तमिलनाडु के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा कल्याणकारी कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने अपनी सुबह के भोजन की पहल का दायरा काफी बढ़ा दिया है। अब सरकारी और सहायता प्राप्त संस्थानों में कक्षा 8 तक के छात्र-छात्राओं को विद्यालय में ही ताजा व पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराया जाएगा। इस बड़े विस्तार के जरिए पूरे राज्य के करीब 35 लाख स्कूली बच्चों को योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
तिरुवान्मियूर में मुख्यमंत्री ने स्वयं परोसा भोजन
इस विस्तारित कार्यक्रम की आधिकारिक शुरुआत राज्य के मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई के तिरुवान्मियूर स्थित चेन्नई कॉर्पोरेशन मिडिल स्कूल में की। उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने खुद बच्चों को गरमा-गरम पोंगल परोसा और फिर जमीन पर बैठकर उनके साथ सुबह का भोजन भी किया। इस मौके पर उन्होंने स्कूली बच्चों से बातचीत कर भोजन की गुणवत्ता और उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली।
द्रमुक शासन में हुई थी शुरुआत, टीवीके सरकार ने बदला नाम
पेरुंथलइवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम के नाम से जानी जाने वाली इस भोजन व्यवस्था की नींव सबसे पहले वर्ष 2022 में द्रमुक शासनकाल के दौरान रखी गई थी। प्रारंभिक चरण में यह केवल कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के नन्हे विद्यार्थियों के लिए ही लागू की गई थी। उस शुरुआती दौर में राज्य के 37,447 शैक्षणिक संस्थानों के करीब 19.34 लाख विद्यार्थी इस व्यवस्था से सीधे लाभान्वित हो रहे थे।
इसके बाद मई 2026 में सत्ता परिवर्तन हुआ और टीवीके सरकार के कार्यभार संभालने के उपरांत जुलाई 2026 में इस योजना का नामकरण तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री कामराज के सम्मान में कर दिया गया। अब मौजूदा विस्तार के तहत मिडिल स्कूल के बच्चों को भी जोड़ते हुए करीब 15.30 लाख अतिरिक्त विद्यार्थियों को इसके अंतर्गत शामिल किया गया है।
2026-27 के लिए वित्तीय आवंटन और प्रति छात्र खर्च
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने 217.63 करोड़ रुपये की विशेष धनराशि स्वीकृत की है। यह वित्तीय प्रावधान 210 शैक्षणिक दिवसों के आधार पर 12.87 लाख छात्र-छात्राओं को नाश्ता कराने के लिए तय किया गया है, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी के लिए दैनिक व्यय 12.71 रुपये निर्धारित किया गया है। बजट का यह समायोजन बच्चों को बिना किसी रुकावट के लगातार गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
सप्ताह के पांचों दिन का विशेष भोजन मेनू
बच्चों की रुचि और पोषण संतुलन को ध्यान में रखते हुए सप्ताह के प्रत्येक कार्यदिवस के लिए अलग-अलग पारंपरिक व्यंजनों का एक व्यवस्थित मेनू तैयार किया गया है
- सोमवार: उपमा
- मंगलवार: खिचड़ी
- बुधवार: पोंगल
- गुरुवार: उपमा
- शुक्रवार: मीठा व्यंजन
तमिलनाडु में स्कूली भोजन कार्यक्रमों का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसमें पूर्व में जयललिता की सरकार ने बच्चों की पसंद के अनुसार मसाला अंडों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ठ भोजनों को शामिल करके भोजन व्यवस्था को और अधिक विविधतापूर्ण बनाया था।
रसोई और भोजन वितरण में स्वच्छता के कड़े नियम
योजना के सुचारु और सुरक्षित संचालन के लिए प्रशासनिक स्तर पर स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि जिन रसोई घरों में भोजन तैयार किया जाता है, वहां साफ-सफाई के उच्च मानकों का हर समय पालन होना चाहिए। इसके अलावा, विद्यालय के जिस परिसर या कक्ष में बच्चों को भोजन परोसा जाता है, उसे भी पूरी तरह स्वच्छ और रोगाणुमुक्त बनाए रखना अनिवार्य किया गया है ताकि बच्चों तक केवल शुद्ध और सुरक्षित भोजन ही पहुंचे।



















