रायबरेली में बरसात के मौसम को भिंडी की खेती के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन लगातार बारिश और खेत में जमी नमी किसानों के लिए सिरदर्द भी बन सकती है। इसी मौसम में पीला शिरा मोजेक नाम की बीमारी और कई तरह के फफूंद जनित रोग तेजी से पौधों पर हमला करते हैं, जिससे न सिर्फ पौधों की बढ़वार रुक जाती है बल्कि उपज में भी बड़ी गिरावट देखने को मिलती है।
सफेद मक्खी से फैलता है पीला शिरा मोजेक
रायबरेली जिले के राजकीय कृषि केंद्र शिवगढ़ के प्रभारी अधिकारी शिव शंकर वर्मा का कहना है कि बारिश के दिनों में भिंडी की फसल पर सबसे बड़ा खतरा पीला शिरा मोजेक बीमारी का ही रहता है। यह रोग सफेद मक्खी नाम के कीट के जरिए एक पौधे से दूसरे पौधे तक पहुंचता है। शिव शंकर वर्मा बीएससी एग्रीकल्चर हैं और उन्होंने यह डिग्री डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद से हासिल की है। उनके मुताबिक, जिस पौधे पर यह रोग लगता है, पहले उसकी पत्तियों की नसें पीली पड़ने लगती हैं। इसके बाद धीरे धीरे पूरी पत्ती ही पीले रंग में बदल जाती है और पौधे का बढ़ना रुक जाता है। ऐसे पौधों में फल भी कम आते हैं और जो भिंडी तैयार होती है, उसकी क्वालिटी भी गिर जाती है।
पानी भरा रहना बीमारी को और बढ़ाता है
शिव शंकर वर्मा बताते हैं कि खेत में ज्यादा नमी रहने से सिर्फ पीला शिरा मोजेक ही नहीं, बल्कि पत्तियों पर धब्बे पड़ना, जड़ सड़ना और फल सड़ना जैसी दिक्कतें भी सामने आती हैं। अगर खेत में लंबे समय तक पानी जमा रहे तो यह बीमारी और तेजी से फैलती है। इसलिए खेत में पानी की सही निकासी का इंतजाम करना किसानों के लिए बेहद जरूरी कदम है।
बीमार पौधों को तुरंत खेत से हटाएं
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल का नियमित रूप से मुआयना करते रहें। जिस भी पौधे में रोग के लक्षण नजर आएं, उसे तुरंत उखाड़कर खेत से दूर नष्ट कर देना चाहिए, ताकि संक्रमण बाकी पौधों तक न पहुंच सके। सफेद मक्खी को रोकने के लिए खेत में पीले रंग के स्टिकी ट्रैप लगाए जा सकते हैं, जो इस कीट को आकर्षित कर पकड़ लेते हैं।
उर्वरक और खरपतवार पर भी रखें ध्यान
फसल में उर्वरकों का इस्तेमाल संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। साथ ही खेत में खरपतवार को पनपने से रोकना भी जरूरी है, क्योंकि कई कीट इन्हीं खरपतवार के सहारे फसल तक पहुंचते हैं। किसी भी दवा का छिड़काव करने से पहले उसकी तय मात्रा और किसी विशेषज्ञ की सलाह का ध्यान रखना चाहिए, ताकि नुकसान की बजाय फसल को फायदा मिले।
सही समय पर निगरानी से बच सकती है पूरी फसल
शिव शंकर वर्मा के अनुसार, अगर किसान समय पर निगरानी रखें, खेत में जल निकासी बेहतर रखें, साफ सफाई का ध्यान रखें और कीट व रोग प्रबंधन के सभी तरीके एक साथ अपनाएं, तो बारिश के मौसम में भी भिंडी की फसल को पीला शिरा मोजेक और दूसरी बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है। सही समय पर उठाया गया यह कदम किसानों की पैदावार बढ़ाने के साथ साथ उनकी लागत भी कम करता है।



















