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सांवलिया सेठ के दरबार में व्यापारी ने चढ़ाया चांदी का सीमेंट प्लांट, 40 किमी पैदल चलकर पहुंचे मंदिरराजस्थान
20 सित॰ 2026, 2:35 pm (25 मिनट पहले)· 0

सांवलिया सेठ के दरबार में व्यापारी ने चढ़ाया चांदी का सीमेंट प्लांट, 40 किमी पैदल चलकर पहुंचे मंदिर

चित्तौड़गढ़ के श्री सांवलिया सेठ मंदिर में निम्बाहेड़ा के व्यापारी धर्मराज बंजारा ने 1.2 किलो चांदी से बना सीमेंट प्लांट अर्पित किया। कारोबार में तरक्की मिलने पर वे परिजनों संग 40 किलोमीटर पैदल चलकर दर्शन करने पहुंचे।

चित्तौड़गढ़ स्थित प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में एक भक्त की अनूठी आस्था देखने को मिली है। निम्बाहेड़ा क्षेत्र के एक कारोबारी ने अपने व्यावसायिक काम में मनचाही कामयाबी मिलने के बाद भगवान के चरणों में चांदी से तैयार किया गया सीमेंट प्लांट का पूरा मॉडल समर्पित किया है। लगभग 1 किलो 200 ग्राम वजनी इस मॉडल की अनुमानित लागत करीब 2 लाख 40 हजार रुपये आंकी गई है। मंदिर परिसर में पेश की गई यह भेंट वहां मौजूद श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही।

व्यापार में सफलता का श्रेय आराध्य देव को

निम्बाहेड़ा के निवासी धर्मराज बंजारा वेदांश इंटरप्राइजेज नामक फर्म के संचालक हैं। वे साल 2017 से सीमेंट संयंत्र में ठेकेदारी के कार्यों से जुड़े हुए हैं। धर्मराज के पूरे परिवार का नाता सीमेंट उद्योग से कई दशकों पुराना रहा है। इससे पहले उनके पिता भी उसी कंपनी में कार्यरत थे। धर्मराज का दृढ़ विश्वास है कि उन्हें जीवन और कारोबार में जो भी सफलता हासिल हुई है, वह मात्र उनकी व्यक्तिगत भागदौड़ का परिणाम नहीं है, बल्कि उसमें सांवलिया सेठ का विशेष आशीर्वाद शामिल है। वे बचपन के दिनों से ही अपने माता-पिता के साथ नियमित दर्शन करने आते रहे हैं और भगवान को अपना इष्टदेव मानते हैं।

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परंपरागत चढ़ावे से हटकर तैयार कराया अनोखा मॉडल

तीर्थस्थलों और देवालयों में भक्त आमतौर पर सोने-चांदी के जेवर, नकदी अथवा पारंपरिक आभूषण दान करते हैं। हालांकि, धर्मराज ने अपनी मन्नत पूरी होने पर कुछ नया और सीधा अपने काम से जुड़ा हुआ स्वरूप भेंट करने का संकल्प लिया था। उन्होंने भगवान के प्रति कृतज्ञता जताने के लिए अपनी आजीविका से जुड़े सीमेंट प्लांट का हूबहू प्रारूप बनवाया। इस पूरे मॉडल के निर्माण में लगभग 1 किलो 200 ग्राम शुद्ध चांदी लगाई गई है, जिसका बाजार मूल्य करीब 2 लाख 40 हजार रुपये बताया गया है।

पदयात्रा करते हुए 40 किलोमीटर का सफर तय किया

इस मन्नत को पूरा करने के लिए धर्मराज बंजारा ने निम्बाहेड़ा से श्री सांवलिया सेठ मंदिर तक करीब 40 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली। इस पैदल यात्रा में उनके परिवार के सदस्यों के अतिरिक्त कई रिश्तेदार और परिचित भी शामिल हुए। रास्ते भर डीजे पर बजते भक्तिमय गीतों और भगवान सांवलिया सेठ के जयकारों के बीच श्रद्धालु निरंतर आगे बढ़ते रहे। मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद सुबह के समय विधिवत दर्शन किए गए, जिसके उपरांत पूरे परिवार की उपस्थिति में यह चांदी का सीमेंट प्लांट भगवान के चरणों में समर्पित कर दिया गया।

कारोबार में सांवलिया सेठ को साझेदार मानने का विश्वास

चित्तौड़गढ़ का श्री सांवलिया सेठ मंदिर व्यापार जगत से जुड़े लोगों की गहरी श्रद्धा का केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में कई व्यापारी अपने हर नए उद्यम की शुरुआत भगवान का आशीर्वाद लेकर करते हैं और लाभ होने पर उन्हें भेंट चढ़ाते हैं। धर्मराज की यह भेंट भी इसी पुरानी आस्था और विश्वास की कड़ी का हिस्सा है।

सवाल-जवाब

सांवलिया सेठ मंदिर में क्या अनोखी भेंट चढ़ाई गई?
मंदिर में करीब 1 किलो 200 ग्राम चांदी से बना सीमेंट प्लांट का विस्तृत मॉडल चढ़ाया गया है।
इस चांदी के मॉडल की अनुमानित कीमत कितनी है?
इस मॉडल की अनुमानित लागत लगभग 2 लाख 40 हजार रुपये बताई गई है।
यह भेंट किस श्रद्धालु ने अर्पित की है?
यह भेंट निम्बाहेड़ा निवासी धर्मराज बंजारा ने अर्पित की है, जो वेदांश इंटरप्राइजेज के संचालक हैं।
धर्मराज बंजारा किस क्षेत्र के कारोबार से जुड़े हैं?
वे साल 2017 से सीमेंट प्लांट में ठेकेदारी का काम कर रहे हैं और उनका परिवार दशकों से इसी उद्योग से जुड़ा है।
व्यापारी मंदिर तक कैसे पहुंचे?
धर्मराज बंजारा अपने परिवार और परिचितों के साथ निम्बाहेड़ा से 40 किलोमीटर पैदल चलकर मंदिर पहुंचे।
श्री सांवलिया सेठ मंदिर किस जिले में स्थित है?
यह प्रसिद्ध मंदिर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित है।
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