भारत में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों और पेट्रोलियम मंत्रालय ने एलपीजी रसोई गैस के वितरण, बुकिंग और उपयोग से जुड़े नियमों में व्यापक बदलाव लागू किए हैं। इंडेन गैस, एचपी गैस और भारत गैस के करोड़ों ग्राहकों को प्रभावित करने वाले ये 7 प्रमुख नियम 1 सितंबर 2026 से प्रभावी हो रहे हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) के प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने ये महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रसोई बजट से लेकर सिलेंडर रिफिलिंग की समयसीमा तक, ग्राहकों के लिए इन सभी नई व्यवस्थाओं को समझना आवश्यक है।
1. महीने की पहली तारीख को मूल्य समीक्षा और अगस्त की स्थिति
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां प्रत्येक माह की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडरों की दरों की समीक्षा करती हैं। इसमें 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर और 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक सिलेंडर दोनों की कीमतें शामिल होती हैं। बाजार की परिस्थितियों के अनुसार 5 किलोग्राम और 10 किलोग्राम वाले फ्री-ट्रेड श्रेणी के सिलेंडरों की दरों में भी बदलाव किया जाता है। अगस्त 2026 में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम स्थिर रखे गए थे, जहां दिल्ली में यह 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये प्रति सिलेंडर उपलब्ध कराया गया था।
वहीं दूसरी ओर, 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार दूसरे महीने कटौती की गई थी। अगस्त में व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 192 रुपये घटकर 2,738 रुपये, कोलकाता में 209 रुपये घटकर 2,872.50 रुपये, मुंबई में 194 रुपये घटकर 2,691.50 रुपये और चेन्नई में 200 रुपये घटकर 2,906 रुपये प्रति सिलेंडर पर आ गई थी। एलपीजी की घरेलू दरें अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों, आयात समता मूल्य, बंदरगाह शुल्कों, सीमा शुल्क, माल भाड़ा और जीएसटी जैसे विभिन्न घटकों को मिलाकर तय की जाती हैं। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूएस डब्ल्यूटीआई क्रूड 83 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर और ब्रेंट क्रूड 88 डॉलर प्रति बैरल से अधिक पर कारोबार कर रहा है। हालिया एक महीने के आंकड़े बताते हैं कि डब्ल्यूटीआई में 1.21 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि ब्रेंट में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
2. नए एलपीजी कनेक्शन पर रोक की स्थिति
फरवरी के अंत में मध्य पूर्व में संघर्ष बढ़ने के बाद रसोई गैस की संभावित कमी को रोकने के लिए सरकार ने नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी थी। इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल सहित सभी गैस एजेंसियों में नए कनेक्शन की बुकिंग बंद चल रही है। मार्च 2026 से 14.2 किलोग्राम वाले इंडेन गैस, एचपी गैस और भारत गैस के नए कनेक्शन जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे में जो उपभोक्ता नया रसोई गैस कनेक्शन लेने की योजना बना रहे थे, वे सितंबर 2026 में पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से किसी भी राहत या नए दिशा-निर्देश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
3. घरेलू पीएनजी प्रोत्साहन योजना और अनिवार्य स्विचिंग
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पाइप वाली प्राकृतिक गैस के नेटवर्क को तेजी से फैलाने के लिए 1 सितंबर 2026 से लागू होने वाली घरेलू पीएनजी प्रोत्साहन योजना स्वीकृत की है। इस योजना के माध्यम से शहर गैस वितरण संस्थाओं को नए पीएनजी कनेक्शन जोड़ने पर वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक घरों तक स्वच्छ, सुरक्षित और सस्ती गैस पहुंचाई जा सके।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन सोसायटियों या रिहायशी इलाकों में पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है, वहां दोहरा कनेक्शन (एलपीजी और पीएनजी दोनों) रखना प्रतिबंधित है। मार्च 2026 से लागू नियमों के अनुसार ऐसे क्षेत्रों के निवासियों को पीएनजी पर शिफ्ट होना अनिवार्य है। तेल कंपनियों और सिटी-गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स के बार-बार नोटिस देने के बावजूद यदि कोई उपभोक्ता एलपीजी कनेक्शन सरेंडर नहीं करता है, तो उसका एलपीजी कनेक्शन स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा।
4. बायोमेट्रिक आधार ई-केवाईसी की अंतिम तिथि
एलपीजी ग्राहकों के लिए बायोमेट्रिक आधार ई-केवाईसी पूरा करने की समयसीमा को अगस्त महीने में कई बार विस्तारित किया गया था। शुरुआती 16 अगस्त की तिथि को बढ़ाकर 23 अगस्त और उसके बाद 31 अगस्त किया गया था। तेल विपणन कंपनियों ने गैस वितरकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि 31 अगस्त के बाद ई-केवाईसी की समयसीमा में कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं ने 31 अगस्त तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें अपने 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर के लिए या तो सेवा निलंबन का सामना करना पड़ेगा या फिर व्यावसायिक दरों पर भुगतान करना होगा।
5. सिलेंडर बुकिंग के बीच अनिवार्य समय अंतराल
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव शुरू होने के बाद सरकार ने रसोई गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने और आपूर्ति नियंत्रित करने के लिए रिफिल बुकिंग अंतराल का नियम लागू किया था। पिछले पांच महीनों से लागू इस व्यवस्था के तहत शहरी क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच न्यूनतम 25 दिनों का अंतर होना अनिवार्य है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए यह बुकिंग अंतराल 45 दिनों का निर्धारित किया गया है। पूर्व में यह रिफिल गैप केवल 21 दिनों का होता था।
6. पीएनजी कनेक्शन मिलने के बाद एलपीजी सरेंडर और ट्रांसफर वाउचर
मई 2026 में लागू किए गए नियम के अनुसार, जब किसी घरेलू उपभोक्ता के घर में पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हो जाता है, तो उसे अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन (इंडेन, एचपी या भारत गैस) को खत्म करने के लिए 30 दिनों का समय दिया जाता है। इस 30-दिवसीय अवधि के भीतर एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय ने इसमें एक राहत प्रावधान भी जोड़ा है। एलपीजी सरेंडर करते समय उपभोक्ता को एक ट्रांसफर वाउचर प्रदान किया जाता है। यदि भविष्य में उपभोक्ता किसी ऐसे क्षेत्र में शिफ्ट होता है जहां पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, तो वह इस ट्रांसफर वाउचर का उपयोग करके दोबारा नया एलपीजी कनेक्शन बिना किसी परेशानी के प्राप्त कर सकता है।
7. 99% डिजिटल बुकिंग और डिलीवरी के समय ओटीपी अनिवार्य
पश्चिम एशिया संकट के बाद से भारत में रसोई गैस की बुकिंग व्यवस्था लगभग पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है। उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में 99 प्रतिशत से अधिक एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग ऑनलाइन माध्यमों से की जा रही है। सरकार ने इस प्रक्रिया को आगे भी जारी रखने की सलाह दी है। इसके अतिरिक्त, सिलेंडर की डिलीवरी को पारदर्शी बनाने के लिए वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) व्यवस्था को पूरी तरह लागू रखा गया है। जब डिलीवरी बॉय सिलेंडर लेकर आएगा, तो ग्राहक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आया ओटीपी सत्यापित करना अनिवार्य होगा। बिना ओटीपी सत्यापन के एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी संपन्न नहीं की जाएगी।


















