भारत यात्रा के दौरान हैदराबाद पहुंचे अमेरिकी राजदूत ने इस ऐतिहासिक शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मशहूर खान-पान का अनुभव लिया। उन्होंने ओल्ड सिटी स्थित चारमीनार की भव्यता को करीब से देखा और ठीक सामने मौजूद ऐतिहासिक निमराह कैफ़े एंड बेकरी में रुककर असली हैदराबादी ईरानी चाय और प्रसिद्ध उस्मानिया बिस्कुट का स्वाद चखा।
चारमीनार के नज़ारे के साथ सोशल मीडिया पर तारीफ
ओल्ड सिटी के जीवंत माहौल और चारमीनार की शानदार वास्तुकला की अमेरिकी राजदूत ने खुलकर सराहना की। निमराह कैफ़े की बालकनी से गर्म चाय की प्याली हाथ में लेकर चारमीनार का खूबसूरत नज़ारा देखते हुए उन्होंने अपने इस खास अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि चारमीनार इस ऐतिहासिक शहर का एक बेहतरीन प्रतीक है और यहाँ की पारंपरिक चाय का स्वाद वाकयी बेमिसाल था।
1993 से कायम निमराह कैफ़े की साख और ईरानी चाय बनाने की कला
साल 1993 से लगातार संचालित हो रहा निमराह कैफ़े एंड बेकरी हैदराबाद की चाय संस्कृति का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहाँ परोसी जाने वाली ईरानी चाय अपनी खास निर्माण शैली के लिए जानी जाती है। इसमें गाढ़े उबले दूध और धीमी आंच पर तैयार कड़क डिकॉक्शन को अलग-अलग बर्तनों में रखा जाता है और कप में डालते समय मिलाया जाता है। इसके साथ दिए जाने वाले हल्के नमकीन और मीठे उस्मानिया बिस्कुट का तालमेल स्थानीय नागरिकों, दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों और नामचीन हस्तियों की पहली पसंद बना हुआ है।
गलियों के पारंपरिक स्वाद से मजबूत होती कूटनीतिक मिठास
अमेरिकी राजदूत की इस अनौपचारिक यात्रा ने यह दर्शाया है कि अंतरराष्ट्रीय संबंध केवल औपचारिक बैठकों और मेजों तक सीमित नहीं रहते। किसी शहर की पुरानी गलियों के पारंपरिक स्वाद और स्थानीय संस्कृति को अपनाना भी वैश्विक रिश्तों में अपनापन और मिठास घोलने का प्रभावी जरिया बनता है।



















