पब्लिक सेक्टर की प्रमुख नवरत्न कंपनी इंजीनियर्स इंडिया के शेयरधारकों के लिए महत्वपूर्ण समय सीमा आ गई है। कंपनी द्वारा घोषित 2.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड का लाभ उठाने के लिए शेयर खरीदने की अंतिम तारीख तय हो गई है। कंपनी प्रबंधन ने इस भुगतान के लिए रिकॉर्ड डेट 24 सितंबर निर्धारित की है, जिसके चलते बाजार में इस सरकारी शेयर को लेकर निवेशकों की सक्रियता काफी बढ़ गई है।
रिकॉर्ड डेट और टी+1 सेटलमेंट का गणित
भारतीय शेयर बाजार में लागू टी+1 सेटलमेंट प्रणाली के अनुसार, शेयर खरीदने के अगले कारोबारी दिन ही डीमैट खाते में शेयर ट्रांसफर होते हैं। यदि कोई निवेशक रिकॉर्ड डेट के दिन शेयर खरीदता है, तो वह डिविडेंड पाने का पात्र नहीं होगा क्योंकि उस दिन शेयर उसके खाते में आधिकारिक तौर पर नहीं दिखेंगे। इसलिए रिकॉर्ड डेट यानी 24 सितंबर से एक दिन पहले ही शेयरों की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए खरीदारी करनी होगी। सामान्य नियमों के तहत पात्र शेयरधारकों के बैंक खातों में रिकॉर्ड डेट के 30 दिनों के भीतर डिविडेंड की राशि सीधे क्रेडिट कर दी जाएगी।
शेयरों की चाल और बाजार का प्रदर्शन
रिकॉर्ड डेट से ठीक एक दिन पहले बाजार में इंजीनियर्स इंडिया के शेयरों में बढ़त का रुख देखने को मिला। शेयर 1.60% चढ़कर 307.40 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। पिछले पांच कारोबारी सत्रों के दौरान कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को 16.4% से अधिक का शानदार रिटर्न दिया है। वहीं अगर पिछले 30 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस शेयर में 20% तक की जोरदार बढ़त दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों का उत्साह लगातार बना हुआ है।
एक्सचेंज फाइलिंग और बोर्ड की सिफारिश
कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई औपचारिक जानकारी में स्पष्ट किया गया है कि निदेशक मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 5 रुपये प्रति फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 2.5 रुपये के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। फाइलिंग के अनुसार, यह फाइनल डिविडेंड आगामी एनुअल जनरल मीटिंग में शेयरधारकों की औपचारिक मंजूरी मिलने पर निर्भर रहेगा। इसके बाद ही तय समय सीमा के भीतर भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
डिविडेंड हिस्ट्री और यील्ड का रिकॉर्ड
इंजीनियर्स इंडिया का मौजूदा डिविडेंड यील्ड लगभग 2.4% के स्तर पर बना हुआ है। कंपनी का एक ही वित्तीय वर्ष में कई बार डिविडेंड वितरित करने का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ही कंपनी ने प्रति शेयर 1.50 रुपये का डिविडेंड दिया था, जिसकी रिकॉर्ड डेट 6 मार्च 2026 निर्धारित की गई थी। पिछले वित्तीय वर्ष यानी 2024-25 में कंपनी ने कुल मिलाकर प्रति शेयर 4 रुपये का डिविडेंड दिया था, जिसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 2 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड शामिल था और उसकी रिकॉर्ड डेट 29 अगस्त 2025 रखी गई थी।
टैक्सेशन और टीडीएस से जुड़े नियम
इंजीनियर्स इंडिया से मिलने वाली डिविडेंड आय पूरी तरह से कर योग्य है और यह निवेशक के लागू इनकम टैक्स स्लैब रेट के अनुसार आंकी जाती है। आयकर नियमों के तहत यदि किसी व्यक्तिगत निवेशक की कंपनी से कुल डिविडेंड आय एक वित्तीय वर्ष में 10,000 रुपये को पार कर जाती है, तो स्रोत पर 10% टीडीएस काटा जाता है। वहीं दूसरी ओर नॉन रेजिडेंट इंडियन यानी एनआरआई निवेशकों के मामले में डिविडेंड भुगतान पर 20% टीडीएस या लागू डीटीएए दर के हिसाब से कटौती की जाती है।



















