पड़ोसी देश नेपाल में कुदरत के ढाए कहर के बाद स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। बाढ़ और जलप्रलय के कारण विदेशी नागरिकों के साथ-साथ भारत के करीब 300 से अधिक लोग गायब बताए जा रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारें लगातार लापता लोगों की पहचान करने और उनकी तलाश जुटाने के प्रयासों में लगी हैं। इस मानवीय संकट के बीच हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले का एक युवा इंजीनियर भी नेपाल में आई इस भयंकर त्रासदी के बाद से लापता है। कई दिन बीत जाने के बाद भी युवक का अपने परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवार ने ऊना जिले के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से संपर्क साधकर मदद मांगी है। इसके साथ ही अपनों की सुध लेने और जमीनी स्तर पर खोजबीन करने के लिए परिवार के सदस्य ऊना से नेपाल के लिए रवाना हो चुके हैं।
त्रिशूली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में तैनात थे सुखविंदर
लापता इंजीनियर की पहचान ऊना जिले के नगर परिषद मैहतपुर-बसदेहड़ा के वार्ड संख्या 8 के निवासी 30 वर्षीय सुखविंदर सिंह के रूप में हुई है। सुखविंदर पिछले कुछ समय से नेपाल में स्थित त्रिशूली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट-1 में बतौर इंजीनियर अपनी सेवाएं दे रहे थे। जब नेपाल में भीषण बाढ़ ने दस्तक दी और नदियां उफान पर आईं, तब से ही उनका फोन बंद आ रहा है और उनसे संपर्क का हर जरिया ठप्प हो गया है। परियोजना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में पानी का भयंकर बहाव होने के कारण परिवार की चिंता लगातार गहरी होती जा रही है।
प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व से लगाई गुहार
बेटे की कोई खबर न मिलने पर सुखविंदर के परिजनों ने ऊना सदर के पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा से मुलाकात की और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। परिजनों ने रायजादा से आग्रह किया कि वे राज्य सरकार और जिला प्रशासन के माध्यम से हस्तक्षेप करवाएं ताकि नेपाली अधिकारियों के सहयोग से उनके बेटे का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए सतपाल सिंह रायजादा ने तुरंत ऊना जिला प्रशासन को सूचित किया। उन्होंने आश्वस्त किया है कि वह इस विषय को लेकर शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सीधे वार्ता करेंगे और पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता दिलाएंगे।
परिजन चिंतित, सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
सुखविंदर के रिश्तेदार सुनील कुमार ने बताया कि परिवार लगातार उनसे संपर्क साधने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। उन्होंने जिला प्रशासन से भी आग्रह किया है कि राजनयिक स्तर पर प्रयास तेज किए जाएं। इस समय हिमाचल प्रदेश सरकार के पास भी इसका सटीक आंकड़ा मौजूद नहीं है कि प्रदेश के कुल कितने नागरिक नेपाल में इस प्राकृतिक आपदा के दौरान फंसे या लापता हुए हैं। इसी के मद्देनजर सुक्खू सरकार ने राज्य के प्रत्येक जिले के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के जरिए आम जनता से अपील की है कि यदि उनका कोई रिश्तेदार नेपाल में फंसा या लापता है तो उसकी जानकारी तुरंत साझा करें। इसके लिए विशेष आपातकालीन हेल्पलाइन और फोन नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान नेपाल त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।





















