केंद्र सरकार ने अग्निपथ भर्ती योजना में एक बड़ा बदलाव करते हुए अग्निवीरों को दो साल के अतिरिक्त सेवा विस्तार की सुविधा दी है। इस नए प्रावधान के तहत जिन अग्निवीरों को शुरुआती चार वर्षों के सेवाकाल में नियमित कैडर में शामिल होने का अवसर नहीं मिल पाता, वे अब दो और साल तक सेना में अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे। केंद्र सरकार के कैबिनेट फैसले के बाद रक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले 75 प्रतिशत जवानों को सेना से बाहर जाने की बजाय अगले दो वर्षों तक सेवा देने का विकल्प मिलेगा। छह साल की कुल सेवा पूरी करने के बाद इन जवानों के लिए नियमित सैनिक बनने के अवसर फिर से खुलेंगे, जिसकी प्रक्रिया और मूल्यांकन के पैमाने तय कर दिए गए हैं।
छह साल की सेवा के बाद नियमितीकरण का पूरा खाका
अग्निपथ योजना के शुरुआती नियमों के तहत भर्ती किए गए जवानों में से 25 प्रतिशत को चार साल की सेवा पूरी होने पर मेरिट और उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर स्थायी कैडर में शामिल किया जाता है। अग्निवीरों के पहले बैच का चार साल का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा हो रहा है। पहले से निर्धारित व्यवस्था में शेष 75 प्रतिशत जवानों को चार साल बाद सेवामुक्त होकर घर लौटना पड़ता। हालांकि अब दो साल के अतिरिक्त सेवा विस्तार के जुड़ने से इन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को तुरंत बाहर नहीं होना पड़ेगा। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, छह साल का विस्तारित कार्यकाल समाप्त होने पर इन जवानों को एक बार फिर नियमित सेना में जाने का अवसर मिलेगा। इसके लिए संबंधित जवान की अपनी सहमति, शारीरिक फिटनेस और अनुशासित सेवा रिकॉर्ड को आधार बनाया जाएगा।
सीनियोरिटी और वरिष्ठता की सुरक्षा के नियम
दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल पूरा करने वाले जवानों के मन में वरिष्ठता को लेकर भी सवाल थे, जिस पर रक्षा अधिकारियों ने स्थिति साफ कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि छह साल की सेवा पूरी करने के बाद जो अग्निवीर नियमित सैनिक के रूप में चयनित होंगे, उनकी सीनियरिटी पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी। जब वे स्थायी कैडर में शामिल होंगे, तो उन्हें अपने मूल बैच के उन साथियों के ठीक बाद स्थान मिलेगा, जो चार साल की सेवा के बाद ही नियमित हो गए थे। इसका सीधा मतलब यह है कि चार साल के बाद भर्ती होने वाले नए बैच के सैनिक उनसे सीनियर नहीं माने जाएंगे और उनकी अपनी बैच वाइज सीनियरिटी बनी रहेगी।
मूल्यांकन के कड़े मानक और योजना की निरंतरता
अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि अग्निपथ योजना को वापस नहीं लिया गया है, बल्कि इसमें अग्निवीरों के करियर को बेहतर बनाने के लिए दो साल का अतिरिक्त विकल्प जोड़ा गया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने स्पष्ट किया कि दो साल का एक्सटेंशन पूरा होने के बाद नियमित भर्ती के लिए जवानों का गहन मूल्यांकन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में जवानों की शारीरिक क्षमता, सेवाकाल के दौरान दिखाया गया अनुशासन, उनके कार्य निष्पादन की गुणवत्ता और उनका सतर्कता व विजिलेंस रिकॉर्ड प्रमुख रूप से जांचा जाएगा। केवल इन्हीं कड़े पैमानों पर खरे उतरने वाले जवानों को स्थायी सेवा दी जाएगी।
पांचवें और छठे साल की सैलरी और आर्थिक लाभ
दो साल के अतिरिक्त कार्यकाल के दौरान अग्निवीरों के वित्तीय लाभों में भी बढ़ोतरी की गई है। सरकार के फैसले के अनुसार, extended सेवाकाल के दौरान जवानों को पहले की तुलना में अधिक मासिक वेतन मिलेगा और उनकी सेवा निधि का दायरा भी बढ़ जाएगा। एक पीआईपी रिपोर्ट के अनुसार, अग्निवीरों को सेवा के पांचवें वर्ष में 43,500 रुपये प्रति माह और छठे वर्ष में 47,500 रुपये प्रति माह का वेतन दिया जा सकता है। हालांकि, रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में इन निश्चित सैलरी आंकड़ों की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन यह साफ किया गया है कि सैलरी और सेवा निधि में नियमानुसार वृद्धि लागू की जाएगी।


















