भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की खुदरा कीमतों में स्थिरता का रुख देखा जा रहा है। हालांकि, बाजार की यह शांति केवल सतह पर है, क्योंकि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े वित्तीय और भू-राजनीतिक घटनाक्रम सक्रिय हैं। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट, नए आयात शुल्कों की घोषणा और दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों को लेकर चल रही खींचतान ने इस कीमती धातु के बाजार को बेहद संवेदनशील बना दिया है। घरेलू स्तर पर कीमतें स्थिर होने के बावजूद, वैश्विक स्तर पर बिकवाली के दबाव और सुरक्षात्मक निवेश (सेफ हेवन) की मांग के कारण बाजार में तेज उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। आने वाले सप्ताह में निवेशकों की निगाहें अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसलों पर टिकी होंगी, जो सोने-चांदी की भविष्य की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
घरेलू बाजार में सोने और चांदी की वर्तमान दरें
भारतीय बाजार में विभिन्न श्रेणियों के सोने और चांदी की कीमतें बिना किसी बड़े बदलाव के एक निश्चित स्तर पर टिकी हुई हैं। यदि हम सबसे शुद्ध श्रेणी यानी 24 कैरेट सोने की बात करें, तो इसके लिए ग्राहकों को प्रति 1 ग्राम ₹14,493 का भुगतान करना होगा। पारंपरिक गहनों और सिक्कों के लिए उपयोग किए जाने वाले 8 ग्राम सोने की कीमत ₹1,15,944 निर्धारित है। वहीं, बाजार के सबसे मानक माने जाने वाले 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1,44,930 पर स्थिर है। यदि कोई थोक खरीदार 100 ग्राम 24 कैरेट सोने की खरीदारी करना चाहता है, तो उसके लिए वर्तमान मूल्य ₹14,49,300 तय किया गया है।
आभूषणों के निर्माण में सबसे अधिक उपयोग होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमतों पर नजर डालें, तो यहां प्रति 1 ग्राम की दर ₹13,285 चल रही है। इसके 8 ग्राम वाले विकल्प की कीमत ₹1,06,280 है, जबकि मानक 10 ग्राम सोने के लिए खरीदारों को ₹1,32,850 चुकाने होंगे। बड़े स्तर पर खरीदारी करने वालों के लिए 100 ग्राम 22 कैरेट सोने का मूल्य ₹13,28,500 पर बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, बजट अनुकूल और टिकाऊ आभूषणों के लिए लोकप्रिय 18 कैरेट श्रेणी में सोने की कीमत ₹10,870 प्रति ग्राम है। इसके 8 ग्राम की कीमत ₹86,960 और 10 ग्राम की कीमत ₹1,08,700 है। इस श्रेणी में 100 ग्राम सोने की कीमत ₹10.87 लाख (यानी ₹10,87,000) पर टिकी हुई है।
सोने की ही तरह घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में भी कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया है। खुदरा स्तर पर 1 ग्राम चांदी की कीमत ₹240 बनी हुई है। 8 ग्राम चांदी के लिए निवेशकों को ₹1,920 और 10 ग्राम के लिए ₹2,400 का भुगतान करना होगा। अधिक मात्रा में खरीदारी के लिए 100 ग्राम चांदी का भाव ₹24,000 है, जबकि औद्योगिक और बड़े निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले 1 किलोग्राम चांदी की दर ₹2.40 लाख (यानी ₹2,40,000) पर स्थिर है।
साप्ताहिक प्रदर्शन और वायदा बाजार की हलचल
भले ही खुदरा कीमतें इस समय स्थिर दिख रही हों, लेकिन पिछला कारोबारी सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। वित्तीय विश्लेषक फर्म एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज के विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले सप्ताह के दौरान सोने में लगभग 1% की साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी ने और भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए 1.5% से अधिक की तेजी दिखाई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे सप्ताह कीमती धातुओं के बाजार पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और केंद्रीय बैंकों की भविष्य की नीतियों को लेकर लग रहे कयासों का गहरा असर देखने को मिला।
भारत के वायदा बाजार की बात करें तो MCX पर सोने का भाव पिछले सप्ताह ₹1,43,066 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, MCX पर चांदी की वायदा कीमत ₹2,22,301 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई थी। हालांकि दोनों ही धातुएं साप्ताहिक आधार पर हरे निशान में बंद होने में सफल रहीं, लेकिन पूरे हफ्ते के दौरान बाजार का मिजाज काफी अस्थिर और कुछ हद तक मंदी की ओर झुका हुआ नजर आया। वैश्विक बाजार में पिछले हफ्ते की तेज बिकवाली के बाद स्पॉट गोल्ड (हाजिर सोना) लगभग $4,050 प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा। इसके साथ ही, जुलाई के अंतिम दिनों तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी की कीमत लगभग $58 प्रति औंस के स्तर पर दर्ज की गई।
