उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित नौचंदी थाना क्षेत्र के एक खुले नाले में मिले छह महीने के बच्चे के शव का मामला सामने आया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान पता चला है कि इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती और उसके बाद पनपे प्रेम प्रसंग के चलते इस निर्दोष मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी।
इन्स्टाग्राम पर दोस्ती से प्रेम प्रसंग तक की पूरी कहानी
पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की जड़ें सोशल मीडिया पर हुए एक संपर्क से जुड़ी हुई हैं। सहारनपुर जिले के गंगोह क्षेत्र स्थित दौलतपुर छन्नों गांव के निवासी इमरान की शादी शबाना से हुई थी। इमरान अपने परिवार के भरण पोषण के लिए पंजाब के बठिंडा में एक राइस मिल में मजदूरी का काम करता है। इमरान के घर से दूर रहने के दौरान, लगभग तीन महीने पहले शबाना की मुलाकात इंस्टाग्राम पर हापुड़ जिले के मुदाफरा गांव निवासी विशाल कुमार से हुई।
समय बीतने के साथ ही दोनों के बीच बातचीत बढ़ती गई और यह सामान्य दोस्ती जल्द ही गहरे प्रेम प्रसंग में बदल गई। दोनों ने अपने अपने पुराने जीवन को छोड़कर एक साथ रहने की योजना बनाई। हालांकि, इस योजना के बीच शबाना का छह महीने का बेटा साहिल एक बाधा की तरह देखा जाने लगा, जिसे रास्ते से हटाने के लिए एक खौफनाक साजिश रची गई।
दवा का बहाना बनाकर घर से निकली मां
एसपी सिटी विनायक विक्रम भोंसले ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 12 जुलाई की रात को शबाना अपने घर से दवा लेने का बहाना बनाकर निकली। वह अपने छह माह के बेटे साहिल को गोद में लेकर मेरठ के सोहराब गेट बस स्टैंड पहुंची। वहां उसका प्रेमी विशाल कुमार पहले से ही उसका इंतजार कर रहा था।
बस स्टैंड पर मुलाकात के बाद विशाल ने शबाना को अपनी बातों में उलझाया और भरोसा दिलाया कि यदि बच्चा उनके साथ रहेगा तो उसका परिवार उनके रिश्ते को कभी स्वीकार नहीं करेगा। विशाल ने शबाना को बहलाते हुए कहा कि वह बच्चे को अपने किसी सुरक्षित परिचित के पास छोड़ आएगा। शबाना ने विशाल की बातों पर भरोसा कर लिया और अपना छह महीने का मासूम बेटा विशाल की गोद में सौंप दिया।
मासूम की हत्या और नाले में शव फेंकने की वारदात
बच्चे को अपनी गोद में लेने के बाद विशाल उसे नौचंदी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली वैशाली कॉलोनी के पास ले गया। आरोप है कि वहां उसने उस मासूम बच्चे की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद अपराध के साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उसने बच्चे के शव को पास ही बह रहे एक खुले नाले में फेंक दिया।
हत्या की इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद विशाल वापस सोहराब गेट बस स्टैंड पहुंचा। वहां से वह शबाना को साथ लेकर हापुड़ स्थित अपने गांव मुदाफरा आ गया। शबाना को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस प्रेमी पर वह भरोसा कर रही थी, उसने उसके कलेजे के टुकड़े की हत्या कर दी है।
कचरा बीनने वाले की सूचना और पुलिस की कार्रवाई
वारदात के अगले दिन यानी 13 जुलाई को एक कचरा बीनने वाले व्यक्ति ने नाले में तैरते हुए बच्चे के शव को देखा। उसने तुरंत स्थानीय नौचंदी पुलिस को इस घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। लावारिस शव होने के कारण पुलिस ने नियमानुसार 72 घंटे तक पहचान का इंतजार किया और फिर शव का पोस्टमार्टम करवाया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बच्चे की मौत पानी में डूबने की वजह से हुई थी। चूंकि उस समय तक बच्चे की पहचान नहीं हो सकी थी, इसलिए पुलिस शव की शिनाख्त के प्रयासों में जुटी हुई थी। उधर, पंजाब में मजदूरी कर रहा इमरान जब 14 दिन बाद अपने घर लौटा तो उसे घर पर पत्नी और बच्चा गायब मिले।
सहारनपुर से हापुड़ तक पुलिस का शिकंजा
घर में पत्नी और बेटे के न मिलने पर इमरान ने उनकी तलाश शुरू की। कोई सुराग न मिलने पर उसने सहारनपुर जिले के गंगोह थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस ने जब शबाना के मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की, तो उसकी मौजूदगी हापुड़ के मुदाफरा गांव में पाई गई। इसके बाद पुलिस टीम ने 26 जुलाई को छापेमारी कर शबाना को मुदाफरा गांव से सकुशल बरामद कर लिया।
जब इमरान ने शबाना से अपने बेटे साहिल के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि विशाल ने बच्चे को अपने एक दोस्त के पास सुरक्षित छोड़ा हुआ है। इसी बीच इमरान को मेरठ के नाले में मिले लावारिस बच्चे के शव की खबर मिली। शंका होने पर इमरान मेरठ पहुंचा, जहां उसने कपड़ों और तस्वीरों के जरिए अपने बेटे साहिल की पहचान की।
CCTV फुटेज बने अहम साक्ष्य, आरोपी गिरफ्तार
बेटे की शिनाख्त होने के बाद पीड़ित पिता इमरान की तहरीर पर सहारनपुर के गंगोह थाने में हत्या का आपराधिक मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार रात को मुख्य आरोपी विशाल कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान पुलिस को मेरठ के सोहराब गेट बस स्टैंड के CCTV फुटेज भी हाथ लगे हैं। इन CCTV फुटेज में विशाल कुमार और शबाना मासूम बच्चे के साथ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह CCTV फुटेज अदालत में आरोपी के खिलाफ एक मजबूत और महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित होंगे। छह महीने के निर्दोष मासूम की इस दर्दनाक मौत ने समाज और मानवीय रिश्तों पर एक गहरा सवाल छोड़ दिया है।



















