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मिजोरम की राजधानी आइजोल में लागू हुआ कचरा प्रबंधन का नया नियम, चार श्रेणियों में अलग किया जाएगा वेस्टमिजोरम
18 सित॰ 2026, 4:43 pm (16 मिनट पहले)· 0

मिजोरम की राजधानी आइजोल में लागू हुआ कचरा प्रबंधन का नया नियम, चार श्रेणियों में अलग किया जाएगा वेस्ट

आइजोल में ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करने और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए चार-श्रेणी (फोर-स्ट्रीम) कचरा संग्रहण प्रणाली शुरू की गई है।

मिजोरम की राजधानी आइजोल में ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करने और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए कचरा संग्रहण और वर्गीकरण की एक नई प्रणाली शुरू की गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को जानकारी दी कि शहर में अब कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में इकट्ठा किया जाएगा। इस पहल से शहर में कचरा निपटान प्रणाली में काफी सुधार होने की उम्मीद है।

कचरे के वर्गीकरण की नई श्रेणियां

इस नई प्रणाली के तहत घरों और अन्य जगहों से निकलने वाले कचरे को चार श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। इनमें वेट वेस्ट (गीला कचरा), ड्राय वेस्ट (सूखा कचरा), सैनिटरी वेस्ट और स्पेशल-केयर वेस्ट शामिल हैं। वेट वेस्ट के अंतर्गत जैविक रूप से नष्ट होने वाले (बायोडीग्रेडेबल) कचरे को रखा जाएगा, जबकि ड्राय वेस्ट में गैर-बायोडीग्रेडेबल और रीसायकल करने योग्य वस्तुएं शामिल होंगी।

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सैनिटरी वेस्ट में ऐसे गैर-बायोडीग्रेडेबल पदार्थ शामिल हैं जिन्हें बहुत सावधानी से संभालने की आवश्यकता होती है। वहीं, स्पेशल-केयर वेस्ट का संबंध उन सामग्रियों से है जो मानव स्वास्थ्य या पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक श्रेणी के कचरे को अलग-अलग बर्तनों या डिब्बों में इकट्ठा किया जाएगा और उनका परिवहन, प्रसंस्करण तथा निपटान भी पूरी तरह स्वतंत्र रूप से किया जाएगा।

पुरानी दो-श्रेणी प्रणाली से बदलाव

इससे पहले आइजोल में कचरा प्रबंधन के लिए केवल दो-श्रेणी (टू-स्ट्रीम) प्रणाली का पालन किया जा रहा था। उस व्यवस्था के तहत कचरे को केवल वेट वेस्ट (बायोडीग्रेडेबल सामग्री) और ड्राय वेस्ट (गैर-बायोडीग्रेडेबल और रीसायकल होने योग्य वस्तुएं) में विभाजित किया जाता था। इस नई और अधिक विस्तृत प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ गुरुवार को थुआमपुई स्थित आइजोल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) के सभागार में किया गया। इस अवसर पर मिजोरम के शहरी विकास और गरीबी उन्मूलन मंत्री के सपडंगा और मुख्य सचिव खिल्ली राम मीणा विशेष रूप से उपस्थित थे।

नियमों का अनुपालन और प्रारंभिक कार्यान्वयन

यह नई पहल सॉलिड वेस्ट Management Rules, 2026 के प्रावधानों के अनुरूप शुरू की गई है। शुरुआती चरण में इसे आइजोल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) के कुल 19 वार्डों में से केवल 7 वार्डों में लागू किया गया है। आने वाले समय में इसका विस्तार अन्य वार्डों में भी किया जाएगा।

उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री के सपडंगा ने विकास के एक महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में स्वच्छता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस नई कचरा प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह सफल बनाने के लिए स्थानीय निवासियों, सामुदायिक संगठनों और चर्चों से सहयोग करने की अपील की।

नागरिक जिम्मेदारी और कचरे से कमाई

मंत्री ने अपने संबोधन में आगे कहा कि आइजोल को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में से एक के रूप में मान्यता मिली हुई है। उन्होंने AMC के पार्षदों और अधिकारियों से आग्रह किया कि वे जनता की निरंतर भागीदारी के माध्यम से शहर की इस अच्छी साख को बनाए रखने का प्रयास करें। उन्होंने मिजो समाज के पारंपरिक मूल्य 'त्लौमंगैहना' का भी उल्लेख किया, जो निस्वार्थता और स्वैच्छिक सेवा की भावना को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि नागरिक जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करने के लिए यह मूल्य बेहद महत्वपूर्ण है।

इस दौरान AMC की असिस्टेंट आर्किटेक्ट वेरोनिका वनलालरियाता ने बताया कि आइजोल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने पिछले दो वर्षों में शहर भर से एकत्र किए गए बायोडीग्रेडेबल कचरे से 464.395 टन जैविक खाद (कम्पोस्ट) का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि इस पहल से स्थानीय प्रशासन को 26 लाख रुपये से अधिक का राजस्व भी प्राप्त हुआ है।

सवाल-जवाब

आइजोल में शुरू की गई नई कचरा प्रबंधन प्रणाली क्या है?
आइजोल ने चार-श्रेणी कचरा संग्रहण प्रणाली अपनाई है, जिसके तहत कचरे को वेट (गीला), ड्राय (सूखा), सैनिटरी और स्पेशल-केयर वेस्ट में वर्गीकृत किया जाएगा।
शहर में कचरा संग्रहण की पिछली प्रणाली क्या थी?
इससे पहले आइजोल में दो-श्रेणी प्रणाली लागू थी, जिसके तहत कचरे को केवल गीले (बायोडीग्रेडेबल) और सूखे (गैर-बायोडीग्रेडेबल) कचरे में विभाजित किया जाता था।
यह नई प्रणाली किन नियमों के तहत शुरू की गई है?
यह चार-श्रेणी कचरा प्रबंधन पहल सॉलिड वेस्ट Management Rules, 2026 के अनुपालन में शुरू की गई है।
शुरुआती चरण में यह प्रणाली कितने वार्डों में लागू की जा रही है?
नई प्रणाली को शुरू में आइजोल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कुल 19 वार्डों में से 7 वार्डों में लागू किया गया है।
आइजोल ने अब तक कितनी जैविक खाद बनाई है और इससे कितना राजस्व मिला है?
पिछले दो वर्षों में नगर निगम ने 464.395 टन कम्पोस्ट (जैविक खाद) का उत्पादन किया है, जिससे 26 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।
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