नगालैंड पुलिस मुख्यालय कोहिमा में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेंचामो पी किकोन ने सेवारत पुलिस बल को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले बहादुर साथियों की विरासत प्रत्येक जवान की कार्यशैली का आधार बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी समाज में जनता के भरोसे, सुरक्षा और सर्वोच्च बलिदान की पहचान है।
लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स की ऐतिहासिक घटना और स्मृति दिवस का इतिहास
पुलिस स्मृति दिवस की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने बताया कि इस दिन का इतिहास 21 अक्टूबर 1959 की उस साहसिक घटना से जुड़ा है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में लापता साथियों की खोजबीन के लिए डिप्टी सेंट्रल इंटेलिजेंस ऑफिसर करम सिंह के नेतृत्व में 20 सदस्यीय पुलिस दल रवाना हुआ था। उस दौरान चीनी सैनिकों ने अचानक घात लगाकर इस गश्ती दल पर हमला कर दिया था, जिसमें बल के दस साहसी सदस्य वीरगति को प्राप्त हुए थे। इस दिन की शुरुआत मूल रूप से उन अमर जवानों की स्मृति में की गई थी, लेकिन अब यह दिन उस तारीख के बाद से देश सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले प्रत्येक पुलिसकर्मी के सर्वोच्च योगदान को नमन करने का प्रतीक बन चुका है।
कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और शोक संतप्त परिवारों को पूर्ण समर्थन
रेंचामो पी किकोन ने जवानों से आह्वान किया कि शहीद साथियों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी दी जा सकती है, जब हम उन बुनियादी नैतिक मूल्यों की रक्षा करें जिनके लिए उन्होंने अपने जीवन का बलिदान दिया। उन्होंने पुलिस बल से अपराध नियंत्रण, सार्वजनिक शांति व व्यवस्था बनाए रखने और जनता की सेवा पूरी ईमानदारी तथा मानवीय संवेदना के साथ करने का संकल्प दोहराने को कहा। समाज में वर्तमान में मौजूद शांति व्यवस्था को पुलिसकर्मियों के अनवरत त्याग और समर्पण का परिणाम बताते हुए उन्होंने शहीद परिवारों को नगालैंड पुलिस की ओर से हर संभव सहायता और साथ देने का अटूट भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि इन परिवारों का नुकसान कभी न पूरा होने वाला है।
154 बलिदानी जवानों का सम्मान और राष्ट्रीय एकता दिवस की यात्रा
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने जानकारी दी कि 31 अगस्त को समाप्त हुए 12 महीनों के दौरान भारत भर में 154 पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा में अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले इन सभी जांबाजों को नमन किया। उन्होंने बल को संदेश दिया कि जवानों का अदम्य साहस उनके दैनिक आचरण को प्रेरित करे और नागरिकों के प्रति उनका समर्पण एक नैतिक दिशा निर्देशक का कार्य करे।
राज्य पुलिस की विशेष पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि नगालैंड पुलिस की एक नौ सदस्यीय मोटरसाइकिल टीम 7 अक्टूबर को 2,845 किलोमीटर की लंबी यात्रा पर निकली थी, जो सात राज्यों से होकर गुजर रही है। यह दल मध्य प्रदेश के जबलपुर तक पहुंच चुका है और 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में शामिल होने के लिए गुजरात के केवड़िया में अन्य राज्यों के दलों से मिलेगा। इसके अलावा नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर भी राज्य पुलिस के प्रतिनिधियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कोहिमा में एआईजीपी शौका केखातो ने शहीद जवानों की नामवली पढ़कर सुनाई, जिसके बाद निशान और अंगरक्षक टोली ने समाधि स्थल पर बिगुल बजाकर सम्मान दिया और उपस्थित अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित किए।



















