बिहार में मानसून ने एक बार फिर पूरी ताकत पकड़ ली है और मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना का कहना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के अधिकतर इलाकों में झमाझम बारिश जारी रहेगी, और 19 जुलाई 2026 यानी रविवार को सभी जिलों में बादल गरजने, बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलने का खतरा बना रहेगा। इसी के साथ गया और नवादा जैसे कुछ जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट भी जारी हुआ है।
आज रात यानी 18 जुलाई को भी खतरा बरकरार
आज रात बिहार के कई इलाकों में मौसम रौद्र रूप दिखा सकता है। मौसम केंद्र के मुताबिक गया, नवादा और पश्चिम चंपारण में आज अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जबकि औरंगाबाद, भभुआ यानी कैमूर, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, रोहतास और सिवान के लिए भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। साथ ही राज्यभर में आज भी ठनका गिरने और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।
19 जुलाई को इन चार जिलों में रेड अलर्ट
रविवार यानी 19 जुलाई की बात करें तो प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा, लेकिन चार जिलों की स्थिति खासतौर पर चिंता बढ़ाने वाली है। गया, नवादा, बेगूसराय और जमुई में मौसम विभाग ने अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने और स्थानीय लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
पटना समेत नौ जिलों में भी भारी बारिश की आशंका
इसके अलावा राजधानी पटना समेत नौ जिलों में भी भारी बारिश की आशंका है, जहां ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस सूची में पटना, नालंदा, जहानाबाद, अरवल, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, शेखपुरा और किशनगंज शामिल हैं। इन जिलों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है, ऐसे में लोगों को जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
तापमान में गिरावट, उमस भरी गर्मी से मिलेगी राहत
आईएमडी पटना के अनुसार आसमान में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और मानसून ट्रफ जैसे मौसम तंत्र सक्रिय होने के कारण अगले 24 घंटों में राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। यानी उमस और गर्मी से परेशान बिहार के लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। हालांकि इसके बाद अगले 72 घंटों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा, यानी ठंडक का यह असर कुछ दिन बना रहेगा।
वज्रपात से बचाव के लिए एहतियात जरूरी
मौसम विभाग ने वज्रपात के खतरे को देखते हुए लोगों से खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की अपील की है। साथ ही किसानों को भी सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान वे खेतों में जाने से परहेज करें, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। कुल मिलाकर अगले 48 घंटे बिहार के लिए मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं, और प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी पूरी सतर्कता बरतने की जरूरत है।



















