अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में बुधवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की शुरुआती मतगणना और राजनीतिक अनिश्चितता के कारण अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट दर्ज की गई। डॉलर इंडेक्स के एक महीने के निचले स्तर पर खिसकने का सीधा असर वैश्विक परिसंपत्तियों पर पड़ा है। इस व्यापक गिरावट के बीच जापानी येन में बिकवाली का दबाव कुछ कम हुआ और मुद्रा जोड़ी एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान 158.00 के स्तर से नीचे आ गई। इसके अलावा सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड में गिरावट दर्ज की गई, जिसने डॉलर पर अतिरिक्त दबाव बनाने का काम किया है।
जापानी येन पर बना ढांचागत दबाव और पूंजी निकासी
जापानी येन की हालिया चाल पर बात करते हुए एमयूएफजी के डेरेक हाफपेनी का मानना है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में सुधार और वाशिंगटन द्वारा येन की कमजोरी के मुखर विरोध के बावजूद जापानी मुद्रा अब भी गहरे संरचनात्मक पोर्टफोलियो और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के बहिर्वाह के दबाव से जूझ रही है। जापानी घरेलू निवेशकों द्वारा विदेशी इक्विटी संपत्तियों में लगातार निवेश बढ़ाया जा रहा है, जिसमें विस्तारित नीसा (NISA) योजना की अहम भूमिका मानी जा रही है। इसके साथ ही जनसांख्यिकीय बदलावों के कारण जापानी कंपनियों द्वारा सीमा पार किए जा रहे विलय और अधिग्रहण के चलते एफडीआई की रफ्तार भी येन के लिए सिरदर्द बनी हुई है।
डेरेक हाफपेनी ने मुद्रा गतिशीलता का विश्लेषण करते हुए एक बेहद संक्षिप्त अवलोकन में कहा कि "What we can see once again though is that the reprieve for the yen is marginal with the rates FX link for the yen still relatively weak." इसका सीधा आशय यह है कि ब्याज दरों और मुद्रा विनिमय के बीच का संबंध फिलहाल उतना प्रभावी नहीं रह गया है जितना सामान्य परिस्थितियों में होता है।
विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप और नीसा सीमा विस्तार के परिणाम
विदेशी मुद्रा बाजार में पूर्व में की गई सरकारी कार्रवाइयों की समीक्षा करते हुए यह सामने आया है कि पिछले जुलाई और अगस्त की शुरुआत में अधिकारियों द्वारा किए गए प्रत्यक्ष हस्तक्षेप ने ब्याज दरों के साथ पारंपरिक संबंध को काफी विकृत कर दिया था। जापानी वित्तीय तंत्र में उच्च मुद्रास्फीति के कारण बैंक बचत खातों और जमा पर मिलने वाले वास्तविक रिटर्न में कमी आई है। इसके विपरीत वैश्विक स्तर पर, विशेषकर अमेरिकी शेयर बाजारों में मिले जोरदार रिटर्न ने जापानी खुदरा निवेशकों को विदेशी बाजारों की ओर आकर्षित किया है। नीसा योजना की निवेश सीमा बढ़ाए जाने के बाद घरेलू पूंजी का बाहर जाना निरंतर बना रहने की पूरी संभावना है, जिससे येन की तात्कालिक रिकवरी सीमित दायरे में बंधी नजर आती है।
राजनीतिक मोर्चे की बात करें तो अमेरिका में चल रहे मध्यावधि चुनावों के अंतिम नतीजों से द्विपक्षीय संबंधों पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव पड़ने के आसार नहीं हैं। वाशिंगटन की तरफ से लगातार यह स्पष्ट संदेश दिया जाता रहा है कि वह जापानी येन के अत्यधिक अवमूल्यन के पूरी तरह खिलाफ है। अमेरिकी नीति निर्माताओं का यह कड़ा रुख आने वाले समय में मुद्रा की विनिमय दर को अप्रत्यक्ष सहारा दे सकता है।
अमेरिकी राजनीति में संभावित गतिरोध और डॉलर की चाल
