दही कबाब की लोकप्रियता भारतीय व्यंजनों में काफी अधिक है, लेकिन घर पर इसे बनाते समय अक्सर कबाब के टूटने या ढीले पड़ने की समस्या आती है। इस स्वादिष्ट डिश को एकदम होटल जैसा स्वाद और बनावट देने के लिए शेफ अजय भल्ला ने कुछ बुनियादी और असरदार तरीके साझा किए हैं। अगर आप सही तकनीक और मसालों का संतुलन ध्यान में रखते हैं, तो आपकी रसोई में भी बेहतरीन स्वाद वाले दही कबाब तैयार हो सकते हैं।
परफेक्ट दही कबाब के लिए हंग कर्ड की तैयारी
दही कबाब बनाने की प्रक्रिया में सबसे पहला और अनिवार्य काम दही में मौजूद पानी को पूरी तरह बाहर निकालना है। शेफ के अनुसार, इसके लिए दही को कम से कम 1 से 2 घंटे तक किसी कपड़े में बांधकर लटकाकर रखना चाहिए। जब दही से पूरा पानी निचोड़ जाता है, तब वह गाढ़ा और टिकाऊ हंग कर्ड बनता है। दही जितनी अच्छी तरह से पानी छोड़ता है, कबाब का मिश्रण उतना ही मजबूत तैयार होता है। इससे कबाब सेकते समय बिखरते नहीं हैं और उनका आकार एकदम सही बना रहता है।
मसालों का संतुलन और कबाब को आकार देना
गाढ़े हंग कर्ड में सही मसालों का मेल ही इसके जायके को खास बनाता है। इस मिश्रण में बारीक कटा धनिया, कद्दूकस या कटा अदरक, बारीक कटी हरी मिर्च, सफेद मिर्च पाउडर, साबुत या पिसा जीरा, नमक और चाट मसाला मिलाया जाता है। आप अपनी पसंद के अनुसार मसालों की मात्रा को घटा या बढ़ा सकते हैं। जो लोग ज्यादा तीखा पसंद करते हैं, वे इसमें बारीक हरी मिर्च का इस्तेमाल अधिक कर सकते हैं। इन सभी सामग्रियों को एक साथ अच्छी तरह मिलाने के बाद मिश्रण से छोटे-छोटे कटलेट यानी कबाब का आकार बना लिया जाता है।
शैलो फ्राई करने की सही तकनीक
कबाब को पकाने के मामले में अक्सर लोग उन्हें गहरा तलने की गलती करते हैं। शेफ ने स्पष्ट किया है कि दही कबाब को डीप फ्राई करने के बजाय धीमी आंच पर थोड़ा-थोड़ा तेल डालकर शैलो फ्राई करना सबसे सही तरीका है। यदि आपने दही को 1 से 2 घंटे तक सही तरीके से हैंग किया है, तो शैलो फ्राई करते समय कबाब आसानी से नहीं टूटेंगे। हालांकि, अगर कबाब को बैटर में कोट करके गहरा तला जाए तो वे ज्यादा कुरकुरे बन सकते हैं, लेकिन पारंपरिक और साधारण स्वाद के लिए तवे पर शैलो फ्राई करना पूरी तरह पर्याप्त रहता है।
शेफ का सीक्रेट मंत्र और परोसने का तरीका
जब ये गरमागरम कबाब प्लेट में परोसने के लिए तैयार होते हैं, तो इनका स्वाद बेहद लाजवाब लगता है। अपनी आसान रेसिपी के साथ शेफ अजय भल्ला ने एक खास बात भी जोड़ी। शेफ ने कहा,
"खाना तभी सबसे अच्छा बनता है, जब उसे प्यार से बनाया जाए।"यही कारण है कि आप अपने हिसाब से मसालों का स्वाद चुन सकते हैं। बस दही को अच्छी तरह हैंग करने के नियम का पालन करें और प्यार से खाना बनाएं, जिससे आपके हाथ का बना कबाब भी किसी नामी रेस्टोरेंट से कम नहीं लगेगा।



















