अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरोपीय सेंट्रल बैंक यानी ईसीबी के सख्त नीतिगत दृष्टिकोण के कारण यूरो को मजबूती मिलती दिख रही है। वैश्विक बाजारों में इस बात की व्यापक संभावना जताई जा रही है कि ईसीबी आगामी सितंबर महीने की बैठक में अपनी जमा दर यानी डिपॉजिट रेट को बढ़ाकर 2.50% तक कर सकता है। इस संभावित बढ़ोतरी की वजह से EUR/USD मुद्रा जोड़े में तेजी दर्ज की गई है। इसके साथ ही ईसीबी की वरिष्ठ अधिकारी श्नाबेल ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और यूरोपीय क्षेत्र की आर्थिक मजबूती के कारण मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी के जोखिम लगातार बने हुए हैं। दूसरी तरफ, अमेरिका के मजबूत मुद्रास्फीति आंकड़ों ने EUR/USD की बढ़त को सीमित किया है, क्योंकि इन आंकड़ों के चलते दिसंबर महीने में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना 70% से ऊपर बनी हुई है।
फेडरल रिजर्व का नीतिगत रुख और कॉलिन्स का वक्तव्य
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के अधिकारी कॉलिन्स का हालिया वक्तव्य पूर्व की तुलना में थोड़ा कम सख्त नजर आया है। एफएक्सएस स्पीचट्रेकर पर उनका स्कोर 4.8/10 दर्ज किया गया, जो कि उनके स्थापित आधारभूत स्कोर 5.7/10 से कम है। यह गिरावट यह दर्शाती है कि उनकी टिप्पणी में नीतिगत सख्ती की तीव्रता पहले से कम रही है। अपने संबोधन में कॉलिन्स ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान समय की प्रतिबंधात्मक मौद्रिक नीति का मुख्य उद्देश्य मुद्रास्फीति को धीरे-धीरे कम करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पोर्टफोलियो प्रबंधन शुल्कों में आई अस्थिरता ने मुख्य मुद्रास्फीति आंकड़ों को प्रभावित किया है, जबकि बाजार आधारित कीमतें केंद्रीय बैंक के लक्षित दायरे के काफी करीब बनी हुई हैं।
कॉलिन्स ने बाजार सहभागियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बांड पर मिलने वाले उच्च रिटर्न और प्रतिफल मूल्य स्थिरता के लक्ष्यों के बिल्कुल अनुकूल हैं। उन्होंने आगे कहा कि यदि नए नए शुल्क यानी टैरिफ अथवा कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा झटका नहीं लगता है, तो आने वाले समय में मुद्रास्फीति के दबाव में धीरे-धीरे कमी आएगी। इस वक्तव्य से यह स्पष्ट होता है कि कॉलिन्स किसी तत्काल सख्त मौद्रिक निर्णय के बजाय धैर्यपूर्वक स्थिति का अवलोकन करने के पक्षधर हैं। उनके इस संतुलित रुख के कारण अमेरिकी डॉलर में तत्काल किसी बड़ी एकतरफा तेजी की संभावना थोड़ी थम गई है।
फेड भावना सूचकांक में बदलाव
फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़े भावना सूचकांक यानी फेड सेंटीमेंट इंडेक्स में भी कॉलिन्स के भाषण के बाद मामूली नरमी देखी गई है। यह सूचकांक 2.44 अंक घटकर 129.11 के स्तर पर आ गया है। इस गिरावट से यह संकेत मिलता है कि बाजार सहभागियों के बीच अत्यधिक सख्त नीतिगत कदमों की जो आशंकाएं थीं, उनमें थोड़ी कमी आई है। हालांकि, सूचकांक में इस गिरावट के बावजूद यह अभी भी 100 के तटस्थ स्तर से काफी ऊपर बना हुआ है। इसका अर्थ यह है कि फेडरल रिजर्व के समग्र संचार का मुख्य स्वर अभी भी सख्त बना हुआ है, भले ही कॉलिन्स के संयमित वक्तव्य ने अमेरिकी डॉलर और व्यापक बाजार जोखिमों को सबसे अधिक आक्रामक नीतिगत अनुमानों से थोड़ा पीछे धकेल दिया है।
प्रमुख मुद्रा जोड़ों का ताजा हाल और बाजार की गतिशीलता
वैश्विक मुद्रा बाजारों में विभिन्न प्रमुख मुद्राओं के बीच मिला-जुला और उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखा जा रहा है। ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर यानी GBP/USD मुद्रा जोड़े में शुरुआती कारोबार के दौरान छह दिनों के निचले स्तर तक गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, इसके बाद इसमें सुधार आया और गुरुवार के सत्र में यह 1.3600 के महत्वपूर्ण स्तर के बेहद करीब पहुंच गया। बाजार में व्यापारिक सहभागियों का सतर्क रुख शुक्रवार को जारी होने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों और फेड अधिकारी वॉर्श के भाषण से पहले अमेरिकी डॉलर को समर्थन प्रदान कर रहा है।
दूसरी ओर, EUR/USD मुद्रा जोड़ा 1.1650 के आसपास के क्षेत्र में लगातार घूम रहा है। स्पष्ट दिशा के अभाव में इस जोड़े ने पहले 1.630 के निचले स्तर को भी छुआ था। यूरो और डॉलर के बीच यह हिचकिचाहट भरा रुख अमेरिकी मुद्रा में जारी अनिश्चितता का परिणाम है। निवेशक शुक्रवार को आने वाले एनएफपी वार्षिक संशोधन आंकड़ों और जैक्सन होल संगोष्ठी यानी Jackson Hole 2026 में फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष केविन वॉर्श के पहले बहुप्रतीक्षित भाषण का इंतजार कर रहे हैं।