कच्चे तेल में उबाल और भू-राजनीतिक तनाव का असर
वैश्विक बाजार में आई इस अस्थिरता के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी एक मुख्य कारक रही है। ब्रेंट क्रूड ऑयल एक बार फिर $100 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान रहा, जिसमें उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ाने की चेतावनी दी थी। इसके साथ ही उन्होंने लाल सागर (रेड सी) में वाणिज्यिक जहाजों पर होने वाले किसी भी हाउती हमले के लिए सीधे तौर पर तेहरान (ईरान) को जिम्मेदार ठहराने की बात कही।
तेल की कीमतों में इस अचानक उछाल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) की चिंताओं को फिर से हवा दे दी है। एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का स्पष्ट कहना है कि कच्चे तेल के महंगे होने से महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। इसके चलते इस बात की संभावना मजबूत हो गई है कि दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंक बाजार में तरलता को नियंत्रित करने के लिए अपनी प्रतिबंधात्मक मौद्रिक नीतियों (ऊंची ब्याज दरों की व्यवस्था) को लंबे समय तक जारी रख सकते हैं। जब ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो गैर-ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने को होल्ड करने की अवसर लागत बढ़ जाती है, जिससे बाजार में अनिश्चितता पैदा होती है।
यूएस फेड की बैठक और वैश्विक आर्थिक नीतियां
इस अनिश्चित वित्तीय माहौल के बीच सभी की निगाहें अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Fed) की आगामी नीतिगत बैठक पर टिकी हुई हैं। बाजार के अधिकांश प्रतिभागियों को उम्मीद है कि इस बैठक में ब्याज दरों को यथावत रखा जाएगा। हालांकि, फ्यूचर्स मार्केट के आंकड़ों से संकेत मिलते हैं कि इस बैठक में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की भी 34% संभावना बनी हुई है। इसके अलावा, महंगाई के दबाव को देखते हुए आगामी सितंबर महीने में ब्याज दरों में कटौती या वृद्धि की संभावना 80% से ऊपर बनी हुई है, जो यह दर्शाती है कि नीति निर्माता अभी भी मुद्रास्फीति को लेकर बेहद सतर्क हैं।
इसके साथ ही, वैश्विक व्यापारिक मोर्चे पर भी तनाव बढ़ता दिख रहा है। अमेरिका ने अपने कई प्रमुख व्यापारिक साझेदारों से आने वाले आयात पर 10% से लेकर 12.5% तक के नए टैरिफ (आयात शुल्क) लगा दिए हैं। दूसरी ओर, यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) ने अपनी हालिया बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन उसने साफ संकेत दिए हैं कि यदि मुद्रास्फीति का दबाव कम नहीं हुआ, तो सितंबर की बैठक में ब्याज दरों को और बढ़ाया जा सकता है। इन निर्णयों ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है।
तकनीकी विश्लेषण और आने वाले सप्ताह के लिए ट्रेडिंग रेंज
तकनीकी चार्ट और बाजार के रुख के आधार पर, एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने सोने और चांदी के लिए महत्वपूर्ण स्तरों की पहचान की है। वैश्विक बाजार (COMEX) में सोने के लिए $3,980 प्रति औंस पर एक मजबूत सपोर्ट (समर्थन स्तर) देखा जा रहा है, जबकि इसके लिए तत्काल रेजिस्टेंस (प्रतिरोध स्तर) $4,200 पर मौजूद है। यदि सोने की कीमत $3,980 के स्तर से नीचे की ओर टूटती है, तो इसमें बड़ी गिरावट आ सकती है और यह $3,850 के स्तर तक जा सकता है। चांदी (COMEX) के लिए आने वाले समय में $50 से $64 प्रति औंस के बीच एक विस्तृत दायरा रहने की उम्मीद है।
यदि इस तकनीकी परिदृश्य को भारतीय बाजारों के संदर्भ में देखा जाए, तो आने वाले सप्ताह में घरेलू बाजार में सोने के ₹1,37,500 से ₹1,44,000 प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार करने की संभावना है। वहीं, MCX पर चांदी की कीमतें भी उतार-चढ़ाव के बीच ₹2,05,000 से ₹2,28,000 प्रति किलोग्राम के दायरे में सीमित रह सकती हैं। ऐसे में निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रमों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बयानों पर पैनी नजर रखनी होगी, क्योंकि यही कारक आने वाले समय में सोने और चांदी की दिशा तय करेंगे।



















