भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रियों को एयर सुविधा 2.0 पोर्टल के नाम पर ठगने वाले साइबर अपराधियों से सावधान रहने की जरूरत है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस संबंध में एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को सतर्क किया है कि अनिवार्य स्वास्थ्य घोषणा फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है। यह चेतावनी उन कई फर्जी वेबसाइटों के सामने आने के बाद दी गई है जो खुद को सरकारी पोर्टल बताकर यात्रियों से अवैध रूप से पैसे वसूल रही हैं।
कैसे जाल बिछा रहे हैं साइबर ठग
इंटरनेट उपभोक्ताओं को अपना शिकार बनाने के लिए साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं और इस बार उनके निशाने पर अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्री हैं। ये धोखेबाज असली सरकारी वेबसाइट से मिलते-जुलते नाम, डिजाइन और वेब एड्रेस (URL) का इस्तेमाल कर हूबहू दिखने वाले फर्जी पोर्टल तैयार करते हैं। कई बार ये अपराधी सर्च इंजन पर विज्ञापन देकर अपनी नकली साइटों को सबसे ऊपर रैंक करा देते हैं, जिससे लोग आसानी से झांसे में आ जाते हैं। भारत आने वाले यात्री जब अपना अनिवार्य दस्तावेज जमा करने के लिए इंटरनेट पर सर्च करते हैं, तो वे इन नकली साइटों पर पहुंच जाते हैं जहां उनसे फॉर्म जमा करने के नाम पर पैसे की मांग की जाती है और वे अपनी गोपनीय वित्तीय जानकारी गंवा बैठते हैं।
पूरी तरह से फ्री है एयर सुविधा 2.0 सेवा
मंत्रालय ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि एयर सुविधा 2.0 के माध्यम से पैसेंजर हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म जमा करने के लिए सरकार कोई शुल्क नहीं लेती है। यह सेवा 100% मुफ्त है। यदि कोई भी वेबसाइट इस फॉर्म को भरने या सबमिट करने के बदले किसी भी प्रकार के भुगतान की मांग करती है, तो वह निश्चित रूप से एक फर्जी और अवैध पोर्टल है। यात्रियों को ऐसी किसी भी मांग के आगे नहीं झुकना चाहिए और तुरंत उस वेबसाइट को बंद कर देना चाहिए।
यह डिजिटल और कॉन्टैक्टलेस पैसेंजर हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन पोर्टल नागरिक उड्डयन मंत्रालय, दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के संयुक्त प्रयासों से तैयार किया गया है। इबोला बीमारी के वैश्विक खतरे और इसके फैलाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से इस व्यवस्था को लागू किया गया था। नियमों के अनुसार, विदेशों से भारत आने वाले प्रत्येक यात्री को इमिग्रेशन क्लियरेंस प्राप्त करने से पहले अपनी सेहत की स्थिति और पिछले 21 दिनों के यात्रा इतिहास का पूरा विवरण देना होता है। यह फॉर्म भारत पहुंचने से 24 घंटे पहले तक आधिकारिक सरकारी साइट पर ऑनलाइन जमा किया जा सकता है। चूंकि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा सरकारी नियम है, इसलिए इसमें किसी भी तरह के व्यावसायिक शुल्क का कोई प्रावधान नहीं है।
बचाव के लिए मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देश
यात्रियों को इस वित्तीय धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने कुछ बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय साझा किए हैं जिनका ध्यान रखना जरूरी है
- वेबसाइट के लिंक की ध्यान से जांच करें: किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसके वेब एड्रेस (URL) को अच्छी तरह परख लें। हमेशा ध्यान रखें कि भारत सरकार के आधिकारिक वेब पते के अंत में आमतौर पर gov.in होता है।
- अपनी निजी जानकारी साझा न करें: किसी भी संदिग्ध या गैर-आधिकारिक पोर्टल पर अपना पासपोर्ट नंबर, बैंक खाता विवरण, क्रेडिट कार्ड की जानकारी या स्वास्थ्य से जुड़ा निजी डेटा दर्ज न करें।
- केवल आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें: एयर सुविधा 2.0 नियमों अथवा प्रक्रियाओं में किसी भी नए बदलाव या जानकारी के लिए केवल सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्तियों और आधिकारिक सूचनाओं को ही सच मानें।



















