असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 6 नवंबर को राज्य के विकास को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो प्रदेश कभी गोलीबारी और हिंसा की घटनाओं से थर्राता था, वह अब बुलेट ट्रेन की तरह तेजी से आगे बढ़ने का सपना देख रहा है। यह बदलाव राज्य में बेहतर होती कनेक्टिविटी और नए अवसरों के उदय का स्पष्ट संकेत है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों में असम की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है और राज्य अपने पुराने दौर को पीछे छोड़ते हुए प्रगति के रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
हिंसा के काले दौर से तरक्की के सफर तक
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने संबोधन में उस कठिन समय को भी याद किया जब असम से देश की राजधानी दिल्ली की यात्रा करने में करीब 30 से 36 घंटे का लंबा समय लग जाता था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बुनियादी ढांचे और परिवहन के साधनों में सुधार होने के बाद अब स्थिति बिल्कुल बदल चुकी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, जो क्षेत्र कभी दिल्ली पहुंचने के लिए लंबी और कठिन यात्राएं तय करता था, वह आज बेहतर कनेक्टिविटी और अनगिनत संभावनाओं के मुहाना पर खड़ा है।
परिवहन के साथ बदली असम की पहचान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह तरक्की केवल सड़क या परिवहन ढांचे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे पूर्वोत्तर राज्य की पहचान और उसके भविष्य का एक व्यापक कायापलट है। उन्होंने असम के हिंसक और अशांत अतीत और उसकी वर्तमान विकास आकांक्षाओं के बीच के अंतर को बहुत ही स्पष्ट शब्दों में समझाया। सीएम ने इस पूरे बदलाव को बंदूक की गोलियों से लेकर बुलेट ट्रेन तक का सफर करार दिया है।
शांति और बुनियादी ढांचे पर सरकार का जोर
सरमा ने कहा कि डर और दहशत के साए में जीने वाला अतीत अब पीछे छूट चुका है और राज्य प्रगति के नए आसमान की ओर बढ़ रहा है। असम का यह सफर अब रुकने वाला नहीं है। मुख्यमंत्री ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि मजबूत बुनियादी ढांचा, बेहतर कनेक्टिविटी और शांति ही राज्य के इस बड़े बदलाव के मुख्य आधार हैं। इसके साथ ही सरकार असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से और अधिक मजबूती से जोड़ने के लिए लगातार जरूरी कदम उठा रही है।



















