टाटा समूह की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के निदेशक मंडल ने अपनी हालिया बैठक में चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दूसरे अंतरिम लाभांश यानी अंतरिम डिविडेंड का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। कंपनी अपने शेयरधारकों को 1 रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 12 रुपये का नकद भुगतान करेगी। इससे पहले कंपनी ने जुलाई 2026 में भी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12 रुपये प्रति शेयर का पहला अंतरिम डिविडेंड वितरित किया था। इस नए निर्णय के साथ ही चालू वित्त वर्ष में कंपनी के निवेशकों को मिलने वाला कुल लाभांश अब बढ़कर 24 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गया है, जबकि वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजे और फैसले अभी आने बाकी हैं।
रिकॉर्ड डेट और पात्रता से जुड़े अहम नियम
डिविडेंड का लाभ किन शेयरधारकों को मिलेगा, यह तय करने के लिए कंपनी प्रबंधन ने 14 अक्टूबर 2026 की समयसीमा निर्धारित की है। यही तारीख कंपनी के शेयरों के लिए एक्स-डिविडेंड तारीख के रूप में भी लागू होगी। शेयर बाजार की व्यवस्था में रिकॉर्ड डेट और एक्स-डिविडेंड डेट आमतौर पर एक ही दिन पड़ती हैं, जो यह निर्धारित करती हैं कि उस निश्चित दिन कंपनी के रजिस्टर में किन निवेशकों का नाम दर्ज है।
यदि कोई निवेशक इस 14 अक्टूबर 2026 की कट-ऑफ तारीख के बाद शेयर खरीदता है, तो वह इस 12 रुपये के दूसरे अंतरिम डिविडेंड का हकदार नहीं माना जाएगा। इसलिए लाभांश पाने के लिए निवेशकों के डीमैट खाते में 14 अक्टूबर 2026 तक शेयर अनिवार्य रूप से मौजूद होने चाहिए। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पात्र शेयरधारकों की पहचान पूरी होने के बाद डिविडेंड राशि का वितरण शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को सीधे निवेशकों के बैंक खातों में कर दिया जाएगा।
शेयरधारिता के आधार पर ऐसे समझें डिविडेंड का गणित
इस लाभांश की गणना बहुत सीधी है, जिसके तहत प्रत्येक एक शेयर पर पात्र निवेशक को 12 रुपये मिलते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी निवेशक के डीमैट खाते में केवल 1 शेयर है तो उसे 12 रुपये मिलेंगे, जबकि 10 शेयर रखने वाले निवेशक के बैंक खाते में सीधे 120 रुपये की राशि जमा की जाएगी।
इसी तरह पोर्टफोलियो में शेयरों की संख्या बढ़ने पर लाभांश की रकम भी उसी अनुपात में बढ़ती जाती है
- 100 शेयर रखने वाले निवेशक को कुल 1,200 रुपये का लाभांश प्राप्त होगा।
- 250 शेयर रखने वाले शेयरधारकों के खाते में 250 को 12 से गुणा करने पर कुल 3,000 रुपये जमा होंगे।
- 500 शेयरों की हिस्सेदारी रखने वाले निवेशकों को 6,000 रुपये मिलेंगे।
- 10,000 शेयरों का बड़ा पोर्टफोलियो रखने वाले निवेशकों के खाते में 1.20 लाख रुपये की मोटी रकम लाभांश के रूप में पहुंचेगी।
लाभांश से होने वाली इस आय पर टैक्स और टीडीएस के नियम पूरी तरह से लागू होते हैं, जिसका ध्यान निवेशकों को रखना चाहिए।
बैंक खाते में सीधे भुगतान पाने की आसान प्रक्रिया
डिविडेंड प्राप्त करने के लिए किसी अलग आवेदन की जरूरत नहीं होती, बल्कि यह एक सुगम और स्वचालित प्रक्रिया के तहत पूरा होता है। सबसे पहली शर्त यह है कि निवेशक के पास रिकॉर्ड डेट यानी 14 अक्टूबर 2026 तक डीमैट खाते में शेयर होने चाहिए।
इसके बाद निवेशकों को केवल यह सुनिश्चित करना होता है कि उनके ब्रोकर या डीमैट खाते से पैन विवरण और सक्रिय बैंक खाता पूरी तरह सही तरीके से जुड़े हों। भुगतान की तारीख आने से पहले कंपनी के रजिस्ट्रार आधिकारिक रिकॉर्ड से पात्र शेयरधारकों की सूची तैयार करते हैं। इसके बाद 30 अक्टूबर 2026 को घोषित भुगतान तिथि पर निर्धारित लाभांश सीधे पंजीकृत बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
लाभांश वितरण का लंबा इतिहास और यील्ड का स्तर
शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के बीच शेयरधारकों को नियमित रूप से नकद लाभांश देने के मामले में कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद मजबूत माना जाता है। अक्टूबर 2004 में बीएसई और एनएसई पर अपनी शुरुआत के बाद से अब तक कंपनी अपने निवेशकों को कुल 95 बार लाभांश वितरित कर चुकी है।
बीते 12 महीनों के कुल आंकड़ों को देखें तो कंपनी ने अपने शेयरधारकों को कुल मिलाकर 111 रुपये प्रति शेयर का भारी-भरकम डिविडेंड दिया है। मौजूदा बाजार भाव के आधार पर यह आंकड़ा कंपनी को 5.35 प्रतिशत की लाभांश यील्ड वाला शीर्ष तकनीकी शेयर बनाता है। इससे पहले केवल अकेले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ही कंपनी ने प्रति शेयर 110 रुपये तक का लाभांश अदा किया था।
तिमाही नतीजे और बाजार में शेयरों की स्थिति
इस ताजा लाभांश घोषणा के साथ ही कंपनी ने अपने दूसरी तिमाही के वित्तीय आंकड़े भी सार्वजनिक किए हैं। आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी ने 73,188 करोड़ रुपये का कुल राजस्व अर्जित किया, जबकि इसका समेकित शुद्ध लाभ 13,884 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। स्थिर मुद्रा आधार पर राजस्व वृद्धि पिछली तिमाही के मुकाबले 0.5 प्रतिशत रही, जो बाजार अनुमानों के अनुरूप है। इस वृद्धि को मुख्य रूप से बीएफएसआई, विनिर्माण और प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्रों से समर्थन मिला। इसके साथ ही कंपनी का वार्षिक एआई राजस्व 3.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।
शेयर बाजार में इस घोषणा और तिमाही परिणामों का असर अगले कारोबारी सत्र में देखने को मिलेगा। 8 अक्टूबर को बीएसई पर कंपनी का शेयर 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2075.25 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ था। इस बंद भाव पर कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 7,50,843.61 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।



















