देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा अपने करोड़ों ग्राहकों की बचत पर सुरक्षित तथा गारंटीकृत रिटर्न प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं लोकप्रिय योजनाओं में शामिल 444 दिन की विशेष अवधि वाली अमृत वृष्टि योजना निवेशकों के बीच बेहद पसंदीदा विकल्प बनकर उभरी है। इस खास योजना के अंतर्गत बैंक 3 करोड़ रुपये से कम की जमा राशि पर आम नागरिकों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों और अति वरिष्ठ नागरिकों को बेहद आकर्षक ब्याज दरों की पेशकश कर रहा है। बिना किसी बाजार जोखिम के अपनी जमा पूंजी को पूरी तरह सुरक्षित रखकर बेहतर आय अर्जित करने की इच्छा रखने वाले निवेशकों के लिए 444 दिन की यह जमा योजना एक भरोसेमंद और लाभदायक माध्यम साबित हो रही है।
444 दिन की FD योजना में ब्याज दरों का पूरा ब्योरा
भारतीय स्टेट बैंक 3 करोड़ रुपये से कम के रिटेल डिपॉजिट के लिए 444 दिन की समय सीमा वाली इस विशेष फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.45% से लेकर 7.05% तक का वार्षिक ब्याज प्रदान कर रहा है। आयु के विभिन्न श्रेणियों के अनुसार बैंक द्वारा निर्धारित ब्याज दरें निम्नलिखित हैं
- सामान्य नागरिक (59 वर्ष तक की आयु): 59 वर्ष तक की उम्र वाले आम निवेशकों को 444 दिन की इस एफडी योजना पर 6.45% की दर से वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है।
- वरिष्ठ नागरिक (60 से 79 वर्ष की आयु): 60 वर्ष से 79 वर्ष तक के बुजुर्ग निवेशकों को बैंक की तरफ से 6.95% का वार्षिक रिटर्न मिल रहा है।
- अति वरिष्ठ नागरिक (80 वर्ष और उससे अधिक आयु): 80 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को इस विशेष 444 दिन की जमा योजना में सर्वाधिक 7.05% की दर से वार्षिक ब्याज का लाभ दिया जा रहा है।
बुजुर्ग नागरिकों को मिल रहा अतिरिक्त ब्याज का फायदा
वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक आम ग्राहकों की तुलना में 0.50% (50 बेसिस पॉइंट्स) का अतिरिक्त ब्याज ऑफर करता है। इसके अलावा, 80 वर्ष से अधिक आयु वाले अति वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य वरिष्ठ नागरिकों के लिए तय की गई ब्याज दर से भी 0.10% अधिक रिटर्न मिलता है। इस प्रकार, यदि आम ग्राहकों की ब्याज दरों से तुलना की जाए, तो अति वरिष्ठ नागरिकों को कुल 0.60% तक का सीधा अतिरिक्त फायदा प्राप्त होता है।
दिसंबर 2025 से निरंतर लागू हैं ये ब्याज दरें
यह ध्यान देने योग्य बात है कि भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दरों में अंतिम संशोधन दिसंबर 2025 में किया था। दिसंबर 2025 में हुए उसी बदलाव के बाद से 444 दिन की इस अमृत वृष्टि योजना पर ये ब्याज दरें लगातार बिना किसी परिवर्तन के प्रभावी बनी हुई हैं और बैंक ग्राहकों को इसी दर के अनुसार ब्याज का भुगतान कर रहा है।
पहली तिमाही में बैंक ने दर्ज किया ₹24,113 करोड़ का नेट प्रॉफिट
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो भारतीय स्टेट बैंक ने हाल ही में चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून तिमाही) के नतीजे सार्वजनिक किए हैं। जारी आंकड़ों के अनुसार, इस पहली तिमाही में बैंक का समेकित शुद्ध लाभ (कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट) 13.73 प्रतिशत बढ़कर 24,113 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इससे पूर्व वित्त वर्ष 2025-26 की जून तिमाही में बैंक ने 21,201.47 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था, जबकि बीते वित्त वर्ष की मार्च तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 19,642.87 करोड़ रुपये रहा था।
अस्वीकरण: यह विवरण केवल जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी प्रकार की वित्तीय योजना या निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने अधिकृत वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।



















