पश्चिमी अरब सागर में भारत और पाकिस्तान के नौसैनिक जहाजों के बीच हुई टक्कर के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच राजनयिक मोर्चे पर तनाव गहरा गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस टक्कर को लेकर पाकिस्तान द्वारा दी गई सफाई को पूरी तरह से नामंजूर कर दिया है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान का स्पष्टीकरण वास्तविक सच्चाई को दबाने की एक नाकाम कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है। भारत ने जोर देकर कहा है कि पाकिस्तानी युद्धपोत ने समुद्र में जहाजों की सुरक्षा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय दिशा-निर्देशों की खुली अवहेलना की थी। पाकिस्तान भले ही खुद को निर्दोष दिखाने का प्रयास कर रहा हो, लेकिन भारत ने उसके सभी दावों की पोल खोलते हुए अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।
राजनयिक गतिरोध और विदेश मंत्रालय का कड़ा जवाब
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस घटनाक्रम पर पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि भारत ने इस घटना के विरोध में पाकिस्तान के समक्ष अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके जवाब में पड़ोसी देश ने हमेशा की तरह टालमटोल वाला रवैया अपनाया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने अपने द्वारा दर्ज कराए गए विरोध पर पाकिस्तान का जवाब देखा है, और यह उम्मीद के मुताबिक ही टालमटोल से भरा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि भारत इस जवाब में लगाए गए सभी तरह के आरोपों और आक्षेपों को सिरे से खारिज करता है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब दोनों जहाजों की टक्कर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया, जिसने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना की गैर-पेशेवर हरकत
भारत सरकार ने इस घटना से जुड़े वास्तविक तथ्यों को दुनिया के सामने रखते हुए स्पष्ट किया है कि भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS कोलकाता पश्चिमी अरब सागर में एक नियमित सुरक्षा मिशन पर तैनात था। इसी तैनाती के दौरान, पाकिस्तानी नौसेना के युद्धपोत PNS हुनैन ने समुद्र के बीच बेहद असुरक्षित और गैर-पेशेवर तरीके से अपना जहाज चलाया। पाकिस्तानी युद्धपोत द्वारा की गई इस खतरनाक लापरवाही के कारण ही दोनों देशों के जहाज एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए और उनके बीच टक्कर हो गई। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमाओं में सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
द्विपक्षीय सैन्य समझौते और COLREGs नियमों का घोर उल्लंघन
विदेश मंत्रालय के अनुसार, PNS हुनैन द्वारा किए गए खतरनाक ओवरटेकिंग के प्रयास ने दोनों देशों के बीच बने पुराने समझौतों को तोड़ा है। यह हरकत अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य अभ्यासों, सैन्य गतिविधियों और सैनिकों की आवाजाही की पूर्व सूचना को लेकर हुए समझौते के अनुच्छेद 10 का स्पष्ट उल्लंघन थी। इस अनुच्छेद में यह साफ तौर पर दर्ज है कि दोनों देशों की नौसैनिक इकाइयों को समुद्र में एक-दूसरे से कम से कम 3 नॉटिकल मील की सुरक्षित दूरी बनाकर रखनी चाहिए। इसके साथ ही, पाकिस्तानी जहाज ने समुद्र में जहाजों के टकराव को रोकने के लिए बनाए गए वैश्विक नियमों (COLREGs) का भी खुलेआम उल्लंघन किया।
INS कोलकाता की सुरक्षा और भारत की सख्त हिदायत
इस टक्कर के बाद भारतीय नौसेना के लिए संतोषजनक बात यह रही कि युद्धपोत INS कोलकाता को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है। यह युद्धपोत पूरी तरह सुरक्षित है और अरब सागर में अपनी निर्धारित समुद्री तैनाती पर लगातार काम कर रहा है। हालांकि, भारत ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए पाकिस्तान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। भारत ने कहा है कि भविष्य में ऐसी खतरनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए पाकिस्तान को अपनी सभी सैन्य इकाइयों को सतर्क रहने और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पूरी तरह सम्मान करने के निर्देश देने चाहिए।













