जून की तपन ने बिजली की मांग को आसमान पर पहुंचाया
उत्तर भारत में इन दिनों जो लू चल रही है उसने बिजली की खपत को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। 17 जून को उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग 30,760 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंची। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी UPPCL ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह लगातार तीसरा दिन था जब प्रदेश ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले 15 जून को 29,579 मेगावाट और 14 जून को 29,571 मेगावाट बिजली सप्लाई का आंकड़ा दर्ज किया गया था। इन तीनों दिनों में से किसी भी दिन प्रदेश में बड़ी बिजली कटौती की नौबत नहीं आई।
तीन राज्यों की कुल खपत अकेले यूपी ने की
17 जून के आंकड़े की असली तुलना तब सामने आती है जब इसे दूसरे बड़े राज्यों के मुकाबले रखा जाता है। UPPCL के आंकड़ों के मुताबिक इस एक दिन में यूपी को जितनी बिजली सप्लाई हुई वह तमिलनाडु, पंजाब और कर्नाटक तीनों राज्यों की संयुक्त बिजली खपत के बराबर थी। इन तीनों को एकसाथ पीछे छोड़ना केवल आबादी की वजह से नहीं है, बल्कि राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में किए गए निवेश का भी प्रमाण है।
यूपी की बिजली कहां से आती है
इस विशाल मांग को पूरा करने के लिए कई स्रोत मिलकर काम करते हैं। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के अनपरा, ओबरा, पारीछा और हरदुआगंज स्थित थर्मल पावर प्लांट राज्य की आंतरिक उत्पादन व्यवस्था की धुरी हैं। केंद्रीय उपक्रम NTPC के रिहंद बांध, ऊंचाहार और सिंगरौली स्थित संयंत्र भी यूपी की मांग पूरी करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही कानपुर के घाटमपुर में नवीनतम तकनीक से लैस एक पावर प्लांट भी इस नेटवर्क का अहम हिस्सा है।
उत्पादन क्षमता और वास्तविक खपत का फर्क
मई महीने के आंकड़ों के अनुसार यूपी में अपने संयंत्रों से करीब 10,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ, जो रोजाना करीब 1 करोड़ यूनिट के बराबर है। लेकिन 17 जून को एक ही दिन में प्रदेश में 3,07,60,000 यूनिट बिजली की खपत हुई। यह राज्य की अपनी दैनिक उत्पादन क्षमता से करीब तीन गुना अधिक है। इस भारी अंतर को पाटने के लिए राज्य के डिस्कॉम को बाहरी स्रोतों से बिजली खरीदनी पड़ती है।
कर्मचारियों का जज्बा और प्रशासन की तत्परता
राज्य सरकार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में तय शेड्यूल के मुताबिक बिजली आपूर्ति बाधारहित जारी रहे। इसके नतीजे दोनों ही इलाकों में नजर आ रहे हैं जहां पहले की तुलना में बिजली की स्थिति काफी बेहतर हुई है। UPPCL ने बताया कि बिजली विभाग के कर्मचारी इस भीषण गर्मी, तेज हवाओं और बारिश के बावजूद लगातार काम कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी सबस्टेशन और पावर हाउस का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं ताकि कोई भी तकनीकी खामी तत्काल दूर की जा सके। UPPCL के निदेशक (वितरण) ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने कहा कि राज्य लगातार बिजली की मांग को पूरा कर रहा है और पूरी UPPCL टीम दिन-रात इस काम में जुटी हुई है।













