वैश्विक वित्तीय बाजारों में व्यापक उथल-पुथल और अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े फेरबदल के बीच अमेरिकी शेयर बाजार सपाट स्तर पर बंद हुए। एक तरफ जहां टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, वहीं दूसरी तरफ बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इस रोटेशन के चलते नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जबकि प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक बड़े बदलाव के बिना लगभग स्थिर रहे।
अमेरिकी सूचकांकों का प्रदर्शन: नैस्डैक की नई ऊंचाई और एसएंडपी 500 की स्थिरता
अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क एसएंडपी 500 में दिन के अंत में नाममात्र का बदलाव देखा गया और यह महज -0.001% की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके विपरीत, टेक सेक्टर के दम पर नैस्डैक 0.45% की बढ़त दर्ज करते हुए अपने नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा। बाजार के आंकड़ों से स्पष्ट है कि निवेशकों का रुझान पारंपरिक क्षेत्रों से हटकर ग्रोथ और चिप कंपनियों की ओर केंद्रित रहा। अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स भी आगे के सत्र के लिए लगभग सपाट कारोबार करते दिखाई दिए।
सेमीकंडक्टर में लगातार तेजी, ट्रंप का संयुक्त राष्ट्र में बयान
चिप निर्माताओं के शेयरों में लगातार खरीदारी का सिलसिला बना रहा। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 2.06% का उछाल दर्ज किया गया, जो इसकी लगातार छठी दैनिक बढ़त रही। इस तकनीकी तेजी के बीच, संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में अपने संबोधन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने AI को "सुपर इंटेलिजेंस" करार दिया और इसे नियंत्रित या सीमित करने के प्रयासों को सिरे से खारिज कर दिया। उनके इस बयान ने तकनीकी कंपनियों के प्रति निवेशकों के भरोसे को और मजबूत किया।
वित्तीय शेयरों में तेज गिरावट: मार्जिन और फीस पर AI का खतरा
टेक शेयरों में आए इस उत्साह के ठीक उलट, वित्तीय क्षेत्र पर भारी बिकवाली का दबाव देखा गया। एसएंडपी 500 के भीतर फाइनेंशियल शेयरों में -1.98% की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसने समग्र बाजार की बढ़त को सीमित कर दिया। निवेशकों में यह चिंता गहरा रही है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रसार से वित्तीय संस्थानों के पारंपरिक मार्जिन और फीस संरचना पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे बैंकिंग मुनाफे में सेंध लग सकती है।
यूरोपीय और एशियाई बाजारों की स्थिति
यूरोपीय शेयर बाजारों में ज्यादातर सूचकांक मामूली बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे। यूरोप के व्यापक सूचकांक स्टॉक्स 600 में 0.13% की तेजी आई, फ्रांस का सीएसी 40 0.20% चढ़ा और जर्मनी का डैक्स 0.02% की हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, ब्रिटेन का एफटीएसई 100 अपवाद साबित हुआ और इसमें -0.29% की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला जहां विभिन्न देशों के सूचकांक अलग-अलग दिशाओं में कारोबार करते रहे।
मुद्रा बाजार: डॉलर इंडेक्स की मजबूती से येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव
मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती का असर अन्य प्रमुख करेंसियों पर साफ दिखाई दिया। फेडरल रिजर्व के आक्रामक (हॉकिश) रुख के कारण डॉलर 30 जुलाई के बाद के अपने नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। इस मजबूती के बीच एशियाई सत्र में बुधवार को एयूडी/यूएसडी (AUD/USD) पर नया बिकवाली दबाव बना और यह 0.7100 के स्तर का परीक्षण करने लगा। ऑस्ट्रेलिया के फ्लैश पीएमआई आंकड़ों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर संकुचन में चला गया, जबकि सेवा क्षेत्र में लगातार दूसरे महीने धीमी गति से विस्तार हुआ। इसके अलावा, अमेरिका और चीन के बीच गुरुवार को होने वाली उच्चस्तरीय बैठक से पहले व्यापारी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं, जबकि अमेरिका-ईरान के बीच हुई अप्रत्यक्ष बातचीत को बाजार ने नजरअंदाज कर दिया।
इसी तरह, यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) बुधवार के एशियाई सत्र में 157.00 के मध्य स्तर के करीब मंडराता दिखा, जो पिछले शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के उच्च स्तर के पास है। बैंक ऑफ जापान (बीओजे) द्वारा हाल ही में ब्याज दर बढ़ाने के बावजूद इसके उदार रुख ने जापानी येन को कमजोर बनाए रखा है। हालांकि, येन में किसी संभावित आधिकारिक हस्तक्षेप की आशंका ने जोड़ी की और तेजी पर थोड़ा अंकुश जरूर लगाया है।
केंद्रीय बैंकों के कदम: बैंक ऑफ जापान ने बढ़ाई ब्याज दर
मौद्रिक नीति के मोर्चे पर, बैंक ऑफ जापान (बीओजे) ने ब्याज दरों को सामान्य करने की दिशा में अगला कदम उठाया। बैंक ने 7-2 के बहुमत से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया। बीओजे का यह निर्णय बाजारों की कई हफ्तों से बनी उम्मीदों के पूरी तरह अनुकूल रहा, हालांकि नीतिगत बयान के नरम सुरों से मुद्रा बाजार में येन को अधिक सहारा नहीं मिल सका।
सोने की कीमतों पर दबाव, कार्डानो (एडीए) में 14% की साप्ताहिक तेजी
कमोडिटी बाजार में, सोने की कीमतें पिछले कारोबारी सत्र में 4,300 डॉलर के निचले स्तर से उबरने के बाद बुधवार को एशियाई सत्र में दोबारा बिकवाली के दबाव में आ गईं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण के कारण डॉलर में आई तेजी ने बिना ब्याज वाले सर्राफा धातु की मांग को कमजोर कर दिया, जिससे सोना अपनी बढ़त को भुनाने में संघर्ष करता नजर आया।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में, कार्डानो (ADA) ने अपनी तेजी का दायरा बढ़ाया और 0.262 डॉलर के ऊपर कारोबार किया। इस हफ्ते अब तक कार्डानो में 14% से अधिक की तेजी दर्ज की जा चुकी है। यह तेजी बढ़ते ओपन इंटरेस्ट (OI), पॉजिटिव फंडिंग रेट्स और व्हेल निवेशकों द्वारा संचय के संकेतों से प्रेरित है। डेरिवेटिव संकेतकों में लगातार आ रहे सुधार से यह संकेत मिलता है कि खरीदारी का दबाव बने रहने पर यह रैली आगे भी जारी रह सकती है।
वाशिंगटन में ट्रंप और शी जिनपिंग की अहम बैठक पर नजरें
वैश्विक भू-राजनीति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से सभी की निगाहें गुरुवार को वाशिंगटन में होने वाले शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग वाशिंगटन में एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। अमेरिका और चीन के बीच कई महीनों से व्यापारिक तनाव में आई नरमी के बाद, यह बैठक तय करेगी कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अपने संघर्ष विराम को आगे बढ़ाएंगी या फिर वैश्विक बाजार अनिश्चितता के एक नए दौर में प्रवेश करेंगे।


















