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आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत मामले में माता-पिता ने मांगी पुलिस सुरक्षा, कमिश्नर को भेजा पत्रमहाराष्ट्र
30 सित॰ 2026, 9:48 pm (26 दिन पहले)· 2

आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत मामले में माता-पिता ने मांगी पुलिस सुरक्षा, कमिश्नर को भेजा पत्र

आईआईटी बॉम्बे के द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद उनके माता-पिता ने सुरक्षा खतरे की आशंका जताते हुए मुंबई पुलिस से तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।

आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उनके परिवार ने अपनी जान पर खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है। छात्र के पिता रवींद्र वाकोडे और मां सोनाली वाकोडे की ओर से उनके कानूनी प्रतिनिधि एडवोकेट निखिल कांबले ने 29 सितंबर को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया। यह पत्र मुंबई पुलिस कमिश्नर के साथ-साथ कानून एवं व्यवस्था विभाग के संयुक्त आयुक्त और अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त को भेजा गया है, जिसमें छात्र के माता-पिता को तुरंत चौबीसों घंटे सुरक्षा मुहैया कराने का आग्रह किया गया है।

एफआईआर और कानूनी धाराओं का ब्योरा

साहिल वाकोडे प्रतिष्ठित संस्थान में द्वितीय वर्ष के छात्र थे, जिनकी 18 सितंबर, 2026 को परिसर स्थित हॉस्टल में मौत हो गई थी। इस दुखद घटना के संबंध में पवई पुलिस थाने में प्राथमिक सूचना रिपोर्ट यानी एफआईआर संख्या 999/2026 दर्ज की गई है। इस प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की धारा 108 के अतिरिक्त अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(r) और धारा 3(1)(s) के तहत गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं। वर्तमान समय में मामले की गहन छानबीन मुंबई अपराध शाखा की डिटेक्शन यूनिट-1 द्वारा की जा रही है।

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प्राथमिकी में दर्ज नाम और गिरफ्तारी पर सवाल

प्रकरण में दर्ज शिकायत के अनुसार, आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर श्रीरेश बी., केदार और प्रोफेसर सूर्यनारायण डोला समेत कुछ अन्य लोगों के नाम आरोपी के तौर पर सामने आए हैं। उच्चाधिकारियों को भेजे गए पत्र में अधिवक्ता ने विशेष रूप से रेखांकित किया है कि गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के बावजूद नामजद व्यक्तियों को अभी तक पुलिस हिरासत में नहीं लिया गया है। इस विफलता के कारण परिवार के भीतर असुरक्षा की भावना काफी गहरा गई है।

सुरक्षा की मांग और कानूनी प्रावधान

वकील की ओर से भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि 23 सितंबर को कुछ टेलीविजन समाचार चैनलों पर छात्र की परीक्षा से संबंधित सीसीटीवी फुटेज प्रसारित की गई थी। इस संवेदनशील फुटेज के सार्वजनिक होने के बाद से परिवार को धमकियों और अनुचित दबाव का अंदेशा सता रहा है। याचिका में मांग की गई है कि रवींद्र और सोनाली वाकोडे को उनके आवास पर नियमित सुरक्षा देने के साथ-साथ जांच एजेंसियों के समक्ष पेशी और अदालती सुनवाई के दौरान सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित कराया जाए। पत्र में यह भी स्मरण कराया गया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार रोकथाम अधिनियम की धारा 15A के तहत पीड़ितों, उनके आश्रितों और गवाहों को किसी भी प्रकार के दबाव, धमकी अथवा हिंसा से बचाना सीधे तौर पर राज्य प्रशासन का दायित्व है।

सवाल-जवाब

साहिल वाकोडे कौन थे और उनकी मौत कब हुई थी?
साहिल वाकोडे आईआईटी बॉम्बे में द्वितीय वर्ष के छात्र थे, जिनकी 18 सितंबर, 2026 को हॉस्टल में मौत हो गई थी।
साहिल के माता-पिता ने पुलिस सुरक्षा की मांग क्यों की है?
23 सितंबर को टीवी चैनलों पर परीक्षा का सीसीटीवी फुटेज दिखाए जाने के बाद परिवार ने दबाव और धमकियों का डर जताते हुए सुरक्षा मांगी है।
इस मामले में कौन-कौन सी धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है?
पवई पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 999/2026 दर्ज की गई है, जिसमें आईपीसी की धारा 108 और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं 3(1)(r) और 3(1)(s) शामिल हैं।
शिकायत में किन प्रमुख व्यक्तियों के नाम शामिल हैं?
शिकायत में आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर श्रीरेश बी., केदार और प्रोफेसर सूर्यनारायण डोला समेत कुछ अन्य लोगों के नाम हैं।
मामले की जांच वर्तमान में कौन सी एजेंसी कर रही है?
इस प्रकरण की जांच मुंबई अपराध शाखा की डिटेक्शन यूनिट-1 द्वारा की जा रही है।
वकील ने सुरक्षा के लिए किस कानूनी प्रावधान का हवाला दिया है?
अधिवक्ता ने एससी/एसटी अत्याचार रोकथाम अधिनियम की धारा 15A का हवाला दिया है, जो पीड़ितों और गवाहों की सुरक्षा को राज्य की जिम्मेदारी मानती है।
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