नागालैंड के राज्य समर्थित आधिकारिक लॉटरी विभाग ने 8 अक्टूबर 2026 के लिए अपने नियमित गुरुवार ड्रॉ के परिणामों की घोषणा की है। इस प्रक्रिया में शामिल तीनों सत्रों के विजेताओं की सूची सामने आ चुकी है, जिसके अंतर्गत भाग लेने वाले टिकट धारकों को शीर्ष बंपर राशि जीतने का अवसर मिला। सरकारी नियमों के तहत पूरी तरह से संचालित यह व्यवस्था पूर्वोत्तर भारत सहित कई क्षेत्रों में अपनी तय समय सारिणी और पारदर्शी ड्रॉ प्रक्रिया के कारण काफी लंबे समय से सक्रिय है।
तीन सत्रों में आयोजित होने वाले ड्रॉ की रूपरेखा
गुरुवार की इस साप्ताहिक ड्रॉ श्रृंखला को तीन अलग-अलग समयावधियों में बांटा जाता है। दोपहर में होने वाले पहले आयोजन को डियर मॉर्निंग स्टार 1 PM कहा जाता है। इसके पश्चात शाम के समय आयोजित होने वाले चरण का नाम डियर डे सुप्रीम 6PM रखा गया है, जबकि रात के अंतिम सत्र को डियर नाइट फेम 8PM के रूप में संचालित किया जाता है। प्रत्येक सत्र की घोषणा निर्धारित समय पर की जाती है, ताकि विभिन्न समय पर टिकट खरीदने वाले प्रतिभागियों को अपने नंबरों की पुष्टि करने में कोई असुविधा न हो।
इनाम संरचना और छह अलग-अलग पुरस्कार श्रेणियां
इस आधिकारिक लॉटरी की संपूर्ण पुरस्कार योजना को छह विभिन्न स्तरों में विभाजित किया गया है। हर एक सत्र में सबसे बड़ा आकर्षण 1 करोड़ रुपये का बंपर पुरस्कार होता है, जो भाग्यशाली टिकट धारक को मिलता है। इसके अलावा, छोटे स्तर के पुरस्कारों की व्यवस्था भी की गई है ताकि अधिक से अधिक टिकट धारकों को प्रोत्साहन मिल सके। इन पुरस्कारों की न्यूनतम सीमा 120 रुपये से शुरू होकर विभिन्न स्तरों के माध्यम से शीर्ष 1 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचती है।
परिणामों के प्रकाशन का तय समय चक्र
प्रत्येक गुरुवार को भाग्यशाली ड्रॉ निकालने की औपचारिक शुरुआत क्रमशः 1PM, 6PM और 8PM पर की जाती है। ड्रॉ संपन्न होने के ठीक 10 मिनट के भीतर आधिकारिक दस्तावेजों का संकलन पूरा किया जाता है। सभी जीतने वाले टिकट नंबरों की पूरी विवरण सूची वाली औपचारिक पीडीएफ फाइलें 1:10 pm, 6:10 pm और 8:10 pm तक जांच के लिए उपलब्ध करा दी जाती हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से प्रतिभागी अपने टिकट के प्रत्येक अंक का मिलान घोषित सूची से कर सकते हैं।
सत्यापन और कानूनी संचालन का स्वरूप
यह पूरी प्रक्रिया नागालैंड सरकार द्वारा समर्थित लॉटरी विभाग के कानूनी दायरे और नियमों के तहत पूरी तरह से नियंत्रित होती है। राज्य स्तर पर संचालित होने के कारण इसके वित्तीय लेनदेन, टिकटों की बिक्री और पुरस्कार वितरण की प्रक्रियाओं में कानूनी निगरानी रहती है। जीतने वाले सभी टिकट धारकों को पुरस्कार राशि का दावा करने के लिए मूल टिकट सुरक्षित रखने और तय पहचान दस्तावेजों के साथ सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने की आवश्यकता होती है।



















