शाम होते-होते जूतों से उठने लगी बदबू, उंगलियों में जलन और मोजों का लगातार गीला बने रहना, ये सब अक्सर गलत फुटवियर चुनने का ही नतीजा होता है, महज बदकिस्मती नहीं। तापमान बढ़ने के साथ पैरों की त्वचा सामान्य से ज्यादा पसीना छोड़ने लगती है, और अगर जूते के अंदर हवा के आने-जाने की जगह न हो तो यह नमी बाहर निकल ही नहीं पाती। दिनभर यह हालत बनी रहे तो बदबू, खुजली, जलन और कई बार फंगल इंफेक्शन जैसी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं। मोटे और बंद सिंथेटिक मटेरियल से बने जूते इस समस्या को और बढ़ा देते हैं क्योंकि वे गर्मी को अंदर ही कैद कर लेते हैं। यही वजह है कि गर्मियों के लिए जूते चुनते वक्त सिर्फ लुक नहीं, बल्कि हवादार डिजाइन और सही मटेरियल को प्राथमिकता देनी चाहिए। बाजार में समर फुटवियर के अनगिनत विकल्प मौजूद हैं, मगर हर जोड़ी इस मौसम के लायक नहीं होती। सही चुनाव पैरों को दिनभर सूखा, सुरक्षित और आरामदायक बनाए रखने में मदद कर सकता है।
मेश फैब्रिक इस मौसम में सबसे भरोसेमंद क्यों
मेश मटेरियल से बने जूतों की बुनावट में बारीक-बारीक छेद होते हैं, जिनसे हवा लगातार अंदर-बाहर आती-जाती रहती है। इस वजह से पैरों पर पसीने की परत जमा नहीं हो पाती और लंबे समय तक चलने या खड़े रहने के बाद भी राहत महसूस होती है। जिन लोगों को रोजाना काफी पैदल चलना पड़ता है, उनके लिए मेश शूज एक भरोसेमंद विकल्प बन सकते हैं क्योंकि ये पैरों को सांस लेने की पूरी गुंजाइश देते हैं। चूंकि इनमें गर्मी जल्दी बाहर निकल जाती है, इसलिए घंटों पहनने के बावजूद पैर काफी हद तक ठंडे और आरामदायक बने रहते हैं।
वजन में भारी जूते गर्मी के मौसम में जल्दी थकान पैदा कर देते हैं, क्योंकि हर कदम पर पैरों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। हल्के वजन के जूते चलने-फिरने को आसान बनाते हैं और पैरों के जोड़ों पर पड़ने वाला दबाव भी कम करते हैं। यही वजह है कि ऑफिस जाने, कॉलेज या रोजमर्रा के कामों के लिए हल्के और हवादार जूते ज्यादा मुफीद माने जाते हैं।
सही मोजों का चुनाव भी उतना ही जरूरी
सिर्फ अच्छे जूते ही काफी नहीं, सही मोजे पहनना भी उतना ही मायने रखता है। कॉटन के मोजे या पसीना सोख लेने वाले फैब्रिक से बने मोजे पैरों को सूखा बनाए रखने में मदद करते हैं। अगर मोजे लंबे समय तक गीले बने रहें तो बदबू के साथ-साथ संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए इस बात में लापरवाही महंगी पड़ सकती है।
टाइट जूतों से बचें, सूजन का रखें ध्यान
गर्मी में पैरों में हल्की सूजन आना आम बात है, ऐसे में कसे हुए जूते पहनने पर असहजता और दर्द दोनों महसूस हो सकते हैं। ऐसे जूते चुनना बेहतर रहता है जिनमें उंगलियों के लिए पर्याप्त जगह हो और पैर किसी भी तरफ से दबे नहीं। सही फिटिंग वाला फुटवियर एड़ी और पैरों के किनारों पर छाले बनने की आशंका को भी काफी हद तक कम कर देता है। इस्तेमाल के बाद जूतों को तुरंत बंद अलमारी में रखने की बजाय कुछ देर खुली हवा में रखना चाहिए, इससे अंदर जमा नमी निकल जाती है और बदबू आने की गुंजाइश भी घट जाती है।
वॉकिंग-जॉगिंग के जूते खरीदते वक्त क्या देखें
वॉक, जॉगिंग या जिम के लिए फुटवियर लेते समय अच्छी कुशनिंग, मजबूत सोल और हवा के आवागमन वाली बुनावट का खास ध्यान रखना चाहिए। मजबूत सोल हर कदम पर पड़ने वाले झटके को बेहतर तरीके से सोख लेता है, जो सख्त सड़कों या जिम के फर्श पर चलते वक्त खासतौर पर मायने रखता है। इससे पैरों को बेहतर सहारा मिलता है और लंबे समय तक पहनने के बावजूद थकान व दर्द की शिकायत भी कम होती है।
बारिश और गर्मी के लिए अलग-अलग जूते रखना फायदेमंद
गर्मी के मौसम में भी कई बार अचानक बारिश हो जाती है, ऐसे में रोजाना पहने जाने वाले अच्छे जूतों को भीगने से बचाने के लिए एक अतिरिक्त जोड़ी रखना समझदारी भरा कदम है। इससे न सिर्फ जूते खराब होने से बचते हैं बल्कि उनकी उम्र भी बढ़ जाती है।
दिनभर बाहर रहने के बाद घर लौटकर पैरों को साफ पानी से धोना और अच्छी तरह सुखाना जरूरी है। जिन लोगों को ज्यादा पसीना आता है, वे जरूरत पड़ने पर फुट पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। साफ पैर और साफ जूते, दोनों मिलकर पैरों को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं।
डिजाइन नहीं, आराम को दें प्राथमिकता
अक्सर लोग सिर्फ लुक देखकर जूते खरीद लेते हैं, जबकि गर्मी के मौसम में सबसे अहम बात यह होती है कि फुटवियर पहनकर कितनी देर तक आराम महसूस होता है। ऐसे जूते चुनना बेहतर रहता है जो घंटों पहनने के बाद भी दर्द, जलन या पसीने की तकलीफ न दें।




















