फारस की खाड़ी के प्रवेश द्वार पर स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में सोमवार देर रात एक बड़ा सुरक्षा हादसा पेश आया। सऊदी अरब की राष्ट्रीय शिपिंग कंपनी बहरी ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की है कि उसका सुपरटैंकर सिद्र इस खतरनाक घटना की चपेट में आ गया था। कंपनी के अनुसार यह हादसा सोमवार की रात लगभग 23:40 बजे स्थानीय समयानुसार यानी 19:40 जीएमटी पर हुआ, जब जलडमरूमध्य से गुजरते वक्त जहाज अज्ञात वस्तुओं की मार झेल रहा था। इस भयानक हमले के परिणामस्वरूप फिलीपींस के दो नाविकों की जान चली गई, जिससे कंपनी और नाविकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
हमले की जगह और अन्य जहाजों का निशाना बनना
मैरीटाइम सिक्योरिटी और रिस्क मैनेजमेंट फर्मों के मुताबिक, सिद्र नामक इस विशाल जहाज को ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप के उत्तर की ओर अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने अपनी चपेट में लिया। घटना के वक्त यह जहाज ओमान के खासब शहर से लगभग 16 नॉटिकल मील यानी करीब 30 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में 19:52 जीएमटी पर आगे बढ़ रहा था। मैरिस्कस और केप्लर जैसी समुद्री खुफिया संस्थाओं की रिपोर्टों के अनुसार, यह जहाज सऊदी क्रूड ऑयल के दो मिलियन यानी बीस लाख बैरल ले जा रहा था। इसी दौरान, एक अन्य दक्षिण कोरियाई स्वामित्व वाला सुपरटैंकर सेनेगल प्रॉस्पेरिटी भी लगभग उसी समय मुसंदम के पूर्व में ऐसे ही हमलों का शिकार बना, जिसे खासब से 17 नॉटिकल मील की दूरी पर तीन अज्ञात प्रोजेक्टाइल से मारा गया था। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस एजेंसी ने भी लगभग इन्हीं स्थानों पर दो अलग-अलग घटनाओं की पुष्टि की थी।
सऊदी सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया और राजनयिक कदम
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस घटना के बाद तुरंत तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ईरान द्वारा सिद्र टैंकर को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की। रियाद प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन की सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता और राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान किया जाना बेहद आवश्यक है। इसके साथ ही, सऊदी अधिकारियों ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत पर हाल ही में हुए हमलों की भी तीव्र आलोचना की है और इस बढ़ते तनाव को तत्काल रोकने की अपील की है ताकि क्षेत्र में स्थिरता कायम रह सके।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता टकराव
दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों ने इन आरोपों पर सीधा जवाब देने के बजाय अपनी तरफ से अलग दावे पेश किए। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि अमेरिकी सेना के दबाव में आकर ये दोनों तेल टैंकर एक अनधिकृत और अवैध रास्ते से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद वे बारूदी सुरंगों से टकराकर विस्फोट का शिकार हो गए। ईरानी पक्ष का दावा है कि ये दोनों जहाज फिलहाल आग की चपेट में हैं। इसी बीच, ईरान के स्वास्थ्य मंत्री ने एक अन्य बयान में अमेरिकी हमलों का हवाला देते हुए बताया कि इन कार्रवाइयों में कुल 18 लोग मारे गए और 108 अन्य घायल हुए। ईरान ने सीरिक शहर में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले में दो बच्चों समेत चार नागरिकों की मौत को युद्ध अपराध करार दिया है। अमेरिकी सेना ने इन रिपोर्टों की जांच करने की बात कही है और स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ हालिया कदम कमर्शियल शिपिंग और अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमलों के जवाब में उठाए गए हैं।
जलडमरूमध्य की वर्तमान स्थिति और तेल आपूर्ति
फरवरी महीने में अमेरिका और इजराइल के साथ ईरान के युद्ध की शुरुआत के बाद से ही होर्मुज जलडमरूमध्य व्यावहारिक रूप से बंद सा हो गया था। इस मार्ग से दुनिया भर का पांचवां हिस्सा यानी बड़ा हिस्सा तेल और गैस शिपमेंट का गुजरता है, जिसे ईरानी मिसाइल हमलों और अमेरिकी नौकायन प्रतिबंधों के कारण भारी झटका लगा है। हालांकि जून के महीने में दोनों पक्षों के बीच युद्ध रोकने और इस मार्ग को फिर से खोलने के लिए एक शुरुआती समझौता हुआ था, लेकिन ईरान की तरफ से वाणिज्यिक जहाजों पर हमले फिर से शुरू होने के बाद वह समझौता धराशायी हो गया। इसके बावजूद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह जलमार्ग खुला हुआ है और अमेरिकी नौसेना जहाजों को दक्षिणी मार्ग से पार कराने में सहायता कर रही है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट के अनुसार, युद्ध की शुरुआत के बाद से इस मार्ग से एक ही दिन में रिकॉर्ड 17 मिलियन बैरल तेल का प्रवाह सोमवार को दर्ज किया गया।



















