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महाराष्ट्र में मराठी परीक्षा की समय सीमा समाप्त, 7750 ऑटो और टैक्सी चालक हुए असफलमहाराष्ट्र
17 अग॰ 2026, 10:02 am (2 घंटे पहले)· 2

महाराष्ट्र में मराठी परीक्षा की समय सीमा समाप्त, 7750 ऑटो और टैक्सी चालक हुए असफल

महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी सीखने की समय सीमा खत्म हो गई है। परीक्षा में 7,750 चालक फेल हो गए हैं और उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी, जबकि हजारों अन्य का प्रशिक्षण अभी बाकी है।

महाराष्ट्र में सार्वजनिक परिवहन चालकों के लिए भाषा दक्षता को लेकर तय की गई समय सीमा आधिकारिक रूप से समाप्त हो चुकी है। राज्यभर में ऑटोरिक्शा और टैक्सी चलाने वाले हजारों लोग इस अनिवार्य परीक्षा में सफल नहीं हो पाए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस प्रक्रिया के तहत 7,750 चालक मराठी भाषा की परीक्षा में फेल हो गए हैं। इन सभी चालकों को अब इस कठिन परीक्षा में पास होने के लिए एक बार फिर से प्रयास करना होगा और इसके लिए उन्हें दोबारा परीक्षा से गुजरना होगा।

हजारों चालकों का प्रशिक्षण अभी भी लंबित

परिवहन विभाग से जुड़े एक जिम्मेदार अधिकारी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि करीब 17,427 चालक ऐसे हैं जो अभी अपना प्रशिक्षण पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। अगर भौगोलिक स्थिति की बात करें तो मुंबई क्षेत्र में सबसे अधिक 9,196 चालकों का प्रशिक्षण अभी लंबित चल रहा है। इसके अलावा ठाणे में 4,871 चालकों, नवी मुंबई में 1,400 चालकों और पालघर में 350 चालकों का प्रशिक्षण कार्य अभी पूरा होना बाकी है। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी 1,610 चालकों का प्रशिक्षण लंबित सूची में शामिल है। राज्य सरकार द्वारा इस प्रशिक्षण को पूरा करने के लिए 15 अगस्त की अंतिम तारीख तय की गई थी।

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डेढ़ लाख से अधिक चालकों ने हासिल की सफलता

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों यानी आरटीओ ने विभिन्न साहित्यिक संगठनों के साथ मिलकर इस व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन किया था। इस पहल के तहत विभाग को कुल मिलाकर लगभग 1.70 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। राहत की बात यह है कि अब तक 1.40 लाख से अधिक ऑटोरिक्शा चालकों ने अपने प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए मराठी दक्षता परीक्षा को पास कर लिया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक कुल 165,600 आवेदनों में से अब तक 140,423 चालकों ने परीक्षा में सफलता हासिल कर ली है।

दोबारा परीक्षा से पहले लेना होगा अतिरिक्त प्रशिक्षण

संबंधित अधिकारियों का कहना है कि जो 7,750 चालक इस प्रारंभिक परीक्षा में असफल घोषित किए गए हैं, उन्हें एक बार फिर से परीक्षा में बैठने से पहले अतिरिक्त प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही वे 17,427 चालक जो 15 अगस्त की तय समय सीमा के भीतर अपना प्रशिक्षण पूरा नहीं कर पाए थे, वे भी अपनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इन सभी बचे हुए चालकों के प्रशिक्षण सत्र आगामी एक से दो सप्ताह के भीतर पूरी तरह से संपन्न हो जाएंगे।

अनिवार्य भाषा नियम के तहत शुरू हुई थी पहल

यह पूरी मराठी भाषा प्रशिक्षण पहल राज्य सरकार के उस महत्वपूर्ण फैसले के बाद अमल में लाई गई थी, जिसमें ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए बुनियादी मराठी भाषा का ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया गया था। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सार्वजनिक वाहन चलाने वाले लोग स्थानीय यात्रियों के साथ आसानी से संवाद स्थापित कर सकें और किसी प्रकार की भाषाई परेशानी का सामना न करना पड़े।

