मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में चोरी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसके खुलासे ने पुलिस प्रशासन को भी हैरत में डाल दिया। भितरवार थाना क्षेत्र में शातिर चोरों ने एक रिहायशी मकान से लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ किया और फिर उन्हें छिपाने के लिए अलमारी या जमीन के बजाय घर की सीवेज पाइपलाइन का इस्तेमाल किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी ताज खान और उसके एक अन्य साथी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सीवेज पाइप को खुलवाकर लगभग 12 लाख रुपये की कीमत के चोरी किए गए पूरे गहने सकुशल बरामद कर लिए हैं।
गेहूं की टंकी से चुराए गहने, फिर गंदे पानी के पाइप में छिपाए
यह पूरा वाकया भितरवार क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 2 का है, जहां 22 अक्टूबर को ज्ञानी भूषण पाठक के घर में चोरी की घटना घटी थी। पीड़ित परिवार ने सुरक्षा के लिहाज से अपने सोने और चांदी के बहुमूल्य आभूषणों को कमरे में रखी गेहूं की टंकी के अंदर छुपाकर रखा था। चोरों ने मौका पाकर घर में प्रवेश किया और गेहूं की टंकी में रखे गहनों को समेटकर वहां से रफूचक्कर हो गए। घटना की सूचना मिलते ही भितरवार थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय मुखबिरों की जानकारी के आधार पर संदेही ताज खान को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी ताज खान और उसके साथी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। जब पुलिस ने उनसे चोरी के माल के बारे में पूछा, तो उन्होंने जो जगह बताई उसे सुनकर अधिकारी दंग रह गए। आरोपियों ने बताया कि पुलिस की नजरों से बचने और तलाशी अभियानों को नाकाम करने के लिए उन्होंने चुराए गए 12 लाख रुपये के गहनों को घर से जुड़ी सीवेज पाइपलाइन के अंदर ठूंसकर छिपा दिया था। पुलिस की टीम ने तुरंत सीवेज लाइन की खुदाई और पाइप को खुलवाकर अंदर रखे सारे आभूषण बाहर निकाले और उन्हें जब्त कर लिया। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे इलाके की अन्य आपराधिक वारदातों के संबंध में पूछताछ जारी है।
इंदरगंज में 94.25 लाख रुपये की बड़ी रिकवरी का पुराना मामला
ग्वालियर में चोरों द्वारा आधुनिक तरकीबों और अनोखे तरीकों के इस्तेमाल का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले शहर के इंदरगंज थाना इलाके में भी बंद मकानों को निशाना बनाने वाले एक हाई-टेक चोर गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया था। 5 मई 2026 को इंदरगंज के निवासी अजय शंकर मित्तल के ताले बंद घर का ताला तोड़कर बदमाशों ने लाखों रुपये के आभूषण और नकदी पार कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में BNS की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दो आरोपियों को पकड़ा था।
इंदरगंज पुलिस की उस कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से 94 लाख 25 हजार रुपये मूल्य का भारी मात्रा में सोना, चांदी और नकद राशि बरामद की गई थी। उस गिरोह के सदस्य पुलिस की सर्विलांस प्रणाली और तकनीक से बचने के लिए हाई-टेक साधनों का इस्तेमाल करते थे। लगातार हो रही इन वारदातों से साफ है कि इलाके में आपराधिक गिरोह चोरी के बाद माल ठिकाने लगाने के लिए नए-नए रास्ते अपना रहे हैं।
भोपाल में भी सामने आई थी अनोखी चोरी की घटना
मध्य प्रदेश में चोरी की अजीबोगरीब घटनाओं का सिलसिला केवल ग्वालियर तक ही सीमित नहीं है। हाल ही में राजधानी भोपाल में भी सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटना घटी थी, जहां राज्य के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विवेक पोरवाल के शासकीय बंगले के परिसर से एक बेशकीमती चंदन का पेड़ ही काटकर चोरी कर लिया गया था। पुलिस प्रशासन अब ऐसे मामलों को देखते हुए गश्त बढ़ाने और संदिग्ध तत्वों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दे रहा है।



















