वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती का व्यापक असर देखा जा रहा है, जिसके चलते कई प्रमुख और एशियाई मुद्राओं पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीदों ने ग्रीनबैक को सहारा दिया है। इस माहौल में सिंगापुर डॉलर में कमजोरी दर्ज की गई है और इसमें डॉलर के मुकाबले सीमित गिरावट के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, सिंगापुर का मजबूत आर्थिक ढांचा और मौद्रिक नीति का खाका इस संभावित उतार-चढ़ाव को संतुलित करने में मददगार साबित हो सकता है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, सोने और क्रिप्टो एसेट्स में भी अलग-अलग तरह की हलचल देखी जा रही है।
सिंगापुर डॉलर पर अमेरिकी मुद्रा की मजबूती का प्रभाव
ओसीबीसी के विश्लेषक सिम मोह सियोन और क्रिस्टोफर वोंग के अनुसार, USD/SGD मुद्रा जोड़ी में तेजी का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। अमेरिकी ट्रेजरी से मिलने वाले प्रतिफल में सुधार और फेड की सख्त नीति की आशंकाओं ने डॉलर सूचकांक यानी DXY को मजबूती प्रदान की है। विश्लेषकों ने स्पष्ट किया है कि अन्य आसियान (ASEAN) देशों की मुद्राओं की तुलना में सिंगापुर डॉलर की संवेदनशीलता या बीटा व्यापक डॉलर आंदोलनों के प्रति अधिक रहती है। इस वजह से यदि DXY में सुधार का सिलसिला आगे भी जारी रहता है, तो निकट भविष्य में USD/SGD की विनिमय दर ऊपर की ओर बढ़ सकती है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही डॉलर की मजबूती से अल्पकालिक दबाव बना हुआ है, लेकिन सिंगापुर की अंतर्निहित आर्थिक मजबूती इस असर को काफी हद तक थामने में सक्षम है। इसके अलावा, सिंगापुर का मॉनेटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर का S$NEER (सिंगापुर डॉलर नॉमिनेटेड इफेक्टिव एक्सचेंज रेट) नीतिगत ढांचा विनिमय दर में आने वाले किसी भी बड़े उतार-चढ़ाव की तीव्रता को नियंत्रित करने का काम करेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि मुद्रा में आने वाला कोई भी बदलाव सीमित और नियंत्रित दायरे में ही रहे।
USD/SGD का तकनीकी परिदृश्य और मुख्य स्तर
तकनीकी विश्लेषणात्मक नजरिए से देखें तो daily chart पर हल्का मंदी का दौर अब कमजोर पड़ चुका है, जबकि RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) में बढ़त दर्ज की गई है। इसके चलते निकट अवधि में जोखिम ऊपर की ओर झुकता दिखाई दे रहा है। यदि विनिमय दर ऊपर की तरफ रुख करती है, तो पहला मुख्य प्रतिरोध स्तर 1.2740 पर स्थित है, जो कि 2026 के निचले स्तर से उच्च स्तर के 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर को दर्शाता है। इसके बाद अगला प्रतिरोध 1.2760 से 1.2790 के क्षेत्र में नजर आता है, जो कि 50% फिबोनाची स्तर और 21-दिवसीय मूविंग एवरेज (DMA) के समानांतर है।
दूसरी ओर, यदि बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ता है और नीचे की तरफ गिरावट आती है, तो मुद्रा जोड़ी के लिए पहला मजबूत समर्थन स्तर 1.2680 पर देखा जा रहा है, जो 76.4% फिबोनाची रिट्रेसमेंट का प्रतिनिधित्व करता है। यदि यह स्तर भी टूटता है, तो अगला प्रमुख सपोर्ट 1.2650 के स्तर पर मौजूद है। ये तकनीकी बिंदु ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए आगामी दिनों में रणनीति बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।
जीबीपी/यूएसडी और ईयूआर/यूएसडी में हलचल
फॉरेक्स बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में भी लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। GBP/USD की बात करें तो कई दिनों से जारी नकारात्मक रुझान के बाद बुधवार को इसने 1.3470 के आसपास बने चार सप्ताह के निचले स्तर से वापसी करने में सफलता पाई। हालांकि, ब्रिटेन की मुद्रा पर भू-राजनीतिक चिंताओं का साया बना हुआ है, लेकिन डॉलर की सुस्त चाल के बीच GBP/USD में निचले स्तरों से कुछ सुधार दर्ज किया गया है।
इसी तरह EUR/USD में यूरोपीय बाजारों के बंद होने के समय 1.1600 के दायरे में मिले-जुले संकेत मिले। यह जोड़ी दिन के निचले स्तर 1.1560 से रिकवर होकर ऊपर आई, जो दो सप्ताह का निचला स्तर था। अमेरिकी डॉलर की गति में आई कमी ने यूरो को निचले स्तरों से संभलने का मौका दिया, जिससे निवेशकों ने राहत की सांस ली।
सोने और कच्चे तेल के बाजारों का रुख
कमोडिटी मार्केट में सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी लौटती दिख रही है। बुधवार को पीली धातु ने अपनी पुरानी बढ़त को हासिल करते हुए प्रति ट्रॉय औंस $4,400 के स्तर की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है। सोने में यह उछाल अमेरिकी डॉलर में आई मामूली गिरावट, स्थिर बनी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के मिले-जुले रुख की वजह से संभव हुआ है। अनिश्चितता के माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने का रुख कर रहे हैं।
ऊर्जा बाजार में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल में लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई। पिछले छह कारोबारी सत्रों में यह पांचवां मौका था जब कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त देखने को मिली। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान WTI के दाम 24 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। तेल बाजार में आपूर्ति संबंधी चिंताओं और मांग के रुझानों के कारण कीमतें मजबूती के साथ आगे बढ़ रही हैं।
डीजल क्रैक स्प्रेड और क्रिप्टो बाजार की स्थिति
कच्चे तेल का बाजार भले ही ऊपरी तौर पर शांत दिखाई दे रहा हो, लेकिन डीजल का बाजार बिल्कुल अलग कहानी बयां कर रहा है। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी WTI कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम, पहली बार $100 प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया। कारोबार के दौरान इसने $102.00 से कुछ अधिक का सर्वकालिक रिकॉर्ड intraday स्तर हासिल किया, जो रिफाइनिंग क्षमता और डिस्टिलेट आपूर्ति पर बने भारी दबाव को दर्शाता है।
दूसरी ओर, क्रिप्टो बाजार में बुधवार को व्यापक स्तर पर सुस्ती और नरमी देखी गई। निवेशक मौजूदा वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए सतर्क रुख अपना रहे हैं। बिटकॉइन (BTC) $77,000 के अपने अल्पकालिक समर्थन स्तर के करीब समेकित (consolidate) हो रहा है। एथेरियम (ETH) पर भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है और यह $2,400 के स्तर की तरफ फिसल रहा है। इसके साथ ही रिपल (XRP) में भी नीचे की ओर रुझान बना हुआ है, जिससे पूरे डिजिटल एसेट स्पेस में अनिश्चितता का माहौल है।



















