सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने ताजा मिसाइल हमले का दावा किया है। इस सैन्य कार्रवाई के चलते राजधानी के प्रमुख हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन काफी देर तक पूरी तरह बाधित रहा। इस ताजा घटनाक्रम ने इलाके में सैन्य तनाव को तेजी से बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक व्यापार के लिए बेहद संवेदनशील माने जाने वाले समुद्री रास्तों पर भी जोखिम गहराता दिख रहा है।
विमानों का आवागमन रुका, बाद में बहाल हुईं सेवाएं
इस हवाई हमले के असर की पुष्टि वैश्विक उड़ान निगरानी प्रणाली फ्लाइट रडार 24 के आंकड़ों से भी हुई। निगरानी मंच ने भारतीय समयानुसार शाम 4 बजकर 29 मिनट पर सोशल मीडिया मंच X पर जानकारी साझा की थी कि रियाद हवाई अड्डे पर बीते 80 मिनट से किसी भी विमान ने लैंडिंग नहीं की है। इसके साथ ही पिछले 90 मिनट से इस हवाई अड्डे से किसी भी विमान ने उड़ान भी नहीं भरी थी। हवाई यातायात में आए इस बड़े गतिरोध के बाद हालांकि स्थिति संभली और हवाई अड्डे से विमानों का सामान्य आवागमन फिर से शुरू कर दिया गया।
सैन्य ठिकानों और अन्य हवाई अड्डों पर भी हुए हमले
हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब और आसपास के रणनीतिक ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। इससे पहले बीते बुधवार को भी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों और कई हवाई अड्डों को निशाना बनाने की बात कही थी। इसके अलावा यमन के तटीय शहर अदन में स्थित हवाई अड्डे पर भी मिसाइलें दागने का दावा किया गया था। केवल राजधानी ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में यमन सीमा से सटे खमीस मुशैत शहर के एक एयरफोर्स बेस पर भी हमले का दावा सामने आया। इसके साथ ही नजरान और असीर में स्थित दो अलग-अलग सैन्य बेसों को भी विद्रोहियों ने निशाना बनाने की बात कही है।
गठबंधन सेना ने हवा में ही मिसाइल को किया तबाह
हूती विद्रोहियों के खिलाफ अभियान चला रहे सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने हमले का मुकाबला करने की पुष्टि की है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की के अनुसार सुरक्षा बलों ने रियाद के उत्तर में आ रही एक बैलिस्टिक मिसाइल को उसके निशाने तक पहुंचने से पहले ही हवा में रोककर सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। इस जवाबी कार्रवाई से राजधानी और हवाई अड्डे पर बड़ा नुकसान होने से टल गया।
लाल सागर और रणनीतिक समुद्री मार्गों पर बढ़ा तनाव
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब सऊदी अरब और उसके सहयोगी यमनी बलों ने हूती लड़ाकों के खिलाफ बड़े पैमाने पर जमीनी और हवाई अभियान तेज कर दिया है। इस व्यापक सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यमन के पश्चिमी लाल सागर तट और बाब अल-मन्दब जलडमरूमध्य के आसपास के उन इलाकों पर दोबारा नियंत्रण हासिल करना है, जिन पर विद्रोहियों ने करीब एक महीने पहले कब्जा कर लिया था। इन ताजा हमलों से ईरान समर्थित मोर्चे पर टकराव गहरा गया है, जिससे होर्मुज स्ट्रेट के प्रमुख वैकल्पिक समुद्री रास्ते बाब अल-मन्दब पर जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।



















