केरल राज्य लॉटरी विभाग द्वारा गुरुवार, 17 सितंबर को कारुण्या प्लस केएन-641 साप्ताहिक लकी ड्रॉ का आयोजन तय कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है। इस ड्रॉ में भाग लेने वाले लोग अपने टिकट नंबरों के भाग्य का फैसला जानने के लिए उत्सुक हैं। राजधानी के गोर्की भवन में दोपहर के समय यह पूरी प्रक्रिया शुरू होगी, जहां विजेताओं के नंबर घोषित किए जाएंगे। ड्रॉ के माध्यम से कई श्रेणियों में नकद पुरस्कार बांटे जाने हैं, जिनमें सबसे बड़ा इनाम सीधे एक करोड़ रुपये का रखा गया है।
गोर्की भवन में ड्रॉ का समय और स्थान विवरण
इस आधिकारिक लॉटरी प्रक्रिया के लिए तिरुवनंतपुरम स्थित पलायम इलाके के बेकरी जंक्शन के पास गोर्की भवन को आयोजन स्थल बनाया गया है। दोपहर 2:55 बजे से लाइव नतीजों के आंकड़े सामने आने की उम्मीद है, जबकि पूर्ण परिणाम प्रक्रिया दोपहर 3 बजे से शुरू मानी जाती है। इसके बाद सभी श्रेणियों की अंतिम और प्रमाणित सूची शाम 4:30 बजे आधिकारिक रूप से सार्वजनिक की जाएगी। टिकट धारकों को सलाह दी गई है कि वे अपने टिकटों को सुरक्षित रखें और किसी भी अनौपचारिक दावे के बजाय सीधे विभाग द्वारा प्रमाणित सूची से ही अपने नंबरों का सत्यापन करें।
पुरस्कारों का ढांचा और श्रेणीवार धनराशि
कारुण्या प्लस केएन-641 लॉटरी में विभिन्न स्तरों पर बड़े और छोटे पुरस्कार तय किए गए हैं ताकि कई प्रतिभागियों को जीत का लाभ मिल सके। प्रथम स्थान पाने वाले भाग्यशाली विजेता को 1,00,00,000 रुपये की भव्य राशि प्रदान की जाएगी। इसके बाद दूसरे स्थान के विजेता के लिए 30,00,000 रुपये तय किए गए हैं, जबकि तीसरा स्थान हासिल करने वाले को 5,00,00,000 रुपये (5 लाख रुपये) का नकद इनाम मिलेगा। चौथे क्रम पर आने वाले विजेताओं को 5,000 रुपये मिलेंगे और इसी राशि का सांत्वना पुरस्कार भी निर्धारित है। निचले क्रम में पांचवें स्थान के लिए 2,000 रुपये, छठे के लिए 1,000 रुपये, सातवें के लिए 500 रुपये, आठवें के लिए 200 रुपये तथा नौवें पुरस्कार के रूप में 100 रुपये दिए जाने का प्रावधान है।
इनामी राशि का दावा करने का सही तरीका
विजेताओं को अपनी धनराशि प्राप्त करने के लिए निर्धारित कानूनी नियमों का पालन करना अनिवार्य है। जिन टिकट धारकों को 5,000 रुपये तक का छोटा इनाम मिला है, वे केरल में मौजूद अधिकृत लॉटरी एजेंटों के माध्यम से सीधे अपना भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। इसके विपरीत, यदि पुरस्कार राशि 5,000 रुपये से अधिक है, तो विजेता को सीधे किसी अधिकृत बैंक शाखा अथवा सरकारी लॉटरी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना होगा। वहां मूल टिकट जमा करने के साथ-साथ पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना जरूरी है। टिकट के पीछे हस्ताक्षर होना अनिवार्य है ताकि किसी तरह के विवाद से बचा जा सके।
टैक्स कटौती और बारकोड से टिकट की जांच
लॉटरी से होने वाली कमाई पर सरकारी नियमों के अनुसार टैक्स और शुल्क काटे जाते हैं। इस व्यवस्था के तहत 30 प्रतिशत की दर से टैक्स कटौती और 12 प्रतिशत एजेंट कमीशन का उल्लेख मिलता है। हालांकि, पुरस्कार की श्रेणी और अद्यतन नियमों के आधार पर अंतिम भुगतान राशि बदल सकती है, इसलिए प्रतिभागियों को विभाग से वर्तमान वित्तीय नियमों की पुष्टि कर लेनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, जालसाजी से बचने के लिए केरल लॉटरी विभाग के बारकोड स्कैनर का उपयोग करके टिकट की असलियत जांची जा सकती है। केवल आधिकारिक स्रोतों से प्रमाणित नंबरों पर ही भरोसा करें।



















