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कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट, ८२ डॉलर के आसपास पहुंचा डब्ल्यूटीआईबाज़ार
25 अग॰ 2026, 5:22 pm (1 दिन पहले)· 2

कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट, ८२ डॉलर के आसपास पहुंचा डब्ल्यूटीआई

अमेरिका द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक प्रतिबंधों पर जोर दिए जाने के बीच कच्चे तेल के दाम लुढ़क गए हैं।

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Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण25 अगस्त 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

CL अभी $82.27 पर है, जबकि EMA20 $83.15, EMA50 $82.77 और EMA200 $75.86 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA50 ($82.77) के ऊपर बंद होने पर तेजी, EMA200 ($75.86) टूटने पर गिरावट खुलती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

CL का RSI 49 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में खासी कमजोरी देखने को मिली है, जहां वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट के दाम मंगलवार को यूरोपीय कारोबार के दौरान तीन प्रतिशत टूटकर लगभग ८२ डॉलर के आसपास आ गए। बाजार के जानकारों का कहना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी गई है, जिसे सैन्य आक्रामकता की तुलना में तेल बाजार के लिए कम खतरनाक माना जा रहा है। यही वजह है कि निवेशकों में घबराहट कम हुई है और कीमतों पर दबाव बढ़ गया है।

आर्थिक डी-डे और अमेरिकी चेतावनी

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान के वैश्विक वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ आर्थिक मोर्चा खोलने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान पर आर्थिक डी-डे जैसी योजनाएं लागू करने जा रहा है और प्रतिबंधों के क्रियान्वयन में शून्य लीकेज के दृष्टिकोण का पालन किया जाएगा। हालांकि, डंस्के बैंक के विश्लेषकों का मानना है कि इस घोषणा में समय, निगरानी या दायरे को लेकर कोई ठोस विवरण नहीं दिया गया है। विश्लेषकों के मुताबिक, यह कदम किसी बड़े और निर्णायक टकराव के बजाय एक चेतावनी की तरह अधिक प्रतीत होता है, जिसके कारण बाजार पर इसका तत्काल असर सीमित रहा है। दूसरी ओर, तेहरान ने अमेरिकी पाबंदियों का कड़ा जवाब देने का संकल्प लिया है और उसे चीन जैसे प्रमुख सहयोगियों का समर्थन मिलने का पूरा भरोसा है।

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चीन की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक रुख

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ उनके देश का सहयोग पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में आता है और इसमें किसी भी तरह का बाहरी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। सक्सोबैंक के रणनीतिकारों के अनुसार, इस पूरे संघर्ष में सैन्य टकराव से हटकर आर्थिक दबाव की नीति अपनाने से तेल बाजार की पुरानी चिंताएं कुछ हद तक कम हुई हैं।

तकनीकी विश्लेषण और मूविंग एवरेज

दैनिक चार्ट पर डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल ८२.१४ डॉलर पर कारोबार कर रहा है और यह २०-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए जो कि ८२.३१ डॉलर पर है, उसके ठीक नीचे टिका हुआ है। यह स्तर ऊपर की तरफ कीमतों को सीमित कर रहा है और अल्पकालिक रुख को थोड़ा मंदी की ओर इशारा करता है। हालांकि, कीमतें ७७.७६ डॉलर के आसपास उभरती हुई बढ़ती सपोर्ट ट्रेंड लाइन से काफी ऊपर बनी हुई हैं, जिसका मतलब है कि व्यापक तेजी का रुख अभी भी बरकरार है। इसके अलावा, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई ५०.६० के स्तर पर तटस्थ दायरे के करीब है, जो किसी मजबूत दिशात्मक गति के बजाय समेकन के चरण को दर्शाता है। यदि मंदी का दबाव गहराता है, तो खरीदार ७७.७६ डॉलर के आसपास के सपोर्ट स्तर पर लौट सकते हैं, जबकि ऊपर की तरफ ८२.३१ डॉलर का ईएमए तुरंत रुकावट का काम कर रहा है।

डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल की विशेषताएं

डब्ल्यूटीआई यानी वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकने वाले कच्चे तेल के प्रमुख प्रकारों में से एक है, जिसमें ब्रेंट और दुबई क्रूड भी शामिल हैं। इसे इसकी कम डेंसिटी और सल्फर सामग्री के कारण लाइट और स्वीट कहा जाता है, जो इसे रिफाइन करने में बेहद आसान और उच्च गुणवत्ता वाला बनाता है। अमेरिका में उत्पादित होने वाले इस तेल का वितरण कुशिंग हब के माध्यम से किया जाता है, जिसे दुनिया का पाइपलाइन क्रॉसरोड्स भी कहा जाता है। यह तेल बाजार के लिए एक प्रमुख बेंचमार्क है और वैश्विक मीडिया में इसकी कीमतों का उल्लेख बड़े पैमाने पर किया जाता है।

मूलभूत कारक और आपूर्ति तथा मांग

किसी भी अन्य संपत्ति की तरह डब्ल्यूटीआई तेल की कीमतें भी मुख्य रूप से आपूर्ति और मांग के बुनियादी नियमों पर चलती हैं। वैश्विक आर्थिक वृद्धि मजबूत होने पर मांग बढ़ती है और कमजोर होने पर इसमें गिरावट आती है। इसके अलावा राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध और प्रतिबंध आपूर्ति श्रृंखला को बाधित कर सकते हैं। दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक के फैसले भी कीमतों को तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। चूंकि तेल का कारोबार मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में होता है, इसलिए डॉलर की कमजोरी या मजबूती सीधे तौर पर कच्चे तेल की वहनीयता को प्रभावित करती है।

इन्वेंट्री रिपोर्ट और ओपेक की भूमिका

अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट और एनर्जी इंफॉर्मेशन एजेंसी द्वारा प्रकाशित साप्ताहिक इन्वेंट्री रिपोर्ट भी तेल की कीमतों पर असर डालती है। भंडार में कमी मांग में बढ़ोतरी का संकेत देती है, जिससे कीमतें ऊपर जाती हैं, जबकि बढ़ता भंडार कीमतों पर नीचे की तरफ दबाव डालता है। ईएमए का सरकारी एजेंसी होने के कारण इसका डेटा अधिक विश्वसनीय माना जाता है। ओपेक बारह प्रमुख तेल उत्पादक देशों का एक समूह है जो अपनी बैठकों में उत्पादन को लेकर कोटा तय करता है। इसके अलावा ओपेक प्लस में दस अतिरिक्त गैर-ओपेक देश भी शामिल हैं, जिनमें रूस सबसे प्रमुख है।

अन्य वैश्विक बाजार अपडेट

इस बीच, यूरोपीय सत्र में पाउंड और डॉलर के मुकाबले मुद्रा बाजार में हलचल देखी गई, जहां ब्रिटेन और यूरोज़रो से जुड़े आंकड़े और भू-राजनीतिक खबरें सुर्खियों में रहीं। सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव जारी है क्योंकि ऊर्जा की कीमतों में अस्थिरता और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर अटकलें बनी हुई हैं। इसके अलावा बिटकॉइन और अन्य परिसंपत्तियों में भी संस्थागत मांग के चलते गतिविधियां देखी जा रही हैं, जबकि निवेशक आगामी आर्थिक बैठकों और नीतिगत फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं।

सवाल-जवाब

डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल की कीमत में हाल ही में कितनी गिरावट आई है?
यूरोपीय सत्र के दौरान डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल के दाम तीन प्रतिशत घटकर लगभग ८२ डॉलर के आसपास आ गए।
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ क्या नया कदम उठाया है?
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने ईरान के वैश्विक वित्तीय संपर्कों के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंधों और शून्य लीकेज दृष्टिकोण की घोषणा की है।
चीन ने ईरान के साथ अपने संबंधों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
चीन ने कहा है कि उसका सहयोग अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में है और इसमें कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
कच्चे तेल की कीमतों को तय करने वाले प्रमुख कारक कौन से हैं?
वैश्विक आपूर्ति और मांग, भू-राजनीतिक तनाव, ओपेक के फैसले और अमेरिकी डॉलर का प्रदर्शन मुख्य कारक हैं।
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