मिजोरम के न्यायिक क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, आइजोल की जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेलेन डाउंग्लियानी अब गौहाटी उच्च न्यायालय की जज बनने जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मंगलवार को आयोजित अपनी बैठक में उनके नाम को पदोन्नति के लिए अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी। इस फैसले के साथ ही वह गौहाटी उच्च न्यायालय की जज बनने वाली दूसरी मिज़ो महिला बन जाएंगी, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र के न्यायिक इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है।
कॉलेजियम की बैठक और नियुक्तियां
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मंगलवार को हुई बैठक के दौरान उच्च न्यायालयों में खाली पदों को भरने के प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान कॉलेजियम ने हेलेन डाउंग्लियानी के अलावा नचुम्बेमो मोजुई को भी गौहाटी उच्च न्यायालय के जज के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश को मंजूरी प्रदान की। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों न्यायिक अधिकारियों के नाम उच्च न्यायालय में नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भेज दिए गए हैं।
लंबा न्यायिक अनुभव और प्रशासनिक सेवाएं
हेलेन डाउंग्लियानी के पास कानून और न्याय व्यवस्था का एक लंबा अनुभव है। वर्तमान में वह आइजोल जिला अदालत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी बीए (ऑनर्स) और एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद 24 मई 2011 को मिजोरम न्यायिक सेवा में प्रवेश किया था।
अपने न्यायिक करियर के दौरान उन्होंने राज्य की न्याय प्रणाली में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह आइजोल और लुंगलेई स्थित जिला अदालतों में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर काम कर चुकी हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने गौहाटी उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार का पद भी संभाला है। अप्रैल 2021 से जुलाई 2024 तक उन्होंने मिजोरम सरकार के कानून और न्यायिक विभाग में सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने गौहाटी उच्च न्यायालय की आइजोल पीठ में सरकारी अधिवक्ता सह अतिरिक्त लोक अभियोजक के रूप में भी मामलों की पैरवी की है।
इतिहास रचने वाली परंपरा को आगे बढ़ाया
गौहाटी उच्च न्यायालय की जज के रूप में अपनी पदोन्नति के साथ ही हेलेन डाउंग्लियानी यह पद संभालने वाली दूसरी मिज़ो महिला बन जाएंगी। उनसे पहले जस्टिस मार्ली वनकुंग ने गौहाटी उच्च न्यायालय की पहली मिज़ो महिला जज बनकर इतिहास रचा था। जस्टिस मार्ली वनकुंग इसी साल 3 मार्च को अपने पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। अब हेलेन डाउंग्लियानी की नियुक्ति से मिजोरम का प्रतिनिधित्व एक बार फिर उच्च न्यायालय के मंच पर दर्ज होगा।