सवाल-जवाब

महाराष्ट्र में मराठी परीक्षा में कितने ऑटो चालक फेल हुए हैं?
महाराष्ट्र में मराठी भाषा की परीक्षा में कुल 7,750 ऑटो चालक फेल हुए हैं।
प्रशिक्षण पूरा करने की आधिकारिक अंतिम तारीख क्या थी?
मराठी भाषा का प्रशिक्षण पूरा करने की आधिकारिक अंतिम तारीख 15 अगस्त थी।
कितने चालकों ने अब तक परीक्षा पास कर ली है?
अब तक 1.40 लाख से अधिक ऑटोरिक्शा चालकों ने प्रशिक्षण पूरा कर मराठी दक्षता परीक्षा पास कर ली है।
किस शहर में सबसे अधिक चालकों का प्रशिक्षण लंबित है?
मुंबई में सबसे ज्यादा 9,196 चालकों का प्रशिक्षण लंबित है।
परीक्षा में असफल चालकों को अब क्या करना होगा?
परीक्षा में फेल हुए चालकों को दोबारा परीक्षा देने से पहले अतिरिक्त प्रशिक्षण लेना होगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·16 मिनट पहले

सार्वजनिक परिवहन में भाषा की अनिवार्यता का यह आर्थिक प्रभाव भी है कि हजारों चालकों का प्रशिक्षण लंबित रहने और 7,750 के फेल होने से उनकी आजीविका और दैनिक परिचालन पर अस्थायी संकट आ सकता है। परिवहन विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि अतिरिक्त प्रशिक्षण और दोबारा परीक्षा का यह चक्र जल्द पूरा हो ताकि व्यावसायिक बाधाएं न्यूनतम रहें।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·16 मिनट पहले

अंक ज्योतिषीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण से देखें तो 7,750 चालकों का असफल होना और 17,400 से अधिक का लंबित रहना किसी भी व्यवस्था के लिए एक बड़ा दबाव बिंदु है। जब इतने बड़े पैमाने पर लोग प्रशासनिक और भाषाई बाधाओं के कारण अपने काम से अस्थायी रूप से दूर होते हैं, तो यह सीधे तौर पर उनके पारिवारिक और आर्थिक संतुलन को प्रभावित करता है। अंकों की दृष्टि से यह संघर्ष का समय है, लेकिन यदि परिवहन विभाग निर्धारित समय में अतिरिक्त प्रशिक्षण और पुनर्परीक्षा की प्रक्रिया को पूरा कर ले, तो यह संकट जल्द ही स्थिरता में बदल सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

सार्वजनिक परिवहन में स्थानीय भाषा की अनिवार्यता का यह कदम भाषाई सुगमता और संवादहीनता की खाई को पाटने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक प्रयास है। हालांकि, 7,750 चालकों का फेल होना और हजारों का प्रशिक्षण लंबित रहना यह दर्शाता है कि ज़मीनी स्तर पर इसे लागू करने में व्यावहारिक चुनौतियाँ हैं। आगामी हफ्तों में होने वाली री-टेस्ट और लंबित प्रशिक्षणों के नतीजे यह तय करेंगे कि बिना आजीविका को बाधित किए इस नियम को कितनी सफलता से अमलीजामा पहनाया जाता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

परिवहन सुरक्षा और अनुपालन के लिहाज से यह प्रशासनिक कदम महत्वपूर्ण है, लेकिन असफल चालकों पर दोबारा परीक्षा का दबाव उनकी आजीविका और मानसिक तनाव को बढ़ा सकता है। यह देखना अहम होगा कि प्रशासन बिना किसी बड़े गतिरोध के इन बचे हुए मामलों को कैसे निपटाता है।

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