रामायण से प्रेरित इस ब्लॉकबस्टर ने 3.75 करोड़ के बजट में रचा था इतिहास, मुश्किल वक्त में संजय दत्त बने दर्शकों के 'खलनायक'शनि गोचर 2027: मेष राशि में शनि के प्रवेश से 3 राशियों पर बढ़ेगी चुनौती, जानिए किसे मिलेगी साढ़ेसाती से राहतइन्स्टिट्यूशनल ETF आउटफ़्लो और तकनीकी दबाव के बीच $1.00 के सपोर्ट लेवल की ओर खिसका XRPमध्य प्रदेश में 75 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ा बस किराया, सागर से भोपाल ₹386 और इंदौर ₹780 में होगी यात्रायमन में सैन्य कैंपों पर ड्रोन और मिसाइल हमला, कम से कम 30 सैनिकों की मौतअधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की सीजेआई सूर्यकांत की पीठ के समक्ष शिवसेना सिंबल विवाद में तीखी दलीलेंविदेश से मिलने वाले दान के नियमों में बड़े संशोधन की तैयारी, एनजीओ संपत्तियों के प्रबंधन पर संसद से अमेरिका तक घमासान15 साल के वैभव सूर्यवंशी की देसी खुराक का राज, जानिए राजभोग और घर के खाने से कैसे मैदान पर बरसते हैं लंबे छक्केअसम में बाढ़ से विकराल स्थिति: 95 पहुंची मौतों की संख्या और 1.6 लाख नागरिक प्रभावित, बचाव कार्य जारीडॉगकॉइन पर लगातार चौथे दिन हावी रहा बिकवाली का दबाव, $0.0700 के नीचे पहुंचा भाव, क्या ओपन इंटरेस्ट में तेजी से बदलेगा रुख?
यमन में सैन्य कैंपों पर ड्रोन और मिसाइल हमला, कम से कम 30 सैनिकों की मौतमध्य पूर्व
6 अग॰ 2026, 8:41 pm (3 घंटे पहले)· 2

यमन में सैन्य कैंपों पर ड्रोन और मिसाइल हमला, कम से कम 30 सैनिकों की मौत

मारिब और हद्रमौत में इमरजेंसी फोर्सेस के कैंपों पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम 30 यमनी सरकारी सैनिकों की मौत हो गई है, जिसकी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कड़े शब्दों में निंदा की है।

मध्य यमन में स्थित सैन्य शिविरों पर हुए भीषण मिसाइल और ड्रोन हमलों में कम से कम 30 यमनी सरकारी सैनिकों की मौत हो गई है। यह घातक हवाई हमला दो प्रमुख प्रांतों में इमरजेंसी फोर्सेस के सुरक्षा परिसरों को निशाना बनाकर किया गया, जिससे इलाके में तनाव और हिंसा एक बार फिर बेहद बढ़ गई है।

मारिब और हद्रमौत में सैन्य ठिकानों पर निशाना

सरकारी सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने मारिब प्रांत के अल-रुवैक इलाके और पड़ोसी प्रांत हद्रमौत के अल-अब्र क्षेत्र में स्थित सैन्य कैंपों को एक साथ निशाना बनाया। इस हमले को अंजाम देने के लिए एक साथ कई घातक मिसाइलों और मानवरहित ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। ये सभी सैन्य शिविर सरकार की इमरजेंसी फोर्सेस द्वारा संचालित किए जा रहे थे, जहां विस्फोटों के बाद भारी तबाही देखने को मिली है।

ये भी पढ़ें

मध्य और पूर्वी यमन में मारिब और हद्रमौत प्रांत रणनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। मारिब का अल-रुवैक क्षेत्र प्रमुख सैन्य मार्गों के करीब स्थित है, जबकि हद्रमौत का अल-अब्र इलाका मध्य प्रांतों को सीमावर्ती क्षेत्रों से जोड़ने वाला एक अहम सुरक्षा केंद्र है। इन दोनों इलाकों में स्थित इमरजेंसी फोर्सेस के कैंपों पर एक साथ हमला करके सरकारी सुरक्षा नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने हमले की कड़ी निंदा की

इस भयानक हमले के बाद यमन के स्वास्थ्य मंत्री कासिम बाहिबा ने बयान जारी कर हमले की तीखी भर्त्सना की। उन्होंने इस कार्रवाई को एक "विश्वासघाती" हमला करार देते हुए कहा कि इसका मुख्य मकसद क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को पूरी तरह से भंग करना है। स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस तरह के हिंसक कृत्य इलाके में शांति स्थापित करने के प्रयासों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। हालांकि, अपने संबोधन के दौरान उन्होंने मृतकों का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया।

हमलों के तुरंत बाद अल-रुवैक और अल-अब्र के सैन्य शिविरों से घायलों को निकालने के लिए आपातकालीन टीमों को तैनात किया गया। प्रभावित क्षेत्रों के आसपास के चिकित्सा केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जहां घायल सैनिकों का इलाज चल रहा है। वहीं, रक्षा अधिकारी दोनों प्रांतों में इमरजेंसी फोर्सेस के बैरकों को पहुंचे नुकसान का आकलन कर रहे हैं।

हूती दावों और क्षेत्रीय संघर्ष का संदर्भ

इस मिसाइल और ड्रोन हमले की जिम्मेदारी हूती समूह के एक सैन्य प्रवक्ता ने स्वीकार की है। प्रवक्ता ने दावा किया कि उनके लड़ाकों ने इन सैन्य शिविरों में मौजूद "बड़े सऊदी सैन्य जमावड़े" को निशाना बनाया है। ईरान द्वारा समर्थित हूती विद्रोही वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी यमन के एक बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं, जिसमें देश के कई प्रमुख प्रशासनिक और शहरी क्षेत्र शामिल हैं।

यह हमला यमन में लंबे समय से जारी गृहयुद्ध के जटिल समीकरणों को रेखांकित करता है। इस संघर्ष के दौरान सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार को लगातार सैन्य और रणनीतिक सहायता प्रदान करता रहा है। सऊदी गठबंधन यमन की सरकार को मजबूत करने और हूती विद्रोहियों के प्रभाव को रोकने के लिए प्रयासरत है। ऐसे में सऊदी समर्थक बलों से जुड़े कैंपों को निशाना बनाकर हूती समूह ने मध्य यमन में सरकार और उसके सहयोगी गठबंधन के खिलाफ अपने रुख को और आक्रामक बना दिया है।

सवाल-जवाब

हालिया हमलों में कितने यमनी सैनिक मारे गए हैं?
समन्वित ड्रोन और मिसाइल हमलों में यमनी सरकार के कम से कम 30 सैनिकों के मारे जाने की खबर है।
यमन में किन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया?
हमलों में मारिब प्रांत के अल-रुवैक इलाके और हद्रमौत प्रांत के अल-अब्र क्षेत्र में स्थित इमरजेंसी फोर्सेस के कैंपों को निशाना बनाया गया।
सैन्य कैंपों पर हमलों की जिम्मेदारी किसने ली है?
हूती समूह ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और दावा किया है कि उन्होंने वहां मौजूद बड़े सऊदी सैन्य जमावड़े को निशाना बनाया।
हमले पर यमनी सरकार की क्या प्रतिक्रिया रही?
स्वास्थ्य मंत्री कासिम बाहिबा ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता को बाधित करने वाला विश्वासघाती कृत्य बताया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR