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अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और महंगाई की आशंकाओं से मजबूत हुआ अमेरिकी डॉलर, स्विस फ्रैंक पर दबावबाज़ार
2 सित॰ 2026, 10:59 am (51 मिनट पहले)· 2

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और महंगाई की आशंकाओं से मजबूत हुआ अमेरिकी डॉलर, स्विस फ्रैंक पर दबाव

अमेरिकी बांड यील्ड में उछाल और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण अमेरिकी डॉलर में मजबूती दर्ज की गई है, जिससे स्विस फ्रैंक पर दबाव बना है और वैश्विक बाजारों में हलचल तेज हो गई है।

अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मांग में जोरदार बढ़त देखी जा रही है, जिसके चलते स्विस फ्रैंक के मुकाबले डॉलर लगातार दूसरे दिन मजबूत हुआ है। बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यूएसडी/सीएचएफ (USD/CHF) मुद्रा जोड़ी 0.8130 के आसपास कारोबार करती नजर आई। डॉलर में इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी बांड यील्ड में आया जबरदस्त उछाल और कच्चे तेल के दामों में तेजी है। इन कारकों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के फिर से बढ़ने की आशंकाओं को जन्म दे दिया है, जिससे निवेशकों को डर है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है।

अमेरिकी बांड यील्ड में तेजी और कच्चे तेल का प्रभाव

वैश्विक बांड बाजार में जारी बिकवाली के कारण अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.80 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो 2025 की शुरुआत के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। इसके साथ ही, मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने मुद्रास्फीति के दबाव को और बढ़ा दिया है। जब ऊर्जा और ईंधन महंगा होता है, तो उत्पाद निर्माण और परिवहन की लागत बढ़ जाती है, जिससे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर सीधा असर पड़ता है। इसी चिंता में निवेशक अमेरिकी डॉलर जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।

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स्विट्जरलैंड के आर्थिक आंकड़े और केंद्रीय बैंक की नीति

दूसरी तरफ, स्विट्जरलैंड की घरेलू अर्थव्यवस्था से सकारात्मक आंकड़े सामने आए हैं। अगस्त महीने के लिए स्विट्जरलैंड का एसवीएमई (SVME) परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) सुधरकर 57.1 पर पहुंच गया, जो जुलाई में 53.2 के पांच महीने के निचले स्तर पर था। यह मई के बाद का सबसे बेहतर आंकड़ा है और विनिर्माण क्षेत्र में मजबूती का संकेत देता है। इसके अलावा, जुलाई में वास्तविक खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर 2.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 1.3 प्रतिशत के अनुमान से बेहतर रही और जून के संशोधित 1.9 प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है। हालांकि, इन मजबूत आंकड़ों के बावजूद स्विस फ्रैंक को मुद्रा बाजार में ज्यादा समर्थन नहीं मिल पा रहा है।

ब्राउन ब्रदर्स हैरीमैन के वरिष्ठ विश्लेषक एलियास हदाद के अनुसार, स्विट्जरलैंड में कम मुद्रास्फीति की दर और स्विस नेशनल बैंक (SNB) द्वारा अपनी नीतिगत ब्याज दर को 0.00 प्रतिशत पर बनाए रखने का निर्णय स्विस फ्रैंक की कमजोरी की मुख्य वजह है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चालू तिमाही में जी10 (G10) देशों की मुद्राओं में स्विस फ्रैंक का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। जब दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंक ऊंची ब्याज दरें प्रदान कर रहे हों, तब शून्य ब्याज दर वाला माहौल निवेशकों को आकर्षित नहीं कर पाता, जिससे स्विस फ्रैंक पर लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

स्विस फ्रैंक की वैश्विक भूमिका और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

स्विस फ्रैंक (CHF) स्विट्जरलैंड की आधिकारिक राष्ट्रीय मुद्रा है और यह दुनिया की शीर्ष 10 सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्राओं में शामिल है। स्विस अर्थव्यवस्था के वास्तविक आकार की तुलना में विदेशी मुद्रा बाजार में स्विस फ्रैंक का दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम कहीं अधिक है। इसकी विनिमय दर बाजार की व्यापक धारणा, देश की आर्थिक स्थिरता और स्विस नेशनल बैंक के मौद्रिक फैसलों से तय होती है। 2011 से 2015 के बीच स्विस फ्रैंक को यूरो के साथ एक निश्चित सीमा पर बांधकर (पेग करके) रखा गया था। जनवरी 2015 में जब इस व्यवस्था को अचानक खत्म किया गया, तो स्विस फ्रैंक का मूल्य मिनटों में 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में भारी उथल-पुथल मच गई थी। भले ही अब वह व्यवस्था लागू नहीं है, लेकिन स्विस अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा यूरोपीय संघ पर निर्भर होने के कारण यूरो और स्विस फ्रैंक के बीच आज भी 90 प्रतिशत से अधिक का सीधा संबंध देखा जाता है।

पारंपरिक रूप से स्विस फ्रैंक को एक 'सेफ-हेवन' यानी संकट के समय सुरक्षित निवेश माना जाता है। जब भी वैश्विक राजनीति या अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता आती है, निवेशक अपने पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए स्विस फ्रैंक खरीदते हैं। स्विट्जरलैंड की स्थिर राजनीतिक व्यवस्था, मजबूत निर्यात क्षेत्र, विशाल विदेशी मुद्रा भंडार और अंतरराष्ट्रीय विवादों में तटस्थ रहने की नीति इसे सुरक्षित बनाती है। हालांकि, जब ब्याज दरों का अंतर बहुत अधिक हो जाता है, तो सुरक्षित संपत्ति होने का लाभ भी कम पड़ जाता है, जैसा कि मौजूदा स्थिति में देखने को मिल रहा है।

स्विस नेशनल बैंक का मौद्रिक नीति ढांचा

स्विस नेशनल बैंक (SNB) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक वर्ष में केवल चार बार यानी हर तिमाही में एक बार आयोजित की जाती है, जो अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की तुलना में कम है। एसएनबी का प्राथमिक लक्ष्य देश में वार्षिक मुद्रास्फीति दर को 2 प्रतिशत से नीचे बनाए रखना होता है। जब भी महंगाई दर इस लक्ष्य से ऊपर जाने लगती है या ऐसा होने का अनुमान होता है, केंद्रीय बैंक अपनी नीतिगत दरों में बढ़ोतरी करता है। ऊंची ब्याज दरें स्विस फ्रैंक के प्रति रिटर्न बढ़ाती हैं, जिससे विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ता है और मुद्रा मजबूत होती है। इसके विपरीत, शून्य या कम ब्याज दरें मुद्रा के मूल्य को घटाती हैं।

अन्य प्रमुख विदेशी मुद्रा जोड़ों का हाल

अमेरिकी डॉलर की सर्वत्र मजबूती का असर अन्य प्रमुख मुद्राओं पर भी साफ देखा जा सकता है। यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) जोड़ी गिरकर 1.3500 के स्तर के पास आ गई। मध्य पूर्व में तनाव के कारण ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले डॉलर को सुरक्षित निवेश का फायदा मिल रहा है। बाजार प्रतिभागी अब शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी अगस्त रोजगार रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, ईयूआर/यूएसडी (EUR/USD) जोड़ी भी कमजोर होकर 1.1575 के करीब कारोबार कर रही है। फेडरल रिजर्व के कड़े रुख और भू-राजनीतिक चिंताओं ने यूरो पर दबाव बनाया हुआ है। इस सप्ताह यूरोजोन के खुदरा बिक्री आंकड़ों और अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

कीमती धातुओं और कच्चे तेल के बाजार की स्थिति

अमेरिकी बांड यील्ड में तेजी का सबसे बड़ा नुकसान सोने को उठाना पड़ा है। एशियाई व्यापार में 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.81 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो नवंबर 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है। इसके चलते सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। व्यापारी अब अमेरिकी एडीपी (ADP) रोजगार आंकड़ों के जारी होने की राह देख रहे हैं। दूसरी ओर, ऊर्जा बाजार में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल में लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई। पिछले छह कारोबारी दिनों में से पांच दिन बढ़त दर्ज करते हुए डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल की कीमत 24 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

डीजल क्रैक स्प्रेड और क्रिप्टोकरेंसी पर असर

तेल बाजार में भले ही ऊपरी तौर पर शांति दिख रही हो, लेकिन डीजल बाजार से अलग संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड (अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा और डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल के बीच का अंतर) हाल ही में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया और 102.00 डॉलर प्रति बैरल के नए सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह स्थिति दर्शाती है कि रिफाइनिंग लागत और औद्योगिक ईंधन की मांग में असामान्य बदलाव आ रहे हैं।

डिजिटल एसेट्स यानी क्रिप्टोकरेंसी बाजार पर भी बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। अगस्त महीने में आई शानदार तेजी के बाद बिटकॉइन (BTC), एथेरियम (ETH) और रिपल (XRP) जैसी शीर्ष क्रिप्टोकरेंसी में तकनीकी संकेतक कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं। एथेरियम 2,500 डॉलर के प्रतिरोध स्तर से टकराकर नीचे आ गया है, जबकि एक्सआरपी महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तरों के नीचे समेकित हो रहा है। कुल मिलाकर, वैश्विक वित्तीय बाजार में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और बॉन्ड यील्ड का दबदबा कायम है।

सवाल-जवाब

यूएसडी/सीएचएफ (USD/CHF) जोड़ी में तेजी क्यों आ रही है?
अमेरिकी बांड यील्ड में उछाल और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, जबकि स्विट्जरलैंड की 0.00% ब्याज दर के कारण स्विस फ्रैंक कमजोर हो रहा है।
अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड किस स्तर पर पहुंची है?
वैश्विक बांड बिकवाली के कारण अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.80 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो 2025 की शुरुआत के बाद का उच्चतम स्तर है।
स्विट्जरलैंड का अगस्त पीएमआई (PMI) आंकड़ा क्या रहा?
स्विट्जरलैंड का एसवीएमई (SVME) पीएमआई अगस्त में सुधरकर 57.1 पर पहुंच गया, जो जुलाई में 53.2 के स्तर पर था।
स्विस नेशनल बैंक (SNB) की वर्तमान नीतिगत ब्याज दर क्या है?
स्विस नेशनल बैंक ने अपनी नीतिगत ब्याज दर को 0.00 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर रखा है।
कच्चे तेल और डीजल क्रैक स्प्रेड में क्या हलचल देखी गई?
मध्य पूर्व में अमेरिकी-ईरान तनाव के कारण डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल 24 जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि डीजल क्रैक स्प्रेड 102.00 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।
सोने और क्रिप्टोकरेंसी पर इसका क्या प्रभाव पड़ा?
उच्च ट्रेजरी यील्ड के कारण सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही, जबकि बिटकॉइन, एथेरियम और रिपल में भी तकनीकी रूप से बिकवाली का दबाव देखा गया।
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