अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक की जोड़ी (USD/CHF) हालिया तेज उछाल के बाद फिलहाल एक सीमित दायरे में स्थिरता तलाशती नजर आ रही है। तकनीकी संकेतों के मुताबिक, इस मुद्रा जोड़ी के लिए 0.8300 का स्तर एक कड़ा मनोवैज्ञानिक और तकनीकी प्रतिरोध साबित हो रहा है। बाजार विश्लेषक क्वेक सेर लियांग के विश्लेषण के अनुसार, तेज उछाल के बाद डॉलर में फिलहाल सुस्ती देखी जा रही है और इसका तात्कालिक दैनिक दायरा 0.8225 से 0.8265 के बीच रहने की संभावना बनी हुई है। हालांकि एक से तीन सप्ताह के दृष्टिकोण से डॉलर का रुख अभी भी सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन 0.8300 के पार निकलने के लिए आवश्यक मजबूती की पुष्टि होना अभी बाकी है। जब तक यह जोड़ी 0.8185 के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर से ऊपर बनी हुई है, तब तक इसके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बरकरार रहेगा।
डॉलर और स्विस फ्रैंक में हालिया चाल और तकनीकी स्तर
अमेरिकी डॉलर ने दो दिन पहले 0.8265 के स्तर को छूकर एक तेज रैली दर्ज की थी, जिसके बाद इस उछाल के अत्यधिक खिंच जाने के संकेत मिलने लगे थे। विश्लेषकों का मानना था कि डॉलर के बहुत ज्यादा ऊपर जाने की संभावना कम है और इसके 0.8225 से 0.8275 के बीच स्थिर रहने का अनुमान लगाया गया था। इसके बाद डॉलर 0.8220 से 0.8262 के दायरे में घूमता रहा और 0.12 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 0.8243 पर बंद हुआ। यह मूल्य व्यवहार स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि बाजार अभी पिछले लाभ को पचा रहा है और एक कंसॉलिडेशन चरण में है। 17 सितंबर को जब स्पॉट स्तर 0.8250 पर था, तब यह संकेत दिया गया था कि गति मजबूत होने के बावजूद 0.8300 के पार ब्रेकआउट के लिए पर्याप्त रफ्तार है या नहीं, यह कहना जल्दबाजी होगी। 0.8185 का स्तर एक मजबूत आधार बना हुआ है, जिसका टूटना ही इस तेजी के परिदृश्य को अमान्य कर सकता है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में बढ़त और बॉन्ड यील्ड का प्रभाव
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य मोर्चों पर नजर डालें तो शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) में लगातार दूसरे दिन सकारात्मक रुख देखने को मिला। यह जोड़ी 0.7100 के स्तर से ऊपर मजबूती से टिकी रही। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने डॉलर में खरीदारी करने वालों को बैकफुट पर रखा, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को संभलने का मौका मिला। इसके अलावा, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की गवर्नर बुलॉक के सख्त बयानों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को बल दिया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अतिरिक्त सहारा मिला। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत रुख और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने डॉलर के नुकसान को सीमित रखा, जिसके चलते इस मुद्रा जोड़ी की बढ़त पर एक निश्चित सीमा लगी रही।
बैंक ऑफ जापान का दर वृद्धि फैसला और येन में सुधार
यूरोपीय सत्र के दौरान डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) में भी महत्वपूर्ण हलचल दर्ज की गई। यह जोड़ी दो सप्ताह के उच्च स्तर लगभग 157.30 तक पहुंचने के बाद नीचे की ओर मुड़ गई। जापानी येन को बैंक ऑफ जापान (BoJ) के गवर्नर उएदा की मौद्रिक नीति बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई टिप्पणियों से कुछ राहत मिली। केंद्रीय बैंक ने दिन की शुरुआत में अप्रत्याशित रूप से 7-2 के बहुमत से ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया था। जापान की अत्यधिक कम ब्याज दरों ने एक दशक से अधिक समय तक वैश्विक स्तर पर खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की थी, जिससे येन दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बन गया था। बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत सख्ती के नए चरण में प्रवेश करने के साथ ही यह स्थिति अब बदलती दिख रही है, खासकर तब जब अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं पहले ही ब्याज दरें बढ़ा चुकी हैं और जापान एक अलग दिशा में खड़ा रहा था।
सोने की कीमतों में मजबूती और मुद्रास्फीति की चिंताएं
कमोडिटी बाजार में सोने में लगातार दूसरे दिन खरीदारी का रुझान देखा गया, जिससे यूरोपीय सत्र की शुरुआत तक पीली धातु एक नए साप्ताहिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तरों से और नीचे खिसक गई, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट ने बेकाबू मुद्रास्फीति के तात्कालिक डर को कम करने में मदद की। इस बदलाव ने अमेरिकी डॉलर की बढ़त को रोकने का काम किया और सोने की कीमतों को ठोस आधार प्रदान किया। निवेशक अब केंद्रीय बैंकों के आगामी कदमों, वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और कच्चे तेल के प्रवाह पर करीब से नजर रख रहे हैं, जो आने वाले हफ्तों में मुद्रा विनिमय दरों की दिशा तय करेंगे।


















