यूरोपीय अर्थव्यवस्था में अगस्त महीने के मुद्रास्फीति आंकड़े सामने आने के साथ ही वैश्विक मुद्रा बाजार में यूरो को मजबूत सहारा मिलता दिख रहा है। फ्रांस और स्पेन से मिले शुरुआती संकेत बताते हैं कि यूरो क्षेत्र में वार्षिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक बढ़कर 3.4 प्रतिशत पर पहुंच सकता है, जो इससे पिछले महीने में 3.0 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इस उछाल के बावजूद अंतर्निहित मुद्रास्फीति दबाव सीमित रहने का अनुमान है, जिससे यूरोपीय सेंट्रल बैंक की नीतिगत दरों को लेकर निवेशकों का दृष्टिकोण संतुलित बना हुआ है। मुद्रा बाजार में यूरो और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर 1.1650 के आसपास घूम रही है, जहां यूरोपीय केंद्रीय बैंक की ब्याज दर नीतियों के प्रति सतर्क और सख्त रुख का स्पष्ट प्रभाव दिखाई दे रहा है।
ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ा मुद्रास्फीति का आंकड़ा
यूरोपीय क्षेत्र में मुद्रास्फीति दर में आने वाली यह तेजी मुख्य रूप से ऊर्जा उत्पादों की बढ़ती लागत के कारण दर्ज की जा रही है। अगर विस्तृत आंकड़ों पर गौर करें तो पेट्रोल की खुदरा पंप कीमतों में महीने-दर-महीने 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि डीजल के दामों में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। इन दो प्रमुख ईंधन उत्पादों की महंगी दरों ने समग्र सूचकांक को ऊपर धकेलने का काम किया है। हालांकि, खाद्य और ऊर्जा जैसी अस्थिर वस्तुओं को छोड़कर आंकी जाने वाली मुख्य या कोर मुद्रास्फीति में कोई बदलाव नहीं आने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है। कोर मुद्रास्फीति का स्तर 2.5 प्रतिशत वार्षिक पर स्थिर बना रह सकता है, जो यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था में व्यापक स्तर पर मांगजनित महंगाई का प्रभाव फिलहाल सीमित है।
कॉर्पोरेट बिक्री कीमतों की प्रत्याशा और यूरोपीय आयोग का सर्वेक्षण
क्रय प्रबंधक सूचकांक के मूल्य घटकों से भी यही संकेत मिल रहा है कि मुख्य मुद्रास्फीति की रफ्तार काफी धीमी बनी हुई है। इसके साथ ही, यूरोपीय आयोग के अगस्त व्यवसाय सर्वेक्षण पर भी वित्तीय विश्लेषकों की गहरी नजर टिकी हुई है। इस सर्वेक्षण में इस बात का सूक्ष्म मूल्यांकन किया जा रहा है कि विभिन्न कंपनियां अपनी बिक्री कीमतों को लेकर क्या दृष्टिकोण रख रही हैं। मार्च और अप्रैल के महीनों में कंपनियों की बिक्री मूल्य अपेक्षाओं में तेजी दर्ज की गई थी, लेकिन हाल के महीनों में इनमें लगातार गिरावट देखी गई है। विशेष रूप से सेवा क्षेत्र की मूल्य अपेक्षाएं अब रूस-यूक्रेन संघर्ष से पहले के स्तर पर वापस आ चुकी हैं। बिक्री कीमतों में गिरावट का यह रुझान इस संभावना को मजबूत करता है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक भविष्य में अपनी ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की केवल एक और वृद्धि ही करेगा।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक का दर परिदृश्य और जमा दर का अनुमान
यूरोपीय क्षेत्र में अंतर्निहित मुद्रास्फीति की स्थिति तुलनात्मक रूप से नियंत्रित दिखाई दे रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मूल्य वृद्धि का दबाव मुख्य रूप से ऊर्जा कीमतों तक ही सीमित है और अर्थव्यवस्था में मांग का कोई अत्यधिक दबाव या द्वितीयक प्रभाव नजर नहीं आ रहा है। इस पृष्ठभूमि में, यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सितंबर महीने के नीतिगत निर्णय के बाद दरों में तत्काल बदलाव न करने और स्थिति पर नजर रखने की रणनीति अपनाने की संभावना है। सितंबर की बैठक में ब्याज दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की उम्मीदें पहले ही बाजार की दरों में समाहित हो चुकी हैं। मौद्रिक नीति परिदृश्य के नए अनुमानों के अनुसार, सितंबर में एक अंतिम दर वृद्धि के बाद अगले वर्ष ब्याज दरों में कटौती की संभावना खत्म हो गई है। इसके चलते यूरोपीय सेंट्रल बैंक की जमा दर वर्ष 2027 के अंत तक 2.50 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर बनी रह सकती है।
जैक्सन होल सम्मेलन और फेड अध्यक्ष के भाषण पर नजर
अमेरिका में फेडरल रिजर्व के वार्षिक जैक्सन होल आर्थिक सम्मेलन पर वैश्विक बाजारों का पूरा ध्यान केंद्रित है। 27 से 29 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का मुख्य विषय वित्तीय नवाचार और भुगतान तथा नीतियों पर इसके प्रभाव रखा गया है। सम्मेलन के दौरान फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश का संबोधन बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। निवेशक और व्यापारी केविन वॉश के वक्तव्य में सितंबर महीने में होने वाली अमेरिकी मौद्रिक नीति बैठक से जुड़े संकेतों की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, ऐतिहासिक पैटर्न और नीतिगत रुख को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि केविन वॉश भावी ब्याज दर दिशा को लेकर कोई स्पष्ट या आक्रामक मार्गदर्शन देने से बच सकते हैं।
पाउंड स्टर्लिंग पर कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में ब्रिटिश पाउंड डॉलर के मुकाबले दो दिनों की गिरावट के बाद आंशिक सुधार दर्ज करते हुए एशियाई कारोबारी घंटों में 1.3600 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। हालांकि, पाउंड स्टर्लिंग को आने वाले दिनों में कुछ विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतों में आई हालिया नरमी ने ब्रिटेन में अल्पकालिक मुद्रास्फीति की चिंताओं को कम किया है। मुद्रास्फीति दबाव हल्का होने के कारण मनी मार्केट के सहभागियों ने बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों में अगली वृद्धि की समयसीमा को वर्ष 2026 के अंत से खिसकाकर 2027 की शुरुआत तक आगे बढ़ा दिया है। इस बदलाव का प्रभाव ब्रिटिश मुद्रा की विनिमय दरों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।



















