राष्ट्रमंडल खेल 2026: 60 किग्रा वर्ग के खिताबी मुकाबले में सचिन सिवाच का धमाकेदार प्रदर्शन, भारत की झोली में आया छठा मुक्केबाजी स्वर्णडांस शूट के दौरान रश्मिका मंदाना के कूल्हे में गंभीर चोट, डॉक्टरों ने दी 6 हफ्ते कंप्लीट बेड रेस्ट की सलाहविंडोज 11 में स्निपिंग टूल की इन 10 आसान तरकीबों से बदल जाएगा आपका काम करने का तरीकाफिजूलखर्ची रोकने के लिए दिल्ली की इन्फ्लुएंसर ने छोड़ा UPI, 80-20 कैश फॉर्मूले से बचा रही हैं पैसेभारतीय परिवारों में जनरेशन जेड की अनोखी दस्तक, बदलती बोली, जीवनशैली और सीजेपी रुझान से आया बड़ा बदलावराष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का धमाकेदार प्रदर्शन, 1 जुलाई को भारत ने जीते 7 बॉक्सिंग गोल्डबेगूसराय कोर्ट का बड़ा फैसला, पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति को आर्म्स एक्ट में 7 साल की सजाकास्टिंग काउच की दर्दनाक आपबीती के साथ रियलिटी शो छोड़ गईं आकांक्षा चौधरी, पामेला सेरेना भी हुईं बाहरकामिका एकादशी 2026: सावन के पहले व्रत की तिथि, पूजा मुहूर्त और पारण का समय जानेंवृश्चिक साप्ताहिक राशिफल 2-8 अगस्त: मंगल के आठवें भाव में गोचर से बदलेंगे समीकरण, जानें करियर, लव लाइफ और सेहत का हाल
सीमावर्ती जिलों में जाली नोट रोकने को रिजर्व बैंक का कड़ा कदम, सभी बैंक शाखाओं में लगेंगी विशेष जांच मशीनेंमनी
31 जुल॰ 2026, 10:05 pm (1 दिन पहले)· 0

सीमावर्ती जिलों में जाली नोट रोकने को रिजर्व बैंक का कड़ा कदम, सभी बैंक शाखाओं में लगेंगी विशेष जांच मशीनें

रिजर्व बैंक ने देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे जिलों की सभी बैंक शाखाओं में नोट सत्यापन मशीनें लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य सीमा पार से आने वाले जाली नोटों को बैंकिंग तंत्र में घुसने से तुरंत रोकना और जब्त करना है।

देश में जाली मुद्रा के प्रवाह पर नकेल कसने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने एक और बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। शुक्रवार को जारी नए निर्देशों के अनुसार, रिजर्व बैंक ने देश के सभी व्यावसायिक और क्षेत्रीय बैंकों को यह अनिवार्य आदेश दिया है कि वे अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे जिलों में मौजूद अपनी हर शाखा को आधुनिक नोट सत्यापन और जांच मशीनों से लैस करें। केंद्रीय बैंक का मानना है कि सीमाओं के पार से आने वाली नकली करेंसी को शुरुआती स्तर पर ही चिन्हित कर लिया जाए, ताकि वह देश की मुख्य अर्थव्यवस्था और बैंकिंग तंत्र का हिस्सा न बन सके।

सीमावर्ती क्षेत्रों में सख्त निगरानी का खाका

अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे संवेदनशील जिलों में अक्सर तस्कर और आपराधिक नेटवर्क फर्जी भारतीय मुद्रा (FICN) को बैंकिंग चैनलों में घुसाने का प्रयास करते हैं। रिजर्व बैंक के हालिया अध्ययन और जांच में यह बात सामने आई थी कि कुछ बैंक शाखाओं में जाली नोटों की पहचान और निगरानी के प्रयास पर्याप्त नहीं थे। इसी कमी को दूर करने के लिए केंद्रीय बैंक ने बैंकों को अपनी मौजूदा प्रक्रियाओं की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। अब बैंक स्तर पर ऐसी ठोस व्यवस्था बनानी होगी जिससे देश के भीतर आने वाले हर संदिग्ध नोट की तुरंत पड़ताल हो सके और उसे दोबारा बाज़ार में जाने से रोका जा सके।

