संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक परमाणु निगरानी संस्था ने व्यापक मैदानी छानबीन के पश्चात इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि सीरिया में बेदखल किए जा चुके राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन के दौरान एक गुप्त परमाणु रिएक्टर का निर्माण चल रहा था। अगस्त माह में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के कई तकनीकी विशेषज्ञों और निरीक्षकों ने सीरिया के विभिन्न संदिग्ध स्थलों का दौरा कर गहन पड़ताल की थी। सदस्य राष्ट्रों को प्रेषित की गई इस गुप्त रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों की जांच ने पूर्वी प्रांत डेर अल-जोर में लंबे समय से संदेह के दायरे में रही एक न्यूक्लियर साइट की मौजूदगी के प्रत्यक्ष प्रमाण हासिल कर लिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय संधि और सुरक्षा समझौतों का उल्लंघन
परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत तय किए गए सुरक्षा नियमों के अनुसार, सीरिया के लिए अपनी समस्त परमाणु गतिविधियों, सुविधाओं तथा ईंधन सामग्रियों की स्पष्ट जानकारी वैश्विक निगरानी निकाय को देना कानूनी रूप से अनिवार्य था। हालांकि, IAEA द्वारा जारी ताजा जांच रिपोर्ट से यह उजागर हुआ है कि असद प्रशासन के तत्कालीन उच्च अधिकारियों ने इन अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का गंभीर उल्लंघन किया। सीरियाई अधिकारियों ने न केवल डेर अल-जोर में आकार ले रहे न्यूक्लियर रिएक्टर की जानकारी छिपाई, बल्कि परमाणु ईंधन निर्माण संयंत्र (फ्यूल फैब्रिकेशन प्लांट) और ईंधन को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एक अन्य गोपनीय ठिकाने के अस्तित्व को भी छुपा कर रखा था।
उत्तर कोरियाई तकनीक और वर्ष 2007 का इजरायली हमला
वैश्विक जांच एजेंसियों का आकलन है कि असद के दौर में सीरिया एक विशाल अघोषित न्यूक्लियर प्रोग्राम का संचालन कर रहा था। इस गुप्त परियोजना को आगे बढ़ाने में उत्तर कोरिया का मुख्य तकनीकी सहयोग शामिल था, जिसकी मदद से डेर अल-जोर के रेगिस्तानी इलाके में इस रिएक्टर की नींव रखी गई थी। दुनिया के सामने इस गोपनीय ठिकाने का खुलासा तब हुआ था, जब वर्ष 2007 में इजरायल ने एक बड़ा हवाई हमला करके उस पूरी न्यूक्लियर फैसिलिटी को मलबे में तब्दील कर दिया था। इस इजरायली स्ट्राइक के पश्चात सीरियाई तंत्र ने साक्ष्यों को नष्ट करने की नीयत से उस पूरे इलाके की बुलडोजिंग करके जमीन को समतल कर दिया था और IAEA की ओर से पूछे गए स्पष्टीकरणों का कभी संतोषजनक जवाब नहीं दिया था।
नई सीरियाई व्यवस्था का दृष्टिकोण और क्षेत्रीय समीकरण
सीरिया में राजनीतिक तख्तापलट और बशर असद के सत्ता से बाहर होने के उपरांत देश के नए प्रशासनिक अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति सहयोगात्मक रवैया दिखाया है। नई सरकार ने IAEA के जांचकर्ताओं को उन सभी विवादित और संदिग्ध इलाकों में प्रवेश करने तथा तकनीकी सैंपल जुटाने की पूर्ण सहमति दी है। इसके साथ ही, सीरिया के वर्तमान अधिकारियों ने शांतिपूर्ण नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम (सिविल न्यूक्लियर एनर्जी) विकसित करने में अपनी रुचि जाहिर की है। नए प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि सीरियाई क्षेत्र में मिलने वाली कोई भी न्यूक्लियर सामग्री अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अधीन देश की अपनी कस्टडी में ही सुरक्षित रखी जाएगी। मध्य पूर्व क्षेत्र की बात करें तो केवल इजरायल के पास ही अघोषित परमाणु हथियार क्षमता मानी जाती है, यद्यपि इजरायल अपने न्यूक्लियर हथियारों के संबंध में 'न पुष्टि और न ही इनकार' की नीति पर कायम रहता है।
पूर्व तानाशाह और उनके भाई पर कानूनी शिकंजा
इस बीच, सत्ता से बेदखल हुए पूर्व नेतृत्व के खिलाफ कानूनी फैसले भी सामने आ चुके हैं। इससे पहले, चालू वर्ष के अगस्त माह में सीरियाई ट्रिब्यूनल द्वारा पदच्युत राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ मृत्युदंड का फैसला सुनाया गया था। इसके अतिरिक्त, न्यायाधिकरण ने असद के सगे भाई माहेर को भी इन्हीं गंभीर अपराधों के तहत कसूरवार ठहराया था। संयुक्त राष्ट्र निरीक्षकों द्वारा पेश यह नई रिपोर्ट बशर असद के दौर की उस गुप्त और अवैध परमाणु महत्वाकांक्षा को उजागर करती है, जिसने वर्षों तक पूरे मध्य पूर्व के सुरक्षा वातावरण को संवेदनशील बनाए रखा।


















