जयपुर के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से इस बात की चर्चा जोर पकड़ चुकी है कि क्या इस बार रेगिस्तानी राज्य में सत्ता के समीकरणों में बदलाव देखने को मिलेगा। हाल ही में एक सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखते हुए जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने यह स्पष्ट किया कि मौजूदा सरकार पांच साल में सरकार बदलने के चलन को दरकिनार कर देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में किए गए अभूतपूर्व विकास कार्य ही आगामी चुनावों में पार्टी की वापसी का सबसे बड़ा आधार बनेंगे और जनता काम के नाम पर अपना मुहर लगाएगी।
मरु प्रदेश से हरित प्रदेश का सफर और जल संकट
जल संकट से जूझ रहे इस राज्य के भविष्य को लेकर बात करते हुए मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार का मुख्य ध्येय इस मरु प्रदेश को एक हरा-भरा क्षेत्र बनाना है। भौगोलिक रूप से पानी की कमी इस इलाके की एक पुरानी और गंभीर समस्या रही है। इस चुनौती से पार पाने के लिए सरकार जल स्रोतों के बेहतर प्रबंधन और नदियों कोसकने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उनका मानना है कि उपलब्ध जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग ही राज्य की तकदीर बदल सकता है।
राज्य की नदियों की जमीनी हकीकत
विस्तार से बात करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश की भौगोलिक सीमा के भीतर कुल सोलह से सत्रह नदियां मौजूद हैं, लेकिन इनमें से बमुश्किल दो ही ऐसी हैं जो बारहमासी श्रेणी में आती हैं यानी जिनमें पूरे साल पानी की निर्बाध धारा बहती है। बाकी की अधिकांश नदियां केवल मौसमी पानी पर निर्भर करती हैं जिनका प्रवाह बरसात के दिनों तक ही सीमित रहता है। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार नदियों को आपस में जोड़ने की योजनाओं पर काम कर रही है ताकि हर बूंद का सही इस्तेमाल हो सके। हालांकि, इस दौरान उन्होंने किसी खास परियोजना के पूरा होने की कोई निश्चित समय सीमा का खुलासा नहीं किया।
रेगिस्तान को कमजोरी नहीं बल्कि गौरव बताया
विशाल रेत के टीलों और रेगिस्तानी इलाकों को लेकर मंत्री ने एक अलग ही दृष्टिकोण सामने रखा। उन्होंने कहा कि यह रेगिस्तान किसी भी तरह से राज्य की कमजोरी नहीं है, बल्कि यही वह विशेषता है जो इसे दुनिया भर में अनूठा बनाती है। देश-विदेश से सैलानी इसी खास नजारों को देखने के लिए यहां खींचे चले आते हैं। इस पहचान को राज्य की कमी मानने के बजाय इसकी प्राकृतिक सुंदरता के रूप में देखा जाना चाहिए जो इसकी असली सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करती है।
विपक्ष को दी सलाह और राजनीतिक भविष्य का अनुमान
राजनीतिक मोर्चे पर विरोधियों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को समय रहते जनता के मिजाज को भांप लेना चाहिए। अनर्गल और बेबुनियाद आरोप लगाने से पहले उन्हें यह देखना चाहिए कि जमीन पर किस स्तर पर काम हुआ है। उन्होंने दोहराया कि पार्टी सरकार के रिपोर्ट कार्ड के साथ जनता के बीच जाएगी और पांच साल में सरकार बदलने का पुराना मिथक इस बार चकनाचूर हो जाएगा।

















