सुरक्षित निवेश और निश्चित मुनाफे की तलाश करने वाले भारतीय बचतकर्ताओं के बीच सावधि जमा यानी फिक्स्ड डिपॉजिट हमेशा से एक पसंदीदा माध्यम रहा है। विशेष रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में जमा पूंजी को बेहद सुरक्षित माना जाता है, जिसके चलते वेतनभोगी कर्मचारी और वरिष्ठ नागरिक अपनी बचत को इन्हीं वित्तीय संस्थानों में रखना चुनते हैं। जून 2026 की शुरुआत में पंजाब नेशनल बैंक द्वारा ब्याज दरों में किए गए संशोधन के बाद दो साल की अवधि वाले निवेश के रिटर्न समीकरणों में फेरबदल देखने को मिला है। ऐसे में तीन प्रमुख सरकारी बैंकों, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक की मौजूदा दरों की तुलना से यह साफ होता है कि इस अवधि में किस संस्थान से कितना प्रतिफल मिल रहा है।
तीन करोड़ रुपये से कम की जमा पर ब्याज दरों की स्थिति
जून 2026 के आंकड़ों के आधार पर तीन करोड़ रुपये से कम की खुदरा जमाराशियों के लिए इन तीनों सरकारी बैंकों ने अलग-अलग ब्याज दरें निर्धारित की हैं। निवेशकों के लिए दो साल की अवधि वाले विकल्पों पर सामान्य और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग स्लैब लागू हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की जमा दरें
देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 2 साल से लेकर 3 साल से कम समय वाली सावधि जमा योजना पर सामान्य नागरिकों को 6.25 प्रतिशत का सालाना ब्याज दिया जा रहा है। इसी मियाद के लिए बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 6.75 प्रतिशत की वार्षिक दर से प्रतिफल प्रदान कर रहा है।
पंजाब नेशनल बैंक के संशोधित रिटर्न
पंजाब नेशनल बैंक में 1 जून 2026 से लागू की गई नई व्यवस्था के अनुसार, 667 दिन से लेकर 2 साल तक की जमा राशि पर सामान्य खाताधारकों को 6.30 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के मामले में यह ब्याज दर 6.80 प्रतिशत वार्षिक है। इसके अलावा बैंक अति वरिष्ठ नागरिकों यानी सुपर सीनियर सिटीजन्स को इसी अवधि के लिए 7.10 प्रतिशत ब्याज का लाभ उपलब्ध करा रहा है।
केनरा बैंक के ऑफर
केनरा बैंक में 2 साल और उससे अधिक से लेकर 3 साल से कम की तय अवधि के लिए सामान्य नागरिकों को 6.25 प्रतिशत का ब्याज ऑफर किया जा रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिक श्रेणी के निवेशकों को इस बैंक में 6.76 प्रतिशत की सालाना दर से भुगतान किया जा रहा है।
प्रतिफल की तुलना और ध्यान रखने योग्य बातें
शुद्ध ब्याज दरों के दृष्टिकोण से देखा जाए तो दो वर्ष की जमा पर पंजाब नेशनल बैंक का रिटर्न स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक की तुलना में थोड़ा बेहतर नजर आता है। वरिष्ठ नागरिकों के स्लैब में केनरा बैंक की 6.76 प्रतिशत की दर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के 6.75 प्रतिशत से मामूली रूप से अधिक है, जबकि पंजाब नेशनल बैंक दोनों से आगे बना हुआ है।
बैंक चुनने से पहले निवेशकों को केवल ब्याज के आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। खाताधारकों को अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए मिलने वाले विशेष फायदों की पूरी पड़ताल करनी चाहिए। इसके साथ ही आपात स्थिति में मियाद पूरी होने से पहले रकम निकालने पर लगने वाले प्री-मैच्योर विड्रॉल चार्ज को भी समझना जरूरी है। शाखा में जाकर ऑफलाइन एफडी कराने और डिजिटल बैंकिंग माध्यमों से ऑनलाइन खाता खोलने पर मिलने वाली दरों में भी अंतर की संभावना को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेना चाहिए।


