ये भी पढ़ें

बैंक कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण और मशीन से जांच अनिवार्य

केवल मशीन लगाना ही काफी नहीं होगा, बल्कि बैंकों को अपने परिचालन ढांचे में भी व्यापक बदलाव करने होंगे। रिजर्व बैंक द्वारा अप्रैल में जारी किए गए मास्टर निर्देश के तहत, अब सभी बैंकों के लिए यह अनिवार्य है कि वे नकदी संभालने वाले अपने प्रत्येक कर्मचारी को असली भारतीय नोटों की सुरक्षा विशेषताओं के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दें। इसके अलावा, बैंक में जमा होने वाले या किसी भी स्रोत से आने वाले हर एक नोट को अत्याधुनिक मशीनों से गुज़ारना होगा। बिना तकनीकी जांच के किसी भी नकदी को सीधे स्वीकार या संसाधित करने की अनुमति नहीं होगी।

जाली नोट मिलने पर जब्ती के सख्त नियम

रिजर्व बैंक ने नकली नोट मिलने की स्थिति में अपनाए जाने वाले नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है। यदि कोई ग्राहक या व्यक्ति बैंक काउंटर पर जाली नोट लाता है, तो बैंक कर्मचारी उसे किसी भी परिस्थिति में वापस नहीं लौटा सकते। इसके साथ ही बैंक को खुद के स्तर पर उस नोट को नष्ट करने या दबाने का अधिकार भी नहीं होगा। निर्धारित दिशानिर्देशों के तहत ऐसे सभी नोटों को तुरंत जब्त किया जाएगा और फर्जी भारतीय मुद्रा के हर मामले की औपचारिक सूचना संबंधित अधिकारियों और जांच एजेंसियों को देना अनिवार्य होगा। इस पारदर्शी प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होगा कि जाली नोट का रिकॉर्ड बना रहे और तस्करी के स्रोतों तक पहुंचा जा सके।

नोटबंदी से लेकर अब तक के प्रयासों की निरंतरता

भारत में जाली करेंसी एक लंबे समय से गंभीर आर्थिक और सुरक्षा समस्या बनी हुई है। इसी चुनौती से निपटने के उद्देश्य से वर्ष 2016 में मोदी सरकार ने 500 रुपये और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने यानी नोटबंदी का फैसला लिया था। उस समय 2,000 रुपये के नए बैंक नोट जारी किए गए थे, जिन्हें बाद में रिजर्व बैंक ने चरणबद्ध तरीके से बैंकिंग प्रणाली से बाहर कर दिया। इन तमाम बड़े फैसलों के बावजूद जाली नोटों के पूरी तरह खात्मे की चुनौती बनी रही। यही वजह है कि अब केंद्रीय बैंक ने सीमाओं पर ही इस अवैध कारोबार की कमर तोड़ने की रणनीति बनाई है।

सवाल-जवाब

आरबीआई ने सीमावर्ती जिलों के बैंकों के लिए क्या नया निर्देश दिया है?
रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे सभी जिलों की बैंक शाखाओं में नोट सत्यापन और जांच मशीनें होना अनिवार्य है।
यदि बैंक काउंटर पर नकली नोट पाया जाता है तो क्या नियम है?
जाली नोट को तुरंत जब्त किया जाएगा। इसे लाने वाले व्यक्ति को वापस नहीं लौटाया जाएगा और न ही बैंक इसे खुद नष्ट कर सकता है।
बैंकों को अपने कर्मचारियों के लिए क्या कदम उठाना जरूरी है?
बैंकों को अपने सभी नकदी संभालने वाले कर्मचारियों को असली नोटों की सुरक्षा विशेषताओं के बारे में अनिवार्य प्रशिक्षण देना होगा।
सरकार ने वर्ष 2016 में नकली नोटों पर रोक लगाने के लिए क्या किया था?
वर्ष 2016 में नोटबंदी के तहत 500 रुपये और 1,000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया था।
क्या 2,000 रुपये के नोट अभी भी प्रचलन में हैं?
नहीं, 2,000 रुपये का नोट नोटबंदी के बाद लाया गया था, जिसे रिजर्व बैंक ने बाद में धीरे-धीरे बैंकिंग सिस्टम से बाहर कर दिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR