केरल राज्य लॉटरी निदेशालय ने 30 जुलाई 2026, बृहस्पतिवार को तिरुवनंतपुरम में बेकरी जंक्शन के पास स्थित गोर्की भवन में कारुण्य प्लस KN-634 के परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस साप्ताहिक सरकारी लॉटरी का मुख्य आकर्षण 1 करोड़ रुपये का प्रथम पुरस्कार है। आधिकारिक संस्था के विशेषज्ञों की सीधी देखरेख में यह पूरी लकी ड्रॉ प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य भर में लॉटरी टिकट खरीदने वाले हजारों प्रतिभागियों को पूरी पारदर्शिता के साथ विजेताओं की सूची उपलब्ध कराना है।
विभिन्न पुरस्कार श्रेणियां और राशि का विस्तृत विवरण
कारुण्य प्लस साप्ताहिक लॉटरी योजना में कई स्तरों पर नकद राशि के वितरण का प्रावधान रखा गया है ताकि अधिक से अधिक टिकट धारकों को पुरस्कार मिल सके। इस योजना के तहत शीर्ष पुरस्कारों से लेकर निचले स्तर की श्रेणियों तक की इनामी राशि तय की गई है। मुख्य पुरस्कारों के साथ-साथ कई सांत्वना पुरस्कार भी आवंटित किए जाते हैं।
इनामी संरचना में पहला पुरस्कार 1 करोड़ रुपये का रखा गया है, जबकि द्वितीय स्थान पर आने वाले विजेता को 30 लाख रुपये दिए जाते हैं। तीसरे स्थान के लिए 5 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, चौथे पुरस्कार के रूप में 5,000 रुपये, पांचवें पुरस्कार में 2,000 रुपये, छठे पुरस्कार में 1,000 रुपये, सातवें पुरस्कार में 500 रुपये, आठवें पुरस्कार में 200 रुपये तथा नौवें पुरस्कार के तहत 100 रुपये की नकद राशि का प्रावधान है। साथ ही, मुख्य विजेता के समान नंबर श्रृंखला रखने वाले अन्य योग्य टिकटों के लिए 5,000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाता है।
परिणामों की सही जांच और आधिकारिक सत्यापन प्रक्रिया
लॉटरी विभाग के अधिकारियों ने सलाह दी है कि प्रतिभागी केवल मुख्य जैकपॉट नंबर देखकर ही अपनी टिकट को खारिज न करें। अक्सर देखा गया है कि लोग केवल 1 करोड़ रुपये के विजेता नंबर का मिलान करते हैं और निचली श्रेणियों में मिली जीत पर ध्यान नहीं देते। टिकट धारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने टिकट संख्या के साथ-साथ उसके ऊपर लिखे अल्फान्यूमेरिक सीरीज का भी पूरा मिलान करें।
परिणामों के सत्यापन के लिए केवल केरल राज्य लॉटरी निदेशालय द्वारा जारी आधिकारिक PDF दस्तावेज पर ही विश्वास करना चाहिए। सोशल मीडिया पर फैलने वाले असत्यापित स्क्रीनशॉट, व्हाट्सऐप संदेश या अनधिकृत वेबसाइटों के दावों से दूर रहना आवश्यक है। यदि ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी और आधिकारिक सरकारी राजपत्र के बीच किसी भी प्रकार की भिन्नता पाई जाती है, तो अंतिम निर्णय के लिए केवल गवर्नमेंट गजट की अधिसूचना को ही प्रामाणिक और मान्य माना जाएगा।
इनामी राशि का दावा करने के नियम और कर कटौती
पुरस्कार जीतने वाले व्यक्तियों को अपनी मूल टिकट को पूर्णतः सुरक्षित और सही स्थिति में प्रस्तुत करना होता है। कटे-फटे या क्षतिग्रस्त टिकटों पर दावा स्वीकार नहीं किया जाता। प्रतिभागियों को दावे के साथ अपनी वैध पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होते हैं।
छोटी राशि के पुरस्कारों का भुगतान अधिकृत लॉटरी एजेंटों या नामांकित बैंकों के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। हालांकि, बड़ी राशि वाले पुरस्कारों का प्रसंस्करण सीधे केरल राज्य लॉटरी निदेशालय के स्तर पर गहन सत्यापन के बाद ही पूरा होता है। भारतीय आयकर नियमों के तहत सभी पुरस्कार राशियों पर लागू टैक्स कटौती की जाती है, जिसके बाद ही शुद्ध राशि विजेता के खाते में हस्तांतरित की जाती है।
1967 से जारी केरल राज्य लॉटरी का समृद्ध इतिहास
केरल राज्य लॉटरी विभाग की स्थापना वर्ष 1967 में हुई थी, जो भारत का पहला सरकारी लॉटरी कार्यक्रम है। यह देश की सबसे पुरानी और विश्वसनीय सार्वजनिक लॉटरी प्रणालियों में से एक मानी जाती है। विभाग पूरे सप्ताह के दौरान विन-विन, स्त्री शक्ति, अक्षया, कारुण्य, कारुण्य प्लस, निर्मल, पौर्णमी और फिफ्टी-फिफ्टी जैसी लोकप्रिय लॉटरी योजनाओं का आयोजन करता है, जिसका संचालन पूरी तरह से राज्य सरकार के नियमों के अधीन होता है।



















