भारत में करीब 8 करोड़ नौकरीपेशा लोगों का पीएफ खाता चल रहा है और हर महीने इसमें उनकी सैलरी से पैसा जमा होता है, लेकिन ज्यादातर लोगों को यह ठीक से पता नहीं होता कि इस जमा रकम को किन-किन हालात में निकाला जा सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ ने इस खाते से पैसा निकालने के लिए साफ नियम बना रखे हैं और हर जरूरत पर पैसा नहीं निकलता। रिटायरमेंट के लिए बनाए गए इस फंड में सेंधमारी सिर्फ उन्हीं मौकों पर हो सकती है, जिन्हें ईपीएफओ ने खुद तय किया है, जैसे मेडिकल इमरजेंसी, शादी, घर बनाना या खरीदना और पढ़ाई।
इलाज के लिए सबसे आसान शर्तें
पीएफ खाते से पैसा निकालने का सबसे आसान रास्ता इलाज के नाम पर खुलता है। खाताधारक अपने इलाज के अलावा पत्नी, बच्चों, माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के इलाज के लिए भी पीएफ से पैसा क्लेम कर सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए किसी मिनिमम सर्विस पीरियड की शर्त नहीं रखी गई है, यानी नौकरी शुरू करते ही अगर मेडिकल इमरजेंसी आ जाए तो भी पैसा निकाला जा सकता है। इतना ही नहीं, इस कैटेगरी में कितनी भी बार पैसा निकाला जा सकता है और निकासी की रकम पर भी कोई सीमा तय नहीं है।
शादी और आगे की पढ़ाई पर सख्त शर्तें
इलाज के मुकाबले शादी और हायर एजुकेशन के लिए पैसा निकालने के नियम कहीं ज्यादा सख्त हैं। इसके लिए खाताधारक के पास कम से कम 7 साल की सर्विस होनी जरूरी है। इस सुविधा का इस्तेमाल खाताधारक खुद की शादी के अलावा अपने भाई-बहन या बच्चों की शादी के लिए भी कर सकता है। पढ़ाई के मामले में शर्त यह है कि यह रकम सिर्फ 10वीं क्लास से ऊपर की पढ़ाई के लिए ही निकाली जा सकती है। सबसे अहम बात यह है कि पूरी नौकरी के दौरान कोई भी खाताधारक शादी के नाम पर सिर्फ 3 बार ही पैसा निकाल सकता है, और इसकी भी एक तय सीमा ईपीएफओ ने पहले से तय कर रखी है।
घर खरीदने या बनवाने के लिए मिलने वाली छूट
घर से जुड़ी जरूरतों के लिए भी पीएफ खाता काम आता है। अगर कोई खाताधारक नया घर खरीदना चाहता है या खुद का घर बनवाना चाहता है, तो इसके लिए पीएफ से पैसा निकाला जा सकता है, बशर्ते उसकी सदस्यता कम से कम 5 साल पुरानी हो। इसमें एक और शर्त जुड़ी है, प्रॉपर्टी या तो खुद खाताधारक के नाम होनी चाहिए, या जीवनसाथी के नाम, या फिर दोनों के संयुक्त नाम पर। यह सुविधा पूरी नौकरी में सिर्फ एक बार ही मिलती है, यानी घर के नाम पर दोबारा इस रास्ते से पैसा नहीं निकाला जा सकता।
होम लोन चुकाने और बाकी खास हालात में निकासी
जिन लोगों ने घर के लिए होम लोन ले रखा है, उन्हें भी ईपीएफओ राहत देता है। ऐसे खाताधारक होम लोन की किस्तें चुकाने के लिए भी पीएफ खाते से पैसा निकाल सकते हैं। इसके अलावा घर की मरम्मत या रेनोवेशन के लिए भी यह रकम इस्तेमाल की जा सकती है, हालांकि इसकी शर्तें प्रॉपर्टी की उम्र और निकासी के मकसद पर निर्भर करती हैं, इसलिए क्लेम करने से पहले खाताधारक को यह जरूर जांच लेना चाहिए कि वह इसके लिए योग्य है भी या नहीं। इनके अलावा ईपीएफओ कुछ और खास परिस्थितियों में भी निकासी की छूट देता है। अगर कोई कर्मचारी लगातार एक महीने से ज्यादा समय से बेरोजगार है, तो वह भी अपने पीएफ खाते से पैसा निकाल सकता है। इसी तरह प्राकृतिक आपदा, दिव्यांगता जैसी मुश्किल परिस्थितियों में भी खाताधारकों को पीएफ से रकम निकालने की अनुमति दी जाती है।




















