मध्य प्रदेश के शिवपुरी में डाकघर ने एक ऐसी बीमा योजना का प्रचार शुरू किया है, जिससे मामूली मासिक बचत करने वाला व्यक्ति भी आने वाले वर्षों में लाखों रुपये का फंड खड़ा कर सकता है। भारतीय डाक विभाग की यह पहल कम प्रीमियम में जीवन बीमा और बचत, दोनों का फायदा देने का दावा करती है। खास बात यह है कि इसमें जोखिम भी बेहद कम रहता है, इसलिए यह योजना छोटे और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
डाक विभाग की दो प्रमुख बीमा योजनाएं
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की एग्जीक्यूटिव प्रियंका शाक्य के मुताबिक, डाक विभाग फिलहाल दो बीमा योजनाएं चला रहा है, जिनका मकसद आम आदमी को बचत के साथ सुरक्षा देना है। पहली योजना है डाक जीवन बीमा यानी PLI। यह सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों, सेना में तैनात जवानों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, बैंक स्टाफ और प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में काम करने वाले ग्रेजुएट युवाओं के लिए बनाई गई है। दूसरी योजना ग्रामीण डाक जीवन बीमा यानी RPLI है, जो खासतौर पर गांवों में रहने वाले परिवारों के लिए है, ताकि हर ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित भविष्य की सुविधा पहुंचे। यानी शहर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों से लेकर गांव में रहने वाले आम परिवार तक, डाक विभाग के पास हर वर्ग के लिए अलग-अलग बीमा विकल्प मौजूद हैं।
बाजार से सस्ता प्रीमियम, ज्यादा बोनस
प्रियंका शाक्य बताती हैं कि बाजार में मौजूद दूसरी बीमा और निवेश योजनाओं के मुकाबले डाक विभाग की इन दोनों स्कीमों में किश्त यानी प्रीमियम काफी कम रखा गया है, जबकि पॉलिसी पर मिलने वाला बोनस सबसे ज्यादा है। यही वजह है कि शिवपुरी डाकघर की यह पहल छोटे निवेशकों के बीच खासी चर्चा में है, क्योंकि कम कमाई वाला व्यक्ति भी थोड़ी-थोड़ी बचत से बड़ा फंड जोड़ सकता है। कम प्रीमियम और ज्यादा बोनस का यह मेल आम तौर पर निजी बीमा कंपनियों की पॉलिसी में देखने को नहीं मिलता।
11 साल में कैसे बनेगा 15.75 लाख का फंड
अगर कोई निवेशक 10 लाख रुपये के बीमा धन यानी सम एश्योर्ड वाला प्लान 11 साल के लिए चुनता है, तो उसे हर महीने करीब 7,600 रुपये की किश्त चुकानी होगी। इस हिसाब से सालाना प्रीमियम लगभग 91,200 रुपये बैठता है। पूरे 11 साल में निवेशक की कुल जमा राशि करीब 10.03 लाख रुपये होगी। 11 साल पूरे होने पर यानी मैच्योरिटी पर निवेशक को करीब 15.75 लाख रुपये मिलेंगे। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन 11 वर्षों के दौरान निवेशक को लगातार 10 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर भी मिलता रहता है, यानी बचत के साथ-साथ परिवार की सुरक्षा भी पूरी तरह पक्की रहती है।
किसान विकास पत्र से 30 साल में बनेगा 62.5 लाख का फंड
11 साल बाद मिलने वाली 15.75 लाख रुपये की रकम को खर्च करने के बजाय डाकघर की एक और योजना किसान विकास पत्र यानी KVP में दोबारा जमा करने की सलाह दी जाती है। मौजूदा नियमों के मुताबिक किसान विकास पत्र में जमा रकम अगले 9 साल 7 महीने में दोगुनी हो जाती है। इस हिसाब से 15.75 लाख रुपये की रकम बढ़कर करीब 31.5 लाख रुपये हो जाएगी। इसके बाद इस 31.5 लाख रुपये को एक बार फिर अगले 10 साल के लिए किसान विकास पत्र में निवेश कर दिया जाता है। यह रकम भी दोगुनी होकर 62.5 लाख रुपये से ज्यादा हो जाती है। इस तरह शुरुआती 11 साल की बीमा पॉलिसी और उसके बाद किसान विकास पत्र में दो बार दोबारा निवेश करने पर कुल 30 साल में निवेशक के हाथ में साढ़े 62 लाख रुपये से ज्यादा का फंड आ जाता है। शिवपुरी डाकघर के मुताबिक यह तरीका खासतौर पर उन छोटे निवेशकों के लिए फायदेमंद है, जो कम जोखिम और कम प्रीमियम में बड़ा फंड बनाना चाहते हैं।




