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की शुरुआती रुझानों में संसद के दोनों सदनों यानी प्रतिनिधि सभा (हाउस) और सीनेट में डेमोक्रेट्स की जीत ने वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध (ग्रिडलॉक) की संभावनाओं को हवा दे दी है। दोनों सदनों और प्रशासन के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका से वित्तीय बाजारों में घबराहट पैदा हुई है। इस राजनीतिक अनिश्चितता के बीच संस्थागत निवेशकों ने अमेरिकी सरकारी बॉन्डों की ओर रुख किया, जिससे उनकी प्रतिफल दर (यील्ड) में नई गिरावट आई। बॉन्ड प्रतिफल घटने और फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कमजोर पड़ने से अमेरिकी करेंसी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
सोने में भारी उछाल और $4,050 के करीब कारोबार
कमजोर होते डॉलर और सुरक्षित पनाहगाह संपत्तियों में बढ़ती दिलचस्पी का सबसे बड़ा लाभ कीमती धातुओं को मिला। यूरोपीय कारोबारी सत्र के शुरुआती पहर में सोने ने अपनी इंट्राडे तेजी को और मजबूती दी तथा 4,050 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब पहुंच गया। यह उछाल चालू हफ्ते के नए उच्चतम स्तरों की एक मजबूत श्रृंखला का निर्माण करता है। वाशिंगटन में संभावित नीतिगत गतिरोध और बॉन्ड प्रतिफल में मंदी के चलते फंड मैनेजर्स सोने को जोखिम से बचाव का सबसे कारगर साधन मानकर आक्रामक खरीदारी कर रहे हैं।
विदेशी मुद्राओं में हलचल: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का प्रदर्शन
मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दो सप्ताह के निचले स्तर से उबरने में सफल रहा। बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में एयूडी/यूएसडी जोड़ी 0.6965 के आसपास स्थिर कारोबार करती दिखाई दी। अमेरिकी डॉलर की सामान्य कमजोरी ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को नीचे जाने से रोका, हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) के अपेक्षाकृत कम आक्रामक या सतर्क रुख ने इसकी बढ़त पर सीमाएं भी लगाई हैं। ट्रेडर अब अमेरिकी राजनीतिक परिदृश्य के स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि विनिमय दरों की अगली दिशा तय हो सके।
क्रिप्टो बाजार में हरियाली: बिटकॉइन $78,000 के पार
डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में भी निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान (रिस्क-ऑन सेंटिमेंट) बेहतर हुआ है। प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन बुधवार को 78,000 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार करती दिखी। इस रिकवरी के माहौल में दूसरी सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी एथेरियम ने भी तेजी की राह पकड़ी और 2,300 डॉलर के स्तर के ऊपर बनी रही। इसी प्रकार रिपल (एक्सआरपी) भी 1.28 डॉलर के पार हाथोंहाथ बिका, जिसने लगातार दो दिनों की ठोस बढ़त दर्ज की है। डॉलर की नरमी से वैकल्पिक परिसंपत्तियों में नकदी का प्रवाह सुधरता नजर आया है।
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों पर बाजार की नजर
व्यापक आर्थिक मोर्चे पर सभी निवेशकों की निगाहें ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (एडीपी) द्वारा बुधवार को जारी होने वाली निजी क्षेत्र की अक्टूबर रोजगार रिपोर्ट पर टिकी हैं। बाजार के आम सहमति अनुमानों के अनुसार निजी नौकरियों के सृजन में मध्यम मंदी आने की उम्मीद जताई जा रही है। आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में 69,000 नई निजी नौकरियों के जुड़ने का अनुमान है, जो सितंबर महीने में दर्ज 90,000 नौकरियों की संख्या से काफी कम है। यदि रोजगार के आंकड़े उम्मीद के अनुरूप या उससे कमजोर आते हैं, तो यह डॉलर की कमजोरी को और गहरा कर सकता है।



















