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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में महंगी हो सकती है बिजली, 10 फीसदी छूट खत्म होने के कगार परमनी
20 जून 2026, 9:50 am (46 दिन पहले)· 8

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में महंगी हो सकती है बिजली, 10 फीसदी छूट खत्म होने के कगार पर

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के करीब 2.5 लाख बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही बड़ा झटका लग सकता है, क्योंकि सरप्लस राशि में कटौती के बाद NPCL द्वारा दी जाने वाली 10 प्रतिशत की राहत समाप्त होने की आशंका है।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लगभग ढाई लाख बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही अपने मासिक बिजली बिलों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (NPCL) के पास अतिरिक्त फंड मौजूद होने के कारण उपभोक्ताओं को उनके बिल पर मिलने वाली करीब 10% की छूट अब समाप्त होने के कगार पर पहुंच गई है। TrendKia की एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा इस सरप्लस राशि के पुनर्मूल्यांकन के बाद यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

सरप्लस फंड के पुनर्मूल्यांकन का पूरा गणित

यह पूरा मामला असल में वर्ष 2018 से 2025 तक की अवधि के बिजली टैरिफ से जुड़ा हुआ है। NPCL ने इस संबंध में अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) के समक्ष अपनी अपील दायर की थी। न्यायाधिकरण के दखल देने के बाद, उत्तर प्रदेश के नियामक आयोग ने कंपनी की अधिशेष यानी सरप्लस राशि की फिर से जांच की और नया आदेश पारित किया।

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इस नए आकलन के बाद सरप्लस फंड के आंकड़ों में भारी गिरावट आई है। पूर्व में इस सरप्लस राशि का मूल्य लगभग 1500.62 करोड़ रुपये तय किया गया था, लेकिन नए सिरे से किए गए परीक्षण के बाद इसे घटाकर केवल 593.81 करोड़ रुपये निर्धारित कर दिया गया है। इस बड़ी कटौती की वजह से NPCL के पास उपभोक्ताओं को दी जा रही राहत को जारी रखने के लिए पर्याप्त वित्तीय आधार नहीं बचेगा, जिसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ना तय माना जा रहा है।

फैसले का विरोध और उपभोक्ता परिषद की याचिका

नियामक आयोग के इस नए फैसले का चौतरफा विरोध भी शुरू हो गया है। विद्युत उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग के समक्ष इस आदेश के विरुद्ध एक याचिका दायर की है। परिषद का स्पष्ट तौर पर कहना है कि इस फैसले से आम उपभोक्ताओं पर अवांछित आर्थिक बोझ लाद दिया जाएगा।

परिषद ने एक और महत्वपूर्ण दावा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश की विभिन्न बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के पास उपभोक्ताओं की कुल मिलाकर लगभग 51 हजार करोड़ रुपये की भारी सरप्लस राशि बकाया है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि NPCL के इस मामले को नजीर मानकर अन्य बिजली कंपनियां भी अपनी सरप्लस राशि की दोबारा जांच कराने की मांग उठा सकती हैं।

पूरे उत्तर प्रदेश में दरें बढ़ने की आशंका

उत्तर प्रदेश में जल्द ही नया बिजली टैरिफ घोषित होने की संभावना है। माना जा रहा है कि नया टैरिफ लागू होने से पूरे राज्य में बिजली महंगी हो सकती है, हालांकि कीमतों में कुल कितनी बढ़ोतरी होगी यह नियामक आयोग द्वारा जारी होने वाले अंतिम टैरिफ आदेश के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। यदि अन्य कंपनियों ने भी सरप्लस पुनर्मूल्यांकन का रास्ता चुना, तो पूरे प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लग सकता है।

सवाल-जवाब

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बिजली क्यों महंगी होने वाली है?
NPCL के सरप्लस फंड में भारी कमी के कारण उपभोक्ताओं को मिलने वाली 10% की छूट खत्म या कम हो सकती है, जिससे सीधे तौर पर उनके बिल बढ़ जाएंगे।
NPCL की सरप्लस राशि में कितनी कटौती की गई है?
नियामक आयोग ने दोबारा जांच के बाद सरप्लस राशि को 1500.62 करोड़ रुपये से घटाकर केवल 593.81 करोड़ रुपये कर दिया है।
इस फैसले का सबसे पहला और मुख्य असर कितने लोगों पर पड़ेगा?
इसका सीधा असर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लगभग 2.5 लाख बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
उपभोक्ता परिषद ने इस फैसले के खिलाफ क्या कदम उठाया है?
विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए नियामक आयोग में एक याचिका दायर की है।
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