यूरोपीय मुद्रा प्रणाली और ईसीबी की कार्यप्रणाली
यूरो यूरोपीय संघ के 20 सदस्य देशों की आधिकारिक मुद्रा है, जो सामूहिक रूप से यूरोज़ोन का निर्माण करते हैं। यह अमेरिकी डॉलर के बाद दुनिया की दूसरी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। वर्ष 2022 के वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा के कुल लेन-देन में यूरो की हिस्सेदारी 31% रही थी, जिसमें दैनिक औसत कारोबार $2.2 ट्रिलियन से अधिक का था। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में EUR/USD दुनिया का सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाला करेंसी पेयर है, जो सभी लेन-देन का लगभग 30% हिस्सा कवर करता है। इसके बाद EUR/JPY की हिस्सेदारी 4%, EUR/GBP की 3% और EUR/AUD की 2% है।
जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक यानी ईसीबी यूरोज़ोन का केंद्रीय बैंक है। ईसीबी ही पूरे क्षेत्र के लिए ब्याज दरें तय करता है और मौद्रिक नीति का प्रबंधन करता है। ईसीबी का प्राथमिक उद्देश्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसका सीधा मतलब मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना अथवा आर्थिक विकास को गति देना है। इसके लिए ईसीबी मुख्य रूप से ब्याज दरों को बढ़ाने या घटाने के उपकरण का उपयोग करता है। अपेक्षाकृत उच्च ब्याज दरें या दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें आमतौर पर यूरो को मजबूत करती हैं। ईसीबी की गवर्निंग काउंसिल साल में आठ बार मौद्रिक नीति बैठकें आयोजित करती है, जिसमें यूरोज़ोन के राष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के प्रमुख और ईसीबी अध्यक्ष क्रिस्टीन लगार्ड सहित छह स्थायी सदस्य शामिल होते हैं।
मुद्रास्फीति, आर्थिक आंकड़े और व्यापार संतुलन का प्रभाव
यूरोज़ोन में मुद्रास्फीति के आंकड़ों को उपभोक्ता कीमतों के सामंजस्यपूर्ण सूचकांक यानी HICP द्वारा मापा जाता है, जो यूरो के मूल्य निर्धारण के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतक है। यदि मुद्रास्फीति उम्मीद से अधिक बढ़ती है, विशेष रूप से ईसीबी के 2% के लक्ष्य से ऊपर जाती है, तो ईसीबी को कीमतों पर नियंत्रण पाने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ता है। अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों की तुलना में ईसीबी की उच्च ब्याज दरें वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करती हैं, जिससे यूरो में निवेश बढ़ता है।
इसके अलावा, सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के PMI आंकड़े, रोजगार दर और उपभोक्ता भावना सर्वेक्षण जैसे आर्थिक संकेतक भी यूरो की दिशा तय करते हैं। यूरोज़ोन की चार सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं यानी जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन के आंकड़े विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये चारों मिलकर पूरे यूरोज़ोन की अर्थव्यवस्था का 75% हिस्सा बनाते हैं। इसके साथ ही व्यापार संतुलन यानी ट्रेड बैलेंस भी यूरो के लिए बेहद अहम है। जब कोई देश अपने आयात के खर्च से अधिक निर्यात से कमाई करता है, तो विदेशी खरीदारों द्वारा उसकी मुद्रा की मांग बढ़ने से मुद्रा का मूल्य मजबूत होता है।
अन्य वित्तीय और डिजिटल परिसंपत्ति घटनाक्रम
वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी देखने को मिल रही हैं। एथेना फाउंडेशन ने अपने पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ी दो पुरानी चिंताओं को दूर करने के लिए कई नए उपायों की घोषणा की है। इनमें शुरुआती निवेशकों द्वारा बिक्री के दबाव को नियंत्रित करना और प्रोटोकॉल के आर्थिक मूल्य के वितरण से जुड़ी अनिश्चितता को समाप्त करना शामिल है। वहीं दूसरी ओर, मौद्रिक नीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण सम्मेलन Jackson Hole 2026 ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब केंद्रीय बैंकों के सामने नीतिगत फैसले लेना काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में केविन वॉर्श शुक्रवार को अपना पहला जैक्सन होल भाषण देने की तैयारी कर रहे हैं, जिस पर दुनिया भर के निवेशकों की निगाहें टिकी हुई हैं।



















