता रही, जहां ईरान और ओमान ने स्ट्रैट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने के लिए एक संयुक्त ढांचे का अनावरण किया। मंगलवार को हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद आपूर्ति बाधक बनने की आशंकाएं कम हो गई हैं। इसके साथ ही अमेरिका द्वारा ईरान के साथ व्यापार करने वाले तीसरे देशों पर माध्यमिक प्रतिबंध लगाने से परहेज करने के फैसले ने भी कच्चे तेल की कीमतों को नीचे लाने में योगदान दिया है।
क्षेत्रीय कूटनीति और अमेरिकी दूतावासों की वापसी
क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम में पाकिस्तान के थल सेनाध्यक्ष ने ईरान का एकदिवसीय दौरा सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वहीं, वाशिंगटन की ओर से मध्य पूर्व में अपने दूतावासों में राजनयिक कर्मचारियों को वापस भेजने की योजना की जानकारी मिली है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी प्रशासन की यह पहल यह दर्शाती है कि निकट भविष्य में सैन्य संघर्ष के और गहराने की संभावना कम है, जिससे तेल बाजारों को बड़ी राहत मिली है।
विदेशी मुद्रा बाजार: डॉलर की मजबूती और पीसीई डेटा का इंतजार
वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर में हल्का सुधार देखा जा रहा है। GBP/USD जोड़ी बुधवार के यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान 1.3650 के नीचे कारोबार कर रही है, जो पिछले दिन हासिल की गई बढ़त के कुछ हिस्से को गंवा चुकी है। हालांकि, यह जोड़ी अभी भी पिछले शुक्रवार को बनाए गए छह महीने के उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई है। दूसरी ओर, EUR/USD जोड़ी मुनाफावसूली और भूराजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच 1.1650 के आसपास निचले स्तर पर टिकी हुई है। विदेशी मुद्रा व्यापारी अमेरिकी ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस द्वारा जारी होने वाले जुलाई महीने के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर डेटा का इंतजार कर रहे हैं।
सोने की कीमतों में सुस्ती और फेडरल रिजर्व का रुख
कीमती धातुओं के बाजार में सोने के भाव यूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले 4,650 USD के स्तर से नीचे दबाव में दिखे। अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण सोने पर नकारात्मक असर पड़ा है, हालांकि इसमें बहुत तेज गिरावट नहीं देखी गई है। निवेशक केंद्रीय बैंक के भावी ब्याज दर निर्णय को लेकर संकेत जुटाने में लगे हैं। इस क्रम में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉरश के आगामी जैक्सन होल सिमपोजियम में दिए जाने वाले भाषण पर बाजार सहभागियों की पैनी नजर बनी हुई है।
मीम कॉइन्स में मुनाफावसूली से गिरावट
क्रिप्टोकरेंसी क्षेत्र में पिछले सप्ताह की दोहरे अंकों की तेजी के बाद मीम कॉइन्स में सुस्ती देखी जा रही है। मुनाफावसूली के चलते DOGE और PEPE में गिरावट का जोखिम बढ़ गया है। वहीं दूसरी ओर, SHIB अपने मजबूत सपोर्ट स्तर को बनाए रखने में सक्षम रहा है। निवेशक आगामी व्यापक आर्थिक आंकड़ों को देखते हुए सतर्क रुख अपना रहे हैं।
अमेरिका के पीसीई मुद्रास्फीति आंकड़ों पर टिकी नजरें
अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़ा जुलाई महीने का पीसीई प्राइस इंडेक्स बुधवार को 12:30 GMT पर जारी होने जा रहा है। इस आंकड़े से अमेरिका में मुद्रास्फीति के दबाव का स्पष्ट संकेत मिलेगा। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि मूल्य दबाव अभी भी फेडरल रिजर्व के 2% के लक्षित स्तर से काफी ऊपर बना हुआ है, जिससे केंद्रीय बैंक की भावी नीतियों पर गहरा असर पड़ने की संभावना है।



